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शुक्रवार, 22 दिसंबर 2017

बालों का गिरना,झड़ना, कारण और पक्का उपचार-Hair loss, loss, causes and treatments for sure

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teg --बालों का गिरना,झड़ना, कारण और पक्का उपचार-Hair loss, loss, causes and treatments for sure
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सर से गायब होती घने, काले और चमकदार बालों कीफसल सभी के लिए परेशानी का सबब होती है, चाहे वो पुरुष हों या फिर स्त्री। हालांकि कुछ बायलॉजिकल कारणों से स्त्रियां उस तरह बाल नहीं खो सकतीं जिस प्रकार पुरुष खोते हैं लेकिन बालों का झड़ना स्त्रियों के लिए भी उतना ही यंत्रणादायक होता है।बहरहाल, एक अध्ययन के दौरान यह बात सामने आई है कि पुरुषों में गंजेपन का कारण अक्सर जेनेटिक होता है यानी कि आनुवांशिक तौर पर भी आपको यह परेशानी विरासत में मिल सकती है, जबकि स्त्रियों में बाल झड़ने के पीछे मुख्य कारण तनाव या मानसिक परेशानी होती है।NDअध्ययन के अनुसार वे स्त्रियां जिनका वैवाहिक जीवनतनावभरा होता है, जो असमय अपने पति या किसी अपने को खो देती हैं या फिर जो तलाक जैसी स्थिति से गुजर रहीहोती हैं, उनके सर के बीच वाले हिस्से यानी मांग या पार्टिंग से बालों का झड़ना आम बात होती है। वे स्त्रियां अन्य स्त्रियों की तुलना में ज्यादा आसानी से मिडलाइनहेयर लॉसका शिकार बन जाती हैं।इसके अलावा धूम्रपान, डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर तथाज्यादा बच्चों या ज्यादा आमदनी से उपजा स्ट्रेस (तनाव) भी महिलाओं में बालों के झड़ने का कारण बन सकता है। इनकी तुलना में वे महिलाएं जो स्कॉर्फ, हैट या अन्य तरीकों से बालों को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाती हैं, जिनका वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा है तथा जो सामान्य मात्रा में कॉफी पीती हैं उनके बाल कम झड़ते हैं।वहीं पुरुषों में हाई ब्लडप्रेशर, टेस्टोस्टेरॉन का हाई लेवल, सूरज की किरणों से ज्यादा सामना, डैंड्रफ, अत्यधिक मद्यपान आदि भी गंजेपन का कारण बनसकते हैं। तो अपने स्ट्रेस को सही तरीके से मैनेज करके आप बालों का झड़ना काफी हद तक कम कर सकती हैं।
साधारणतः त्वचा विशेषज्ञ यह कहते हैं कि 50 से 100 बालों का झड़ना आम बात है। लेकिन जब यह संख्या बढ़ जाती है और आपके बाल पतले होने लगते हैं और गंजा हो जाने की नौबत आ जाती हैं तब उस अवस्था को एलोपीशीआ (alopecia) कहते हैं।
आजकल लोग खराब जीवनशैली, खान-पान, प्रदूषित वातावरण, हार्मोनल के बदलाव आदि के कारण कम उम्र में ही इस बीमारी का शिकार हो जाते हैं। इस अवस्था में बाल झड़ने का कारण खोजने में समय न गँवाकर कुछ घरेलु उपायों के द्वारा इस समस्या से कुछ हद तक राहत पा सकते है-
1.नारियल
बालों के देखरेख के मामले में नारियल के तेल से अच्छा दूसरा कोई विकल्प हो ही नहीं सकता है। नारियल के दूध में प्रोटीन, फैट, मिनरलों में पोटाशियम और आयरन होता है जो बालों को झड़ने से रोकता है। नारियल के तेल में भी यही गुण होता है जो बालों को सिरों से लेकर जड़ों तक मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ बालों को झड़ने से रोकता है।
विधि-
नारियल को पीसकर दूध निकालकर उसमें थोड़ा-सा पानी मिला लें। जहाँ पर बाल पतले हो रहे हैं या गंजे होने के आसार दिख रहें है उस जगह पर इस दूध से मालिश करें। रात भर यूं ही रहने दें और अगले सुबह पानी से धो लें।
2.हिना
भारत में बालों को रंगने और कन्डिशनर के रूप में इस्तेमाल (conditioner) करने के लिए आम तौर पर हिना का ही इस्तेमाल किया जाता है। हिना को जब सरसों के तेल के साथ मिलाकर बालों में लगाया जाता है तो यह बालों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ बालों को झड़ने से रोकते हैं।
• एक कटोरी में 250 एम.एल. सरसों का तेल लें और उसमें 60 ग्राम सूखा और साफ किया हुआ मेंहदी का पत्ते डालकर पत्तियों के पूरा जलने तक उबालें और फिर सूती कपड़े में इस मिश्रण को छान लें। ठंडा होने के बाद हवाबंद जार में इस तेल को डालकर रख दें। नियमित रूप से इस तेल को बालों में लगायें।
• एक कप हिना पावडर को एक कप दही में डालकर अच्छी तरह से मिला लें। बालों में इस मिश्रण को लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें। उसके बाद पानी से धोने के बाद माइल्ड शैंपू से बालों को धो लें।
3.जपाकुसुम (hibiscus)
केरल के स्त्रियों के काले घने बालों का राज नारियल का तेल और जपाकुसुम होता है। यह बालों को पौष्टिकता प्रदान करने के साथ-साथ रूसी के समस्या से भी राहत दिलाने में मदद करता है। जपाकुसुम फूल का नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर बाल झड़ना कम हो जाते हैं।
विधि-
जपाकुसुम के कुछ फूलों को पीसकर नारियल के तेल में डालकर अच्छी तरह से मिला लें। इस पेस्ट को सर पर और बालों में अच्छी तरह से लगाकर कुछ घंटों के लिए यूं ही छोड़ दें। फिर बालों को पानी से धोने के बाद माइल्ड शैंपू से साफ कर लें।
4.आंवला
बालों की झड़ने की समस्या के निदान के लिए आंवला सबसे अच्छे उपचार के रूप में काम करता है। क्योंकि इसमें विटामिन सी और एन्टी ऑक्सिडेंट्स (antioxidant) प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसको इस्तेमाल तो कर ही सकते हैं साथ ही इसका नियमित रूप से सेवन करने पर भी लाभ मिलता है।
विधि-
आंवला के फल को पीस लें या आंवला पावडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। एक कटोरी में दो छोटा चम्मच आंवला का जूस या पावडर लें और उसमें दो छोटा चम्मच नींबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिला लें। उसके बाद उस पेस्ट को सिर पर अच्छी तरह से लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद गुनगुने गर्म पानी से बालों को धो लें।
5.अंडा
सल्फर का दूसरा अच्छा स्रोत अंडा होता है जिसमें प्रोटीन और मिनरल के साथ आयोडिन, फॉस्फोरस, आयरन और जिन्क होता है जो बालों के विकास के बहुत ज़रूरी होता है। ऑलिव ऑयल के साथ मिलाने पर यह और भी प्रभावकारी हो जाता है।
विधि-
एक कटोरी में एक अंडे की सफेदी लें और उसमें एक छोटा चम्मच ऑलिव ऑयल डालकर अच्छी तरह फेंटकर मिला लें। इस मिश्रण को सिर पर और बालों में अच्छी तरह से लगाकर पंद्रह से बीस मिनट के लिए सूखने के लिए छोड़ दें। उसके बाद पानी से बालों को धोने के बाद माइल्ड शैंपू से साफ कर लें।
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गुरुवार, 21 दिसंबर 2017

