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बुधवार, 11 अप्रैल 2018

लड़किया-स्त्रियां-कितने प्रकार की होती है -Girls-women-are the types of

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लड़किया-स्त्रियां-कितने प्रकार की होती है -ladkiya-striya-kitne prkar ki hoti hai-Girls-women-are the types of
स्त्रियां कितने प्रकार की होती है उनके लक्षण क्या होते है उनका स्वाभाव कैसा होता है इन बारे में काफी कुछ लिखा गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार स्त्रियों को मुख्यतः निम्न पांंच वर्गों में बाटा गया है

लड़किया-स्त्रियां-कितने प्रकार की होती है -Girls-women-are the types of लड़किया-स्त्रियां-कितने प्रकार की होती है -Girls-women-are the types of .पद्मिनी (Padmini) औरतें कितने प्रकार की होती हैं स्त्री के प्रकार छूट कितनी प्रकार की होती ह हस्तिनी नारी हस्तिनी स्त्री शंखिनी नारी पुरुष कितने प्रकार के होते हैं पुरुषों के प्रकार . चित्रिणी(Chitrini) पुंश्चली (Punshchali) पद्मिनी (Padmini) चरित्रहीन पत्नी के लक्षण  स्त्री चरित्र  औरतों की पहचान  चरित्रहीन पत्नी की पहचान  चरित्रहीन महिलाओं की पहचान  चरित्रहीन स्त्री के लक्षण  चरित्रहीन लड़कियों की पहचान  चरित्रहीन औरतों की पहचान

1. शंखिनी (Shankhini)


शंखिनी स्वभाव की स्त्रियां अन्य स्त्रियों से थोड़ी लंबी होती हैं। इनमें से कुछ मोटी और कुछ दुर्बल होती हैं। इनकी नाक मोटी, आंखें अस्थिर और आवाज गंभीर होती है। ये हमेशा अप्रसन्न ही दिखाई देती हैं और बिना कारण ही क्रोध किया करती हैं।
ये पति से रूठी रहती हैं, पति की बात मानना इन्हें गुलामी की तरह लगता है। इनका मन सदैव भोग-विलास में डूबा रहता है। इनमें दया भाव भी नहीं होता। इसलिए ये परिवार में रहते हुए भी उनसे अलग ही रहती हैं। ऐसी स्त्रियां संसार में अधिक होती हैं।
ऐसी लड़कियां चुगली करने वाली यानी इधर की बात उधर करने वाली होती हैं। ये अधिक बोलती हैं। इसलिए लोग इनके सामने कम ही बोलते हैं। इनकी आयु लंबी होती हैं। इनके सामने ही दोनों कुल (पिता व पति) नष्ट हो जाते हैं। अंत समय में बहुत दु:ख भोगती हैं। ये उस समय मरने की बारंबार इच्छा करती हैं, लेकिन इनकी मृत्यु नहीं होती।

2. चित्रिणी(Chitrini)

चित्रिणी स्त्रियां पतिव्रता, स्वजनों पर स्नेह करने वाली होती हैं। ये हर कार्य बड़ी ही शीघ्रता से करती हैं। इनमें भोग की इच्छा कम होती है। श्रृंगार आदि में इनका मन अधिक लगता है। इनसे अधिक मेहनत वाला काम नहीं होता, परंतु ये बुद्धिमान और विदुषी होती हैं।
गाना-बजाना और चित्रकला इन्हें विशेष प्रिय होता है। ये तीर्थ, व्रत और साधु-संतों की सेवा करने वाली होती हैं। ये दिखने में बहुत ही सुंदर होती हैं।
इनका मस्तक गोलाकार, अंग कोमल और आंखें चंचल होती हैं। इनका स्वर कोयल के समान होता है। बाल काले होते हैं। इस जाति की लड़कियां बहुत कम होती हैं। यदि इनका जन्म गरीब परिवार में भी हो तो ये अपने भविष्य में पटरानी के समान सुख भोगती हैं।
अधिक संतान होने पर भी इनकी लगभग तीन संतान ही जीवित रहती हैं, उनमें से एक को राजयोग होता है। इस जाति की लड़कियों की आयु लगभग 48 वर्ष होती है।

3. हस्तिनी (Hastini)