मुंह से दुर्गन्ध बदबू का कारगर इलाज ,The effective treatment of mouth deodorant

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teg- Desi Treatment for Mouth Odor-Desi Treatment for Mouth Odor-मुँह की दुर्गन्ध दूर करने के उपाय-मुँह की दुर्गन्ध का इलाज-मुंह की बदबू-सांसों की बदबू-मुह की बदबू का इलाज-मुंह से बदबू आना-बदबू in english-दांतो का पीलापन
जिस व्यक्ति के मुंह से बदबू आती है. उसके साथ रहना तथा उससे बात करना कोई भी पसंद नही करता. सभी उससे दूर भागते है. कभी – कभी मुंह की बदबू की वजह से ही कई जगह पर शर्मिंदा भी होना पड़ता है. लेकिन अब चिंता करने की कोई आवश्यकता नही है. कुछ घरेलू उपचारों को अपनाकर आप अपने मुंह की बदबू से राहत पा सकते है.
 मुंह से दुर्गन्ध बदबू का कारगर इलाज ,The effective treatment of mouth deodorant मुंह से दुर्गन्ध का कारगर इलाज ,The effective treatment of mouth deodorant,मुह की बदबू - Desi Treatment for Mouth Odor-Desi Treatment for Mouth Odor-मुँह की दुर्गन्ध दूर करने के उपाय-मुँह की दुर्गन्ध का इलाज-मुंह की बदबू-सांसों की बदबू-मुह की बदबू का इलाज-मुंह से बदबू आना-बदबू in english-दांतो का पीलापनकब्ज भी मुंह की दुर्गंध का कारण हो सकती है. इसके अलावा दांतों की सड़न, पायरिया या फिर दांतों और मसूड़ों की किसी बीमारी के चलते भी मुंह से बदबू आ सकती है. किसी भी उपाय को करने से पहले ये सबसे जरूरी है कि आप अपने दांतों को दिन में दो बार अच्छी तरह ब्रश करके साफ करे. टंग क्लीनर से जीभ को साफ करना भी जरूरी है.  मुंह की दुर्गंध मुंह से बदबू आने का कारण सांसों की बदबू पेट की बदब सांस की दुर्गंध बदबू आती रहती मुंह से बदबू आने के कारण और उपाय मुख की दुर्गन्ध दूर करने का उपाय


1.       मुंह से दुर्गन्ध आने पर जामुन के पत्ते तथा तुलसी के पत्तो का प्रयोग किया जा सकता है. 4 या 5 जामुन के हरे पत्ते तथा 3 या चार तुलसी के पत्तो को ले. इन दोनों को मुंह में डालकर धीरे – धीरे चबाये. आपके मुंह से बदबू  नही आएगी.
2.       मुंह से बदबू आने पर सूखे हुए धनिये का भी प्रयोग किया जाता है. मुंह की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए रोजाना थोडा सुखा धनिया चबाये.
3.       मुंह से दुर्गन्ध आने पर दांतों की अच्छे से सफाई करनी चाहिए. मुंह की बदबू को दूर करने के लिए नीम की दातुन करना चाहिए. मुंह की बदबू को दूर करने के लिए बबूल की दातुन  को भी किया जा सकता है.
4.       मुंह की दुर्गन्ध को खत्म करने के लिए खाने के बाद सौंफ को खूब चबा – चबा कर खाने से मुंह की बदबू दूर हो जाती है. सौंफ को खाने से गले को ठंडक मिलती है.
5.       मुंह की बदबू को दूर करने के लिए एक गिलास पानी को गरम कर ले. अब पानी में 2 चम्मच नींबू का रस मिलकर थोडा गुनगुने पानी से सुबह और शाम को कुल्ला करे. कुछ ही दिनों में मुंह की बदबू दूर हो जाएगी.
6.       मुंह की बदबू को खत्म करने के लिए मुलैठी और छोटी इलायची का भी उपयोग किया जा सकता है. मुंह की दुर्गन्ध को दूर करेने के लिए रोजाना थोड़ी सी मुलैठी और 2 या तीन छोटी इलायची को चबाये.

7.       मुंह की बदबू को दूर करने के लिए अनार के पेड़ की छाल का प्रयोग भी किया जा सकता है.इसके लिए अनार के पेड़ की छाल को ले. एक बर्तन में थोडा पानी गरम करे और उसमे अनार के पेड़ की छाल को डाल दे. अब पानी को थोड़ी देर उबाल ले. पानी को उबालकर थोडा ठंडा  करने के बाद छान ले. इस पानी को मुंह में थोड़ी देर तक रख कर गरारे करे. मुंह से दुर्गन्ध आना बंद हो जाएगी.
8.       मुंह से दुर्गन्ध आने का एक कारण पानी न पीना भी है. शरीर में पानी की मात्रा में कमी आने के कारण भी मुंह से बदबू आती है. इसलिए अगर आपके मुंह से बदबू आती है तो खूब पानी पीये. आपके मुंह से दुर्गन्ध आना बंद हो जाएगी.
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गुरुवार, 14 दिसंबर 2017

मर्दों में सब से ज्यादा होने वाले गुप्त रोग जानकारी -Most of all the information secret disease in men -

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मर्दों में सब से ज्यादा होने वाले गुप्त रोग जानकारी -Most of all the information secret disease in men  मर्दों के प्रमुख यौन रोग , कारण , लक्षण एवं निवारण Men's top sexual dysfunction, causes, symptoms and prevention,स्वपनदोष ( Night emission ) ,धातुक्षीनता ( Spermatorrhea),शीध्रपतन ( Premature ejaculation ), नपुंसकता ( Empotency ),विसर्प ( Syphilis , सुजाक ( Geonorhoea )-मर्दों में सब से ज्यादा होने वाले गुप्त रोग जानकारी -Most of all the information secret disease in men -गुप्त रोगों का आयुर्वेदिक इलाज गुप्त रोगी निराश क्यों गुप्त रोगों का इलाज इन हिंदी गुप्त रोगाची लक्षणे gupt rog doctor gupt rog in hindi gupt rog medicine hindi धातु रोग का देसी इलाज-

स्वपनदोष ( Night emission 

स्वपन मेँ किसी के साथ रति क्रिया करते हुए वीर्यपात का होना । कारण जिन्होँने 12-17 वर्ष अर्थात्‌ Teens के समय मेँ अपने हाथोँ से वीर्यवाहक नली Spermatic cord को आघात पहुचाया हो और अपनी वीर्य नष्ट किया हो , जिनके विचार गंदे है । लेकिन समय पर ध्यान न रखा गया तो यही रोग बढ़कर गहरी नीँद मेँ वीर्यपात होकर ऐसे व्यक्ति को सुबह ज्ञात होता है कि रात मेँ क्या हुआ था । केवल सुबह मेँ वीर्य लगा था । स्वपनदोष को माह मे 1 से 2 बार होना चिँताजनक नहीँ परंतु अधिक होने पर शरीर खोखला हो जाता है । लक्षण कमर मेँ दर्द , सिर चकराना , दिल ज्यादा धड़कना , किसी काम मेँ मन न लगना , लिखते-पढ़ते आँखोँ के नीचे अँधेरा आना , पढ़ा लिका याद न रहना इत्यादि ।

धातुक्षीनता ( Spermatorrhea)

 पैखाना या पेशाब के समय लसदार धातु निकलना का नाम है शुक्रमेह या धातुक्षीनता । कारण स्वपनदोष और कब्ज लक्षण मल-मुत्र त्यागते समय थोड़ा ज्यादा जोड़ लगाने से वीर्य निकलने लगता है । हस्त-मैथुन स्त्रियोँ के दर्शन से ही वीर्य पतन होने लगता है । रोग बढ़ने पर मन मेँ बेचैनी , सलज्जा भाव स्मृति की हानी , निरुतसाह , शारीरिक कमजोरी , भुख की कमी , कब्ज , पेट फुलना , छाती धड़कन , सिर दर्द , अक्स्मात खड़ा होने पर अंधकार दिखाई देना , आँख के चारो ओर काले दाग , स्वपनदोष एवं शीध्रपतन आदि । फिर भी रोगी को पता नहीँ चलता कि मुझे क्या हुआ है , अंत मेँ मर्दाना शक्ति चला जाता है । पुरुष-स्त्री संभोग से हाथ धो बैठता है , औलाद का मुह देखना नसीब नहीँ होता । पुरुष स्त्री को कभी भी संतुष्ट नही कर पाता रोगी दिन-प्रतिदिन कमजोर होता जाता है ।

 शीध्रपतन ( Premature ejaculation )

 संभोग के समय वीर्य शीध्र निकल जाने को शीध्रपतन कहते है । जिस प्रकार पानी से भरी बोतल को उलटने से जल्द गिर जता है , उसी प्रकार गाढ़ी शहद के बोतल को उलटने से जल्द न गिरता है वही दशा वीर्य का है । वीर्य पतला होने पर शीध्र निकलता परंतु गाढ़ा वीर्य जल्द नही निकलता । शीध्रपतन के रोगी संभोग मेँ सदा असफल रहता है । नोट : इस रोग मेँ अफीम , नशीली दवाये या पदार्थ सेवन से बचना चाहिए । इस रोग का व्यक्ति संभोग करने की इच्छा होती है पर लिँग मेँ भी उत्तेजना आती है परंतु अकारण वीर्यपात हो जाता है । शीध्रपतन रोग पुरुष को शर्मिँदा करने वाला रोग है । स्त्री के ह्रदय से नफरत उत्पन्न कर देने वाली बिमारी से छुटकारा न मिलने पर पुरुष सदा स्त्री के नजर मेँ गिर जाता है । स्त्री अपने ह्रदय ठंडा करने के लिए रिस्तेदारोँ , पड़ोँसियोँ आदि से कामेच्छ पूरी करने के लिए संभोग करवाती है । जिसका परिणाम धन , धर्म , इज्जत सभी नष्ट होता है । रोगी शर्म के मारे मौत को अधिक पसंद करने लगता है । इलाज स्वपनदोष , धातुक्षीनता एवं शीध्रपतन का एक इलाज कि प्रात:काल बरगद के वृक्ष के निचे जाएँ और एक बताशे मेँ 10 बुँदे बरगद का दुध रख कर 3 महिने तक खायेँ । और ब्रह्मचर्य का पालन करेँ तथा इलाज शुरु के 1 शाल तक वीर्यपात न करेँ । ब्रह्मचर्य हमारे अन्य नोट मेँ विस्तार से दिया गया है ।

 नपुंसकता ( Empotency )

 पुरुष जब संभोग क्रिया मेँ स्त्री को पूर्णरूप से संतुष्ट नहीँ कर सकेँ वीर्य मेँ शुक्रकीट का अभाव जो संतान पैदा न कर सके उसे नपुंसकता कहते है । इससे औरत अपना वासना की तृप्ति के लिए गलत मार्ग पर चल पड़ती है । सुखी दाम्पत्य जीवन तथा गृहस्थ जीवन बर्बाद हो जाता है । दवा आयुर्वेदिक "पावरफुल" (Powerful) का सेवन करेँ । सिफलिस , गर्मी , आतशक , 

विसर्प ( Syphilis )

 यह रोग अत्यन्त भयानक रोगोँ मेँ एक है वैश्याओँ के साथ संभोग करने से होता है । इस रोग मेँ संभोग के कुछ दिन बाद इन्द्री पर छोटी फुन्सि पैदा हो जाती है । जो जल्द ही फैलकर जख्म बन जाती है इसका प्रथम भाव मामूली होता है लेकिन इलाज मेँ लापरवाही की जाएँ तो यह रोग पुश्तोँ तक पिछा नहीँ छोड़ती । इसकी प्रथम धाव केवल इन्द्री पर होते है और दूसरी श्रेणी मेँ शरीर पर काले दाग तथा ताँबे के रंग की फुन्सियाँ और धीरे-धीरे धाव हो जाते हैँ । तिसरी श्रेणी मेँ आतशक का प्रभाव हड्डियोँ मेँ चला जाता है तथा नाक की अस्तियाँ गल जाती है । यदि आतशक के जीवाणु दिमाग पर आक्रमण करेँ तो रोगी अंधा हो जाता है अंत मेँ मृत्यु को प्राप्त करता है |

 सुजाक ( Geonorhoea )