 इस जाति की लड़कियों का स्वभाव बदलता रहता है। इनमें भोग-विलास की इच्छा अधिक होती है। ये हंसमुख स्वभाव की होती हैं और भोजन अधिक करती हैं। इनका शरीर थोड़ा मोटा होता है। ये प्राय: आलसी होती हैं।
इनके गाल, नाक, कान और व मस्तक का रंग गोरा होता है। इन्हें क्रोध अधिक आता है। कभी-कभी इनका स्वभाव बहुत क्रूर हो जाता है। इनके पैरों की उंगलियां टेढ़ी-मेढ़ी होती हैं। इनकी संतानों में लड़के अधिक होते हैं। ये बिना रोग के ही रोगी बनी रहती हैं। इनका पति सुंदर और गुणवान होता है।
इनके गाल, नाक, कान और व मस्तक का रंग गोरा होता है। इन्हें क्रोध अधिक आता है। कभी-कभी इनका स्वभाव बहुत क्रूर हो जाता है। इनके पैरों की उंगलियां टेढ़ी-मेढ़ी होती हैं। इनकी संतानों में लड़के अधिक होते हैं। ये बिना रोग के ही रोगी बनी रहती हैं। इनका पति सुंदर और गुणवान होता है।
अपने झगड़ालू स्वभाव के कारण ये परिवार को क्लेश पहुंचाती हैं। इनके पति इनसे दु:खी होते हैं। धार्मिक कार्यों के प्रति इनकी आस्था नहीं होती। इन्हें स्वादिष्ट भोजन पसंद होता है। इनकी परम आयु 73 वर्ष होती है। विवाह के 4, 8, 12 अथवा 16वे वर्ष में इनके पति का भाग्योदय होता है। इनके कई गर्भ खंडित हो जाते हैं। इन्हें अपने जीवन में अनेक कष्ट झेलने पड़ते हैं, लेकिन इसका कारण भी ये स्वयं ही होती हैं। इनके दुष्ट स्वभाव के कारण ही परिवार में भी इनकी पूछ-परख नहीं होती।

4. पुंश्चली (Punshchali) :

 पुंश्चली स्वभाव की लड़कियों के मस्तक का चमकीला बिंदु भी मलीन दिखाई देता है। इस स्वभाव वाली महिलाएं अपने परिवार के लिए दु:ख का कारण बनती हैं।
इनमें लज्जा नहीं होती और ये अपने हाव-भाव से कटाक्ष करने वाली होती हैं। इनके हाथ में नव रेखाएं होती हैं जो सिद्ध (पुण्य, पद्म), स्वस्तिक आदि उत्तम रेखाओं से रहित होती हैं। इनका मन अपने पति की अपेक्षा पर पुरुषों में अधिक लगता है। इसलिए कोई इनका मान-सम्मान नहीं करता। सभी इनकी अपेक्षा करते हैं।
पुंश्चली स्त्रियों में युवावस्था के लक्षण 12 वर्ष की आयु में ही दिखाई देने लगते हैं। इनकी आंखें बड़ी और हाथ-पैर छोटे होते हैं। स्वर तीखा होता है।
यदि ये किसी से सामान्य रूप से बात भी करती हैं तो ऐसा लगता है कि जैसे ये विवाद कर रही हैं। इनकी भाग्य रेखा व पुण्य रेखा छिन्न-भिन्न रहती है। इनके हाथ में दो शंख रेखाएं व नाक पर तिल होता है।

5. पद्मिनी (Padmini) 

 समुद्र शास्त्र के अनुसार पद्मिनी स्त्रियां सुशील, धर्म में विश्वास रखने वाली, माता-पिता की सेवा करने वाली व अति सुंदर होती हैं। इनके शरीर से कमल के समान सुगंध आती है। यह लंबे कद व कोमल बालों वाली होती हैं। इसकी बोली मधुर होती है। पहली नजर में ही ये सभी को आकर्षित कर लेती हैं। इनकी आंखें सामान्य से थोड़ी बड़ी होती हैं। ये अपने पति के प्रति समर्पित रहती हैं।
इनके नाक, कान और हाथ की उंगलियां छोटी होती हैं। इसकी गर्दन शंख के समान रहती है व इनके मुख पर सदा प्रसन्नता दिखाई देती है।पद्मिनी स्त्रियां प्रत्येक बड़े पुरुष को पिता के समान, अपनी उम्र के पुरुषों को भाई तथा छोटों को पुत्र के समान समझती हैं।
यह देवता, गंधर्व, मनुष्य सबका मन मोह लेने में सक्षम होती हैं। यह सौभाग्यवती, अल्प संतान वाली, पतिव्रताओं में श्रेष्ठ, योग्य संतान उत्तपन्न करने वाली तथा आश्रितों का पालन करने वाली होती हैं।
इन्हें लाल वस्त्र अधिक प्रिय होते हैं। इस जाति की लड़कियां बहुत कम होती हैं। जिनसे इनका विवाह होता है, वह पुरुष भी भाग्यशाली होता है।