 यह रोग गंदे स्त्री के साथ संभोग करने से होता है इसमेँ संभोग के कुछ दिनोँ बाद रोगी पेशाब करते समय अधिक जलन और चुभन होती हैँ कि रोगी सचमुच मेँ कठारता है और पेशाब करने मेँ धबराता है । कुछ दिनोँ बाद लिँग मेँ हर समय पीप निकलनी शुरू हो जाती है । कभी-कभी पेशाब मेँ खुन आ जाता है । ज्योँ ज्योँ यह रोग पुराना होता है , पीड़ा और जलन बढ़ती जाती है । और पीप बहता रहता है 1 यदि पीप रोगी के आँख मेँ लग जाये तो अंधा होने का डर रहता है , इसलिए यह रोग का जरा भी लक्षण दिखाई देँ , फौरन इसका उचित और पूरा इलाज करा लेना चाहिए । सिफलिस और गोनोरिया एवं नपुंसकता का इलाज किसी गुप्त रोग विशेषज्ञ से करायेँ क्योकि ये घरेलु इलाज के लिए नही है । 
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शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017

चमड़ी ,त्वचा के रोग , कारण लक्षण ,और इलाज- Skin diseases, symptoms, and treatment

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चमड़ी ,त्वचा के रोग , कारण लक्षण ,और इलाज- Skin diseases, symptoms, and treatment
चर्म रोग बेहद गंभीर रोग है जिसमें त्वचा में दाद के काले निशान पड़ जाते हैं। इसे एक्जिमा भी कहा जाता है। इस रोग में त्वचा पर खुजली, दर्द और जलन होती रहती है। आखिर क्यों होता है 
चमड़ी ,त्वचा के रोग , कारण लक्षण ,और इलाज- Skin diseases, symptoms, and treatment त्वचा के रोग , कारण लक्षण ,और इलाज\ Skin diseases, symptoms, and treatment,चर्म रोग के कारण,चर्म रोग के लक्षणचर्म रोग के उपचार,अलसी के इस्तेमाल से भी चर्म रोग ठीक होता है। अलसी में मौजूद ओमेगा थ्री एसिड शरीर के पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है जिससे चर्म रोग में आराम मिलता है। अलसी के तेल की 1 से 2 चम्मच का सेवन करें। चर्म रोग कष्टदायी रोग है जिसका समय रहते उपचार कराना जरूरी है। क्योंकि यह धीरे-धीर सारे शरीर में फैल जाता है और रोगी को बेहद परेशानी होती है। इन उपायों के जरिए आप चर्म रोग यानि एक्जिमा से मुक्ति पा सकते हो। यदि एक्जिमा बेहद गंभीर हो तो चिकित्सक को दिखाने में देर न करें। त्वचा रोगों की सूची चर्म रोग की दवा patanjali त्वचा रोग विशेषज्ञ चर्म रोग की अंग्रेजी दवा छाजन रोग चर्म रोग विशेषज्ञ छाल रोग चर्म रोग के कारण चर्म रोग, स्किन एलर्जी | घरेलू इलाज त्वचा रोग (Skin Desease) कारण लक्षण तथा उनके उपचार चमड़ी की एलर्जी सिहुली रोग चर्म रोग के प्रकार छाल रोग त्वचा रोगों की सूची सिहुली स्किन मेडिसिन सिहुली किस कारण से होता है सिहुली ों स्किन

चर्म रोग के कारण
1. रसायनिक चीजों का ज्यादा प्रयोग करना जैसे साबुन, चूना, सोड़ा और डिटर्जेट का अधिक इस्तेमाल करना।
2. पेट में कब्ज का अधिक समय तक होने से भी चर्म रोग होता है।
3. रक्त विकार होने की वजह से भी चर्म रोग होता है।
4. महिलाओं में मासिकधर्म की परेशानी की वजह से भी उन्हें एक्जिमा हो सकता है।
5. किसी एक्जिमा पीड़ित इसान के कपड़े पहनने से भी। यह रोग हो सकता है।

चर्म रोग के लक्षण
एक्जिमा रोग में त्वचा पर छोटे-छोटे दाने निकलने लगते हैं। और फिर ये लाल रंग में बदलने लगते हैं और इनमें खुजली होती रहती है। और खुजलाने से जलन होती है फिर ये दाग के रूप में त्वचा में फैलने लगता है। यदि सारे शरीर में एक्जिमा होता है उससे रोगी को बुखार भी आने लगता है।
चर्म रोग के उपचार
1. समुद्र के पानी से प्रतिदिन नहाने से एक्जिमा ठीक हो जाता है।
2. नमक का सेवन कम कर दें। हो सके तो कुछ समय तक नमक का सेवन बंद ही कर दें।
3. नीम के पत्तों को पानी में उबाल कर उससे रोज स्नान करें। 
4. साफ सुतरे कपड़े पहना करें।
5. खट्टे, चटपटे, और मीठी चीजों का इस्तेमाल न करें। क्योंकि ये रोग को और बढ़ाते हैं।
6. यदि चर्म रोग गीले किस्म का है तो इस पर पानी का प्रयोग न करें।
गेंदे के फूल में एंटी बैक्टीरियल के साथ एंटी वायरल तत्व होते हैं जो चर्म रोग में लाभ देता है। गेंदे की पत्तियों को पानी में अच्छे से उबाल लें और दिन में तीन बार चर्म रोग से प्रभावित जगह पर लगाएं।
अलसी के इस्तेमाल से भी चर्म रोग ठीक होता है । अलसी में मौजूद ओमेगा थ्री एसिड शरीर के पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है जिससे चर्म रोग में आराम मिलता है। अलसी के तेल की 1 से 2 चम्मच का सेवन करें।
चर्म रोग कष्टदायी रोग है जिसका समय रहते उपचार कराना जरूरी है। क्योंकि यह धीरे-धीर सारे शरीर में फैल जाता है और रोगी को बेहद परेशानी होती है। इन उपायों के जरिए आप चर्म रोग यानि एक्जिमा से मुक्ति पा सकते हो। यदि एक्जिमा बेहद गंभीर हो तो चिकित्सक को दिखाने में देर न करें।
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सोमवार, 4 दिसंबर 2017

कमजोरी,दुबलापन,पक्का उपाय-Weakness, thinness, certain measures

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दुबलापन एक ऐसी समस्या है, जिससे ग्रसित लोग अक्सर आत्मविश्वास में कमी महसूस करते हैं और हेल्थ बढ़ाने के लिए कुछ भी करने को तैयार होते हैं। अगर आप भी दुबलेपन से परेशान हैं तो निराश न हों आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के सम्मिलित प्रयासों से दुबलेपन की समस्या के कारगर उपाय खोज निकाल लिए गए हैं। ये उपाय कुछ इस तरह है ----


  • अध्वगंधा और शतावर का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर 1 से 2 चम्मच प्रतिदिन शुद्ध दूध के साथ सोने से पहले सेवन करें।

  • दूध में उबालकर प्रतिदिन 5 छुवारे यानी खारक का सेवन करें।

  • एक गिलास दूध में दो चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन सेवन करें।

  •  भोजन में सलाद, नाश्ते में अंकुरित अन्न, तथा फलों का प्रयोग प्रारंभ करें।

  •  यथा संभव नशीले पदार्थों चाय, कॉफी, गुटका-तम्बाकू, सिगरेट और शराब आदि से दूर रहें।ऊपर बताए इन प्रयोगों को यदि कोई लगातार दृढ़ संकल्पित होकर करें तो निश्चित रूप से उसे दुबलेपन और अन्य शारीरिक कमजोरियों से छुटकारा मिल जाएगा।


ऊपर बताए इन प्रयोगों को यदि कोई लगातार दृढ़ संकल्पित होकर करें तो निश्चित रूप से उसे दुबलेपन और अन्य शारीरिक कमजोरियों से छुटकारा मिल जाएगा।
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पीले दांतों से परेशान है तो मोती जैसा चमकाए पक्का तरीका-Yellow teeth like pearls shining surest way so annoying

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teg - दांत साफ करने के उपाय-दांतों का पीलापन दूर करने के उपाय-दांत सफेद करने के तरीके-दांत के कीड़े-दांतों का पीलापन कैसे दूर करे-दांतों की चमक-दांत दर्द का इलाज-दांत की सफाई

बहुत से लोग पीले दांतों के कारण लोगों के सामने हंसने से बचते हैं या मुंह पर हाथ रखकर हंसते हैं। दांत ज्यादातर उम्र के कारण, दांतों की ठीक से सफाई न होने के कारण, बहुत ज्यादा चाय या कॉफी पीने के कारण अथवा तंबाकू और सिगरेट पीने के कारण पीले हो जाते हैं।कभी कभी किसी बीमारी के कारण भी दांत पीले हो जाते हैं। आइए आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताते हैं जो आपके दांतो की सफेदी और चमक को बनाए रखेंगे।

पीले दांतों से परेशान है तो मोती जैसा चमकाए पक्का तरीका-Yellow teeth like pearls shining surest way so annoying दाँतो के पीलेपन से परेशान है तो करे ये कारगर उपाय।If the yellowing of teeth disturbed to these effective measures.दातो को चमकाना ,दांतों का इलाज, दांतों की सफाई ,सफेद और चमकते दांत -पीले दांतों से परेशान है तो मोती जैसा चमकाए पक्का तरीका-Yellow teeth like pearls shining surest way so annoying-teg - दांत साफ करने के उपाय-दांतों का पीलापन दूर करने के उपाय-दांत सफेद करने के तरीके-दांत के कीड़े-दांतों का पीलापन कैसे दूर करे-दांतों की चमक-दांत दर्द का इलाज-दांत की सफाई दांतों का पीलापन दूर करने के लिए आसान उपाय दांतों की चमक दांतों को चमकाने के उपाय दांत का पीलापन कैसे दूर करे पीले दांतों को सफेद बनाने के लिए अपनाएं ये तरीके दांतों की सफाई कैसे करे पीले दांतों को कैसे चमकाएं दांतो का पीलापन कैसे दूर करे दांत साफ करने की दवा
1. बेकिंग सोडा- (Baking Soda)
बेकिंग सोडा दांतों को सफेद बनाने का सबसे आसान तरीका है। यह दांतों से प्लाक को खत्म करके दांतों की सफेदी और चमक बनाए रखता है।
कैसे उपयोग करें
- रोज ब्रश करते समय अपने पेस्ट में थोड़ा सा बेकिंग पाउडर डालें और ब्रश करें। दांतों की सफेदी लौट आएगी।
- एक कप पानी में बेकिंग सोडा और हाइड्रोजन पर ऑक्साइड (hydrogen peroxide) मिलाकर माउथ वॉश (mouthwash) की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
2. संतरे का छिलका- (Peel of Orange)
संतरे के छिलके से रोज दांतों की सफाई करने से कुछ ही दिनों में पीले दांत चमकने लगेंगे।
कैसे उपयोग करें
- रोज रात को सोते समय संतरे के छिलके को दांतों पर रगड़ें। संतरे के छिलके में विटामिन सी (vitamin c) और कैल्शियम के साथ माइक्रोऑर्गेनिज्म (micro organism) होता है जो दांतों की मजबूती और चमक बनाए रखता है।
3. स्ट्रॉबेरी- (Strawberry)
स्ट्रॉबेरी में भी विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है जो कि दांतों को सफेद बनाने में सहायक है।
कैसे उपयोग करें
- स्ट्रॉबेरी के कुछ टुकड़ों को पीसकर, इस लेप को दांतों पर लगाकर मसाज करें। इसे दिन में दो बार करने से कुछ ही दिनों में पीले दांत सफेद होने लगते हैं।
- बेकिंग सोडा और स्ट्रॉबेरी के पल्प को मिलाकर भी दांतों पर रगड़ने से दांतों का पीलापन खत्म होता है।
4. नींबू- (Lemon)
नींबू के प्राकृतिक ब्लीचिंग (natural bleach) के गुण दांतों पर भी असर दिखाते हैं। पीले दांतों के लिए नींबू के छिलके को दांतों पर रगड़ा जा सकता है, या नींबू के पानी से गरारे भी किए जा सकते हैं।
कैसे उपयोग करें
- नींबू के साथ नमक मिलाकर दांतों की मसाज करें।
- दो हफ्तों तक रोजाना दो बार करने से दांत चमकने लगेंगे।
5. नमक- (Salt)
नमक को पुराने समय से ही दांतो की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह दांतों के खोए मिनरल्स लौटाता है जिससे दांतों का सफेद रंग बना रहता है।
कैसे उपयोग करें
- रोजाना सुबह टूथपेस्ट की तरह नमक को दांतों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। नमक को चारकोल में मिलाकर भी दांतों की सफाई की जा सकती है जिससे दांत सफेद होते हैं।
- नमक और बेकिंग पाउडर मिलाकर भी मंजन तैयार किया जा सकता है।
6. तुलसी- (Basil)
तुलसी में भी दांतों को सफेद बनाने का गुण होता है। इसके साथ ही तुलसी पायरिया आदि से भी दांतों की रक्षा करती है।
कैसे उपयोग करें
- तुलसी के पत्तों को सुखाकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को रोजाना इस्तेमाल करने वाले टूथपेस्ट में मिलाकर दांतों की सफाई करें।
- तुलसी के पत्तों का पेस्ट बनाकर उसमें सरसों का तेल (mustard oil) मिलाएं। इस पेस्ट से दांतों की सफाई करने पर भी बहुत फायदा होता है।
7. सेब- (Apple)
सेब को डाइट में शामिल करने से भी दांतों की सफेदी लौटाई जा सकती है। सेब की क्रंचीनेस दांतों को प्राकृतिक तौर पर स्क्रब करती है। रोजाना एक या दो सेब जरूर खाएं और खूब चबा चबा कर खाएं। इसी तरह गाजर और खीरा भी कच्चा खाने से दांत सफेद तथा मजबूत बनते हैं।
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रविवार, 3 दिसंबर 2017