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शनिवार, 7 अप्रैल 2018

गायत्री मन्त्र की शक्ति जानकर हैरान हो जाओगे आप -You'll be shocked to learn the power of Gayatri Mantra

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गायत्री मन्त्र की शक्ति जानकर हैरान हो जाओगे आप -gaytri mantr ki shakti jankar hairan ho jaoge aap-You'll be shocked to learn the power of Gayatri Mantra-जीवन की हर मुश्किल समस्या का हल है इस गायत्री मन्त्र में गायत्री साधना से साधारण और विशिष्ठ श्रेणी के अनेक प्रयोजनों की सिद्धि होती है। जो कम संसार के किसी अन्य मन्त्र से नहीं हो सकता, वह निश्चित रूप से गायत्री मन्त्र द्वारा हो सकता है। 

-गायत्री मन्त्र की शक्ति जानकर हैरान हो जाओगे आप -You'll be shocked to learn the power of Gayatri Mantra

1.    बुद्धि तीव्र होती है, एकाग्रता का विकास होता है।
2.    सद्गुणों में आश्चर्यजनक वृद्धि होती है। दोष दुर्गुणों में कमी आने लगती है। कुसंस्कार छटने लगता है।
3.    जीभ का चटोरापन, दुव्र्यसन, कामेन्द्रिय उत्तेजना आदि संयमित होने लगती है, ब्रह्मचर्य में मन लगता है।
4.    दिनचर्या में स्वच्छता, सुव्यवस्था और श्रम के प्रति रूचि जागने लगती है।
5.    विद्यार्थियों को पढ़ाई में मन लगता है।
6.    बुरी संगत, नशा, आलस्य, प्रमाद आदि छूटने लगते हैं।
7.    मन में उत्साह, प्रसन्नता एवं श्रेष्ठ कार्यों व विचारों के प्रति लगाव बढ़ाता जाता है।
8.    आपत्तियों का निवारण होता है।
संसारिक प्रयोजनों के लिए जैसे - रोग निवारण, बुद्धि वृद्धि, राजकीय सफलता, दरिद्रता का नाश, सुसन्तति की प्राप्ति, शत्रुता का संहार, भूतबाधा की शांति, दूसरों को प्रभावित करना, रक्षा कवच, बुरे मुहुर्त आदि के लिए विशेष अनुष्ठान किया जाना आवश्यक होता है।

अत: उन सभी मनुष्यों को गायत्री मन्त्र की जप साधना या लेखन साधना अवश्य करनी चाहिए जिन्हें संसारिक उपलब्धियों एवं आत्मिक उन्नति की अकांक्षा हो। (यहां महात्मा आनन्द की कहानी सुनाएं) यदि अभिष्ठ फल न भी मिले तो गायत्री साधना कभी निष्फल नहीं जाती। उससे दूसरे प्रकार के लाभ मिल जाते हैं। (यहां माधवाचार्य की कहानी सुनाएं।)

गायत्री साधना का स्त्री व पुरुष दोनों को समान अधिकार है। वैदिक काल में अनेक मंत्रदृष्टा ऋषिकाएं हुई हैं। गार्गी, मैत्रेयी, कात्यायनी, यमी, शची, अपाला, घेषा, विश्ववारा, इला, भारती देवी आदि गायत्री साधना व वेदाध्ययन के लिए प्रसिद्ध रही हैं। जो स्त्री गायत्री साधना करती है उनकी गृहस्थी सुन्दर सुव्यवस्थित, सन्ताने सुसंस्कृत होती है। पति, परिवार आदि उसके अनुकूल बन जाते हैं।

गायत्री मन्त्र के जप के ही समान मन्त्रलेखन साधना भी अतिफलदायी होती है। गायत्री मंत्र लेखन के समय हाथ, आँखें, मस्तिष्क एवं सभी चित्तवृत्तियाँ एकाग्र हो जाती हैं क्योंकि लिखने का कार्य एकाग्रता चाहता है। कहा गया है - ‘‘हवन से मन्त्र में प्राण आते हैं, जप से मन्त्र जागृत होता है, और लिखने से मन्क्ष् की शक्ति आत्मा में प्रकाशित होती है। श्रद्धापूर्वक यदि शुद्ध मन्त्र लेखन किया जाए तो उसका प्रभाव जप से दस गुना अधिक होता है’’

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बुधवार, 31 जनवरी 2018

ताजमहल के गहरे राज ,जिन्हें कोई नही जनता -Deep secrets of the Taj Mahal, which no public