शीघ्रपतन होता है -पक्का इलाज बता रहा हु -Premature ejaculation is the surest cure I am told -

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शीघ्रपतन होता है -पक्का इलाज बता रहा हु -Premature ejaculation is the surest cure I am told-शीघ्रपतन रोकने के आसान उपायEasy Tips To Prevent Premature Ejaculation,लिंग का ढीलापन, कमजोरी, दुर्बलता, शिथिलता,वीर्य की बढ़ोतरी होती, शरीर में ताकत,संभोग करते समय चरम सुख,बचपन की गलतीइन उपाय आप घर पर करे -सभी तरह की कमजोरी दूर हो जतेगी 

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* कौंच को कपिकच्छू और कैवांच आदि के नामों से भी जाना जाता है। संभोग करने की शक्ति को बढ़ाने के लिए इसके बीज बहुत लाभकारी रहते हैं। इसके बीजों का सेवन करने से वीर्य की बढ़ोत्तरी होती है, संभोगकरने की इच्छा तेज होती है और शीघ्रपतन रोग में लाभ होता है। इसके बीजों का उपयोग करने के लिए बीजों को दूध या पानी में उबालकर उनके ऊपर का छिलका हटा देना चाहिए।इसके बाद बीजों को सुखाकर बारीक चूर्ण बनालेना चाहिए। इस चूर्ण को लगभग 5-5 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम मिश्री के साथ दूध में मिलाकर सेवन करने से लिंग का ढीलापन और शीघ्रपतन का रोग दूर होता है।

* शतावरी, गोखरू, तालमखाना, कौंच के बीज, अतिबला और नागबला को एकसाथ मिलाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर 2-2 चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ रोजाना सेवन करने से स्तंभन शक्ति तेज होती है और शीघ्रपतन के रोग में लाभ होता है। रात को संभोग क्रिया करने से 1 घंटा पहले इस चूर्ण को गुनगुने दूध के साथ सेवन करने से संभोग क्रिया सफलतापूर्वक संपन्न होती है। वीर्य का पतला होना, यौन-दुर्बलता और विवाह के बाद शीघ्रपतन होना जैसे रोगों में इसका सेवन बहुत लाभकारी रहता है।

* मोचरस, कौंच के बीज, शतावरी, तालमखाना को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर लगभग 400 ग्राम मिश्री के साथ मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को 2-2 चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम दूध के साथ सेवन करने से बुढ़ापे में भी संभोग क्रिया का पूरा आनंद लिया जा सकता है। इस योग को लगभग2-3 महीने तक सेवन करना लाभकारी रहता है।

* लगभग 6 चम्मच अदरक का रस, 8 चम्मच सफेद प्याज का रस, 2 चम्मच देशी घी और 4 चम्मच शहद को एक साथ मिलाकर किसी साफ कांच के बर्तन में रख लें। इस योग को रोजाना 4 चम्मच की मात्रा में सुबह खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसको लगातार 2 महीने तक सेवन करने से स्नायविक दुर्बलता, शिथिलता, लिंग का ढीलापन, कमजोरी आदि दूर हो जाते हैं।

* बबूल की कच्ची पत्तियां, कच्ची फलियां औरगोंद को बराबर मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें और इनमें इतनी ही मात्रा में मिश्री मिलाकर किसी डिब्बे आदि में रखलें। इस चूर्ण को नियमित रूप से 2 महीने तक2-2 चम्मच की मात्रा में दूध के साथ सेवन करने से वीर्य की वृद्धि होती है और स्तंभन शक्ति बढ़ती है। इसके अलावा यह योगशीघ्रपतन और स्वप्नदोष जैसै रोगों में बहुत लाभकारी रहता है।

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शनिवार, 2 दिसंबर 2017

सिर में नए बाल फिर से उगाने के लिए -New hair to grow again in the head -

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गंजापन दूर करने के उपाय-Methods to overcome baldness

गंजापन बाल गिरने की आम बीमारी हैI इस रोग में रोगी के सामान्य से अधिक बाल गिरते हैं। यह रोग पुरुषों में, बच्चों और महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होता है। यह रोग त्वचा की समस्याओं या वंशानुगत बीमारी की वजह से होता है। जो लोग हमेशा तनाव मे रहते हैं, उनमे इस रोग की अधिक संभावना होती है। हिन्दी मे एक कहाबत है “चिन्ता चिता के समान होती है” (सचमुच चिंता एक चिता की तरह है) यह बिल्कुल सही है। गंजापन के लिए आयुर्वेद मे घरेलू उपचार बताये गये हैं, जो कि काफि फाय्देमन्द हैं। गंजापन के लिए मुख्य आयुर्वेदिक घरेलू उपचार नीचे बताये जा रहे हैं।
1 . बाल गिरने को रोकने के लिए सिर पर हरी धनिया को पीस्कर से रोज मालिश करें।
2 . सूखे आंवले का पाउडर तैयार करें और नारियल तेल और चमेली के तेल के साथ मिश्रण बनायें। गंजापन रोकने के लिए धीरे धीरे अपने सिर पर इस तेल कि मालिस करें।
3. गंजापन रोकने के लिए गोभी के 30-50 ग्राम पत्ते रोजाना खाओ। आप सलाद के रूप में भी गोभी का उपयोग कर सकते हैं।
4 बरगद की जटाओं का पाउडर तैयार करें और नींबू के साथ मिश्रण बनायें। इस मिश्रण के साथ सिर धोने के बाद गंजापन रोकने के लिए नारियल तेल से सिर की मालिश करें।
5 अनार बीज, पत्ते और बाहरी छिलका पीस लें और फिर सरसों तेल के साथ पकाएं। इस मिश्रण को निथार कर तेल के रूप में एक दिन मे 2-3 बार बालों की मालिश करें।
6 आप मेंहदी / मेहँदी को भी एक प्राकृतिक बाल डाई के रूप में उपयोग कर सकते हैं। यह आपके बालों को मजबूत बनाने और बाल गिरने की परेशानी दूर करती है।
7 पीला ततैया खाली घोंसला 25 ग्राम और गुड़हल (हिबिस्कुस रोजा साइनेसिस) के 10-15 पत्ते लें। आधा लीटर नारियल तेल में इनको मिलाएं और एक धीमी आंच पर उबालें। जब पीला ततैया घोंसला काले रंग के हो जाते हैं तो मिश्रण नीचे उतार लें। ठंडा होने पर इसे फिल्टर करके एक छोटी बोतल में जमा करें। गंजापन का इलाज करने के लिए सिर पर इस तेल से रोज़ मालिश करें। इससे सिर पर फिर से बालों को उगने में मदद मिलेगी।
ये गंजापन के लिए या बाल गिरने रोकने के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपचार ज्यादातर इस्तेमाल के 7 सबसे अच्छे तरीके हैं। अगर आप इस समस्या से पीड़ित हैं, और गंजापन के लिए एक सस्ता और प्रभावी घरेलू उपचार की तलाश में हैं तो आप उपरोक्त आयुर्वेदिक घरेलू उपचार इस्तेमाल कर सकतें हैं

बाल वृद्धि के आयुर्वेदिक घरेलू उपचार-Ayurvedic Home Remedies for Hair Growth

बाल विकास के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपचार मे हम आमला, शिकाकाई, रीठा, भृंगराज, मंजिष्ठा, रक्त चंदन, जटामांसी और नीम जैसे कई आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का प्रयोग कर सकते हैं। ये आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां आसानी से घर में उपलब्ध होती हैं। और बाल विकास के लिए अति उपयोगी हैं।

  1. बालों के लिए आमला सोने से पहले रात में ठंडे पानी से आधा चम्मच ले, आंवला पाउडर या सूखा आंवला रात को पानी मॆं भिगो दें और सुबह में यह आमला पानी का उपयोग सिर धोने मे करें मजबूत, लंबे और रेशमी बाल पाने के लिए इस आमला पानी के घोल को सिर धोने में प्रयोग करें। आप आमले के साथ शिकाकाई और रीठा भी उपयोग कर सकते हैं। ये आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के पानी का घोल बाल विकास के लिए बहुत प्रभावी है और यह भी बाल गिरने या रूसी जेसे बालों के रोगों से छुटकारा दिलाता है।
  2. शिकाकाई एक अच्छा कंडीशनर और क्लेअंजर (cleanser) है। यह कई रूसी नाशक शैंपू की तैयारी में प्रयोग किया जाता है। रीठा भी शिकाकाई की तरह समान गुण होने से कंडीशनर और क्लेअंजर के रूप में प्रयोग किया जाता है। रीठा के प्र्योग से भी बाल चमकदार और रेशमी बनते हैं।
  3. आमला, शिकाकाई, रीठा और दूसरों सीधे प्रकृति से उपलब्ध आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां बाल विकास के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपचार में प्रयोग की जाती हैं। रात में इन जड़ी बूटियों को पानी में भिगों दे और सुबह इस जड़ी बूटियों के पानी का उपयोग करें। अगले उपयोग के लिए जड़ी बूटियों के ठोस भाग को निकाल ले और फिर दोबारा भिगोकर उपयोग करें। और जब इन जड़ी बूटियों का प्रभाव पूरी तरह से समाप्त हो जाये तो आप इन्हे निकालकर फेंक दे और नई जड़ी बूटियों को प्रयोग करे।
  4. मेहँदी भी बाल मजबूत बनाने और डाई करने के लिये इस्तेमाल कि जाती है। यह आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है और बाल डाई करने के लिए हरी पत्तियों का उपयोग करें।
  5. नारियल तेल भी बालों के विकास के लिए अच्छा है। आप सरसों का तेल, बादाम का तेल और तिल का तेल भी बालों को प्रकृति के अनुसार का उपयोग कर सकते हैं।
  6. आप चमकदार, रेशमी बाल पाने के लिए सूखे बालों पर दही और अंडे का उपयोग भी कर सकते हैं।
  7. विभिन्न साबुन और शैंपू का प्रयोग से बचें क्योंकि वे हानिकारक रसायन होते हैं। यदि आप बालों को धोने के लिए शैम्पू का उपयोग करना चाहते हैं, तो बालों के लिए अच्छा ब्रांड का शैम्पू इस्तेमाल करें
  8. बालों की मालिश या सिर की मालिश भी खोपड़ी और बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। आप लगभग एक सप्ताह में एक बार बालों की मालिश जरूर करें। यदि रोज कर सके तो और भी अच्छा रहेगा

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शुक्रवार, 10 नवंबर 2017

ताकत बड़ाने वाले कुछ फल .रामबाण इलाज ,Some fruits prmanent treatment increasing strength,

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ताकत बड़ाने वाले कुछ फल .रामबाण इलाज ,Some fruits prmanent treatment increasing strength,
इस भाग दौड़ और तनाव भरी ज़िन्दगी तथा अनियमति और अनहेल्दी भोजन के कारण पुरुषों में कमजोरी की समस्या आजकल आम है। नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष आदि ऐसी समस्याएं हैं जो वैवाहिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं। असंयमित खान-पान या शरीर में पोषक तत्वों के कारण या अन्य गलत आदतों से  पुरुषों को दुर्बलता या कमजोरी की परेशानी होने लगती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं बेहद साधारण घरेलू नुस्खे जिनसे आप इस समस्या से बहुत जल्द छुटकारा पा सकते हैं।
ताकत बड़ाने वाले कुछ फल .रामबाण इलाज ,Some fruits prmanent treatment increasing strength,ताकत बड़ाने वाले कुछ फल .रामबाण इलाज ,Some fruits prmanent treatment increasing strength,मर्दाना ताकत ,मर्दाना कमजोरी का इलाज ,सेक्स ताकत sex मर्दाना ताकत बढ़ाने के घरेलू उपाय ताकत की दवा मर्दाना ताकत के नुस्खे शरीर की ताकत बढ़ाने के उपाय ताकत बढाने की दवा शारीरिक ताकत मर्दाना ताकत कैसे प्राप्त करें मर्दाना ताकत की टेबलेट शारीरिक ताकत बढ़ने के उपाय, Sarerik takat badhane ke upay मर्दाना ताकत बढ़ाने का जबरदस्त घरेलु नुस्खा घोड़े जैसी मर्दाना ताकत पाने के नुस्खे सिर्फ शारीरिक ताकत और बल के देशी आयुर्वेदिक नुस्खे
1. आंवला- 
2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से सेक्स शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी। इस प्रकार की परेशानी में आंवला बहुत फायदेमंद होता है। अत: प्रतिदिन रात्रि में गिलास में थोड़ा सा हुआ सुखा आंवले का चूर्ण लें और उसमें पानी भर दें। सुबह उठने के बाद इस पानी में हल्दी मिलाएं एवं छानकर पीएं। आंवले के चूर्ण में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रतिदिन रात को सोने से पहले करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा सा पानी पीएं। जिन लोगों को अत्याधिक स्वप्नदोष होने की समस्या है, वे प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खाएं।