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ताजमहल के गहरे राज ,जिन्हें कोई नही जनता -Deep secrets of the Taj Mahal, which no public
ताजमहल सिर्फ़ प्यार की निशानी ही नहीं हैं, बल्कि इसका नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार किया जाता है. इस खूबसूरत और प्यार की कहानी बयां करने वाली इमारत को किसने किस लिए बनवाया हम सब जानते हैं पर इसके बावजूद बहुत सी ऐसी बातें भी है जिन्हें हम नहीं जानते.
हम आज आपको ताजमहल के उन्हीं रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में नहीं दिखाई पड़ते.
ताजमहल के गहरे राज ,जिन्हें कोई नही जनता /Deep secrets of the Taj Mahal, which no public ताजमहल के गहरे राज ,जिन्हें कोई नही जनता /Deep secrets of the Taj Mahal, which no public,ताजमहल के राज ,ताजमहल का रहस्य ,ताजमहल की हकीकत ,मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद,ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा,शाहजहां ने जब पहली बार ताजमहल को देखा,ताजमहल जब बेच दिया गया, पिशाचों की कलाकृति,ताजमहल पर खर्च,ताजमहल का गायब होना,काले ताजमहल का सपना,ताजमहल के साथ पहली सेल्फी,ताजमहल का रंग बदलता है taj mahal story  taj mahal information  taj mahal facts  taj mahal india  why was the taj mahal built  taj mahal wikipedia  taj mahal inside 10 points on taj mahal in hindi  history of black taj mahal in hindi  essay on taj mahal in hindi language  taj mahal kab bana  taj mahal history in hindi video  essay on taj mahal in marathi language  taj mahal kisne banaya hai  taj mahal kab banaya gaya taj mahal the true story

1. मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद

मकबरे की छत की छेद से टपकते पानी की बूंद के पीछे कई कहानियां प्रचलित है, जिसमें से एक यह है कि जब शाहजहां ने सभी मज़दूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की ताकि वे कोई और ऐसी खूबसूरत इमारत न बना सके तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे शाहजहां का खूबसूरत सपना पूरा न हो सके.
2. ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा
द्वितीय विश्व युद्ध, 1971 भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद इस भव्य इमारत की सुरक्षा के लिए ASI ने ताजमहल के चारों और बांस का सुरक्षा घेरा बना कर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था, जिससे ताजमहल दुश्मनों को नज़र न आये और इसे किसी प्रकार की क्षति से बचाया जा सके.
3. शाहजहां ने जब पहली बार ताजमहल को देखा
जब शाहजहां ने पहली बार ताजमहल का दीदार किया तो उसने कहा “ये सिर्फ़ प्यार की कहानी बयां नहीं करेगा बल्कि उन सबको दोष मुक्त भी करेगा जो इस पाक जमीं पर अपने क़दम रखेंगे और चांद-सितारे इसके गवाही देंगे”
4. मजदूरों के हाथ काट दिए गये
ताजमहल बनने के बाद की एक अफ़वाह यह थी कि शाहजहां ने मजदूरों के हाथ कटवा लिए थे, पर अगर इतिहास पर नज़र डाली जाये तो ताजमहल के बाद भी कई इमारतों को बनवाने में उन लोगों का योगदान रहा था. उस्ताद अहमद लाहौरी उस दल का हिस्सा रहे थे जिसने ताजमहल को बनाया था और लाल किले का निर्माण का कार्य भी उन्हीं की देख-रेख में शुरू हुआ था.