2. सेब-  
एक सेब में जितनी हो सके उतनी लौंग लगा दीजिए। इसी तरह का एक अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, लौंग लगाकर दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग बोतल में भरकर रख लें। पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40दिनों तक 2-2 लौंग खाएं। यह एक तरह से सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है।
अश्वगंधा
अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। चूर्ण को आधा चम्मच मात्रा में दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।
4. सोंठ- 4 ग्राम सोंठ, 4 ग्राम सेमल का गोंद, 2 ग्राम अकरकरा, 28 ग्राम पिप्पली तथा 30 ग्राम काले तिल को एकसाथ मिलाकर तथा कूटकर बारीक चूर्ण बना लें। रात को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण लेकर ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। यह रामबाण औषधि शरीर की कमजोरी को दूर करती है और सेक्स शक्ति को बढ़ाती है।
5. अजवायन- 100 ग्राम अजवायन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूखने के बाद उसे फिर से प्याज के रस में गीला करके सुखा लें। इस तरह से तीन बार करें। उसके बाद इसे कूटकर किसी बोतल में भरकर रख लें। आधा चम्मच इस चूर्ण को एक चम्मच पिसी हुई मिश्री के साथ मिलाकर खा जाएं। फिर ऊपर से हल्का गर्म दूध पी लें। करीब-करीब एक महीने तक इस मिश्रण का उपयोग करें। इस दौरान संभोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला सबसे अच्छा उपाय है
6. छुहारे- चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू और दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।
7. गाजर- 1 किलो गाजर, चीनी 400 ग्राम, खोआ 250  ग्राम, दूध 500 ग्राम, कद्यूकस किया हुआ नारियल 10 ग्राम, किशमिश 10 ग्राम, काजू बारीक कटे हुए 10-15 पीस, एक चांदी का वर्क और 4चम्मच देशी घी ले लें। गाजर को कद्दूकस करके कडा़ही में डालकर पकाएं। पानी के सूख जाने पर इसमें दूध, खोआ और चीनी डाल दें तथा इसे चम्मच से चलाते रहें। जब यह सारा मिश्रण गाढ़ा होने को हो तो इसमें नारियल, किशमिश, बादाम और काजू डाल दें। जब यह गाढ़ा हो जाए तो थाली में देशी घी लगाकर हलवे को थाली पर निकालें और ऊपर से चांदी का वर्क लगा दें। इस हलवे को चार-चार चम्मच सुबह और शाम खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। यह वीर्यशक्ति बढ़ाकर शरीर को मजबूत रखता है। इससे सेक्स शक्ति भी बढ़ती है।
8. इमली- आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी बोतल में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है।
9. कौंच का बीज- 100 ग्राम कौंच के बीज और 100  ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है और नामर्दी दूर होती है।
10. चोबचीनी- 100 ग्राम तालमखाने के बीज, 100 ग्राम चोबचीनी, 100 ग्राम ढाक का गोंद, 100 ग्राम मोचरस तथा 250 ग्राम मिश्री को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है।
11. प्याज- आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच मिश्री के चूर्ण को मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह मिश्रण वीर्यपतन को दूर करने के लिए काफी उपयोगी रहता है।सफेद प्याज के रस को अदरक के रस के साथ मिलाकर शुद्ध शहद तथा देशी घी पांच-पांच ग्राम की मात्रा में लेकर एक साथ मिलाकर सुबह नियम से एक माह तक सेवन करें और लाभ देखें इससे यौन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जाती है।
12. ढाक –  ढाक के 100 ग्राम गोंद को तवे पर भून लें। फिर 100 ग्राम तालमखानों को घी के साथ भूनें। उसके बाद दोनों को बारीक काटकर आधा चम्मच सुबह और शाम को दूध के साथ खाना खाने के दो-तीन घंटे पहले ही इसका सेवन करें। इसके कुछ ही दिनों के बाद वीर्य का पतलापन दूर होता है तथा सेक्स क्षमता में बहुत अधिक रुप से वृद्धि होती है।
13. जायफल – 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भस्म, 5 ग्राम अकरकरा और 10 ग्राम केसर को मिलाकर बारीक पीस लें। इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इमामदस्ते में घोटें। उसके बाद चने के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना रात को सोने से 2 पहले 2 गोलियां गाढ़े दूध के साथ सेवन करें। इससे शिश्न (लिंग) का ढ़ीलापन दूर होता है तथा नामर्दी दूर हो जाती है।
14. इलायची – इलायची के दानों का चूर्ण 2 ग्राम, जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम, बादाम के 5 पीस और मिश्री 10 ग्राम ले लें। बादाम को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के वक्त उसे पीसकर पेस्ट की तरह बना लें। फिर उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर तथा दो चम्मच मक्खन मिलाकर विस्तार रुप से रोजाना सुबह के वक्त इसको सेवन करें। यह वीर्य को बढ़ाता है तथा शरीर में ताकत लाकर सेक्स शक्ति को बढ़ाता है।
15. तुलसी- 15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।
16. लहसुन- 200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी में भरकर ढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों के बाद 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।
17. हल्दी – वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है।
18. उड़द की दाल – आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।
19. शंखपुष्पी – शंखपुष्पी 100 ग्राम, ब्राह्नी 100 ग्राम, असंगध 50 ग्राम, तज 50 ग्राम, मुलहठी 50 ग्राम, शतावर 50 ग्राम, विधारा 50 ग्राम तथा शक्कर 450 ग्राम को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर सेक्स शक्ति में ताकत आती है।
20. उंटगन के बीज – 6 ग्राम उंटगन के बीज, 6 ग्राम तालमखाना तथा 6 ग्राम गोखरू को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें। इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें। इससे नपुंसकता (नामर्दी) रोग दूर हो जाता है।
21. गोखरू – सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।
22. बरगद – सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की 10-15 बूंदें बताशे पर रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और सेक्स शक्ति भी अधिक हो जाएगी।
23. पीपल – पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य में तथा सेक्स करने की ताकत में वृद्धि होती है।
24. त्रिफला – एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।

25. सफेद मूसली – सालम मिश्री, तालमखाना, सफेद मूसली, कौंच के बीज, गोखरू तथा ईसबगोल- इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा सेक्स शक्ति में अधिकता लाता है।
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