5. ताजमहल के मीनार

अगर ताजमहल के मीनारों पर ध्यान दिया जाये तो हम पाएंगे कि चारो मीनार एक दूसरे की ओर झुके हुए नज़र आते है, जिन्हें बिजली और भूकम्प के दौरान मुख्य गुम्बद पर न गिरने के लिए इस एंगल से बनाया गया है.
6. ताजमहल जब बेच दिया गया
बिहार के सुप्रसिद्ध ठग नटवरलाल के बारे में यह कहानी प्रचलित है कि एक बार उसने ताजमहल को मंदिर बताकर लोगों को बेच दिया था. नटवर लाल के पैतृक गांव के लोग उसके इसी कारनामे के लिए गांव में उसका मंदिर बनवाने की मांग उठाने लगे हैं.
7. यमुना न होती तो ताजमहल न होता
ताजमहल का आधार एक ऐसी लकड़ी पर बना हुआ है जिसे मजबूत बनाये रखने के लिए नमीं की जरूरत होती है, जिसे नज़दीक ही बहने वाली यमुना बनाए रखती है.
8. पिशाचों की कलाकृति
ताजमहल की कलाकृति में 28 तरह के कीमती पत्थरों को लगाया गया था जो चीन, तिब्बत से लेकर श्रीलंका से लाये गये थे. ब्रिटिश काल के समय इन बेश-कीमती पत्थरों को अंग्रेजों ने निकाल लिया था. जिसके बारे में यह कहा जाता था कि ये बेश-कीमती पत्थर किसी की भी आंखे चौंधियाने की काबिलियत रखते थे.
9. क़ुतुब मीनार से भी लम्बा
कुतुब मीनार को देश की सबसे ऊंची इमारत के तौर पर जाना जाता है पर इसकी ऊंचाई भी ताजमहल के सामने छोटी पड़ जाती है. सरकारी आंकड़ो के अनुसार ताजमहल, क़ुतुब मीनार से 5 फुट ज़्यादा लम्बा है.
10. ताजमहल पर खर्च
शाहजहां ने जब ताजमहल बनवाया था तब उस पर लगभग 32 मिलियन खर्च हुए थे. जिसकी कीमत आज 1,062,834,098 USD हैं.
11. सारे फव्वारे एक ही समय पर काम करते है
ताजमहल में लगा कोई भी फव्वारा किसी पाइप से नहीं जुड़ा हुआ है. बल्कि हर फव्वारे के नीचे एक तांबे का टैंक बना हुआ है, जो एक ही समय पर भरता है और दबाब बनने पर एक साथ ही काम करता हैं.
12. ताजमहल का गायब होना
8 नवम्बर 2000 का दिन ताजमहल को देखने वालो के लिए बड़ा ही अचंभित करने वाला था PC Sorkar Jr.ने ऑप्टिकल साइंस के जरिये ताजमहल को गायब करने का भ्रम पैदा कर दिया था.
13. 12000 सैलानी
ताजमहल एक दिन में वर्ल्ड में सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली भव्य इमारतों में सबसे ऊपर हैं. इसे देखने के लिए पूरी दुनिया से 12000 सैलानी हर रोज आगरा आते हैं.
14. काले ताजमहल का सपना
शाहजहां की एक ख्वाहिश यह भी थी कि जैसे उसने अपनी बीबी के लिए सफ़ेद ताजमहल बनाया था. वैसा ही एक काला ताजमहल खुद के लिए बनवा सके. पर शाहजहां को जब उसके बेटे औरंगजेब ने कैद कर लिया तो उसका ये सपना बस सपना ही रह गया.

15. ताजमहल के साथ पहली सेल्फी

आज हम सब सेल्फी के दीवाने है पर George Harrison नाम के इस व्यक्ति ने Fish Eye Lense की मदद से उस समय ही ले ली थी जब सेल्फी का दौर ही नहीं था. मतलब ताजमहल के साथ पहली सेल्फी George Harrison ने ली थी.
16. ताजमहल का रंग बदलता है
यह बात जरुर हैरान करने वाली है पर ताजमहल का रंग भी बदलता है, दिन के अलग अलग पहर के हिसाब से ताज भी अपना रंग बदलता रहता है. सुबह देखने पर ताज गुलाबी दिखता है, शाम को दुधिया सफ़ेद और चांदनी रात में सुनहरा दिखता है.
17. अमेरिका में ताजमहल
ताजमहल के दीवानों का जब भी जिक्र होगा सबसे पहला नाम ग्रैमी अवार्ड विनर, सिंगर Henry Saint Clair Fredericks का होगा. उन्हें ताज से इतनी मोहब्बत है की उन्होंने अपना स्टेज नेम ही ताजमहल रख लिया है.
18. आपके दिल में ताज
ताजमहल बनाने वालो ने इसके हर पहलू पर बड़ा ध्यान दिया है, यहा के लोग कहते हैं कि जब आप यहां से जाते हैं तो ताजमहल को अपने दिल में लेकर जाते हैं. एक सीमा तक जैसे-जैसे आप ताज से दूर जाते हैं ताजमहल आपको और बड़ा भव्य लगने लगता है और आपकी यादों से कभी जुदा नहीं होता.
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रविवार, 7 जनवरी 2018

पत्नी को वश में करने के लिए वशीकरण मन्त्र-Wife love spells to tame

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किसी भी स्त्री या अपनी पत्नी को काबू करने के लिए मन्त्र -पत्नी को वश में करने के लिए वशीकरण मन्त्र-Wife love spells to tame
कहा जाता है दया की मूर्त है स्त्री पापनाशिनी है साक्षात् जगदम्बा है पर आज के इस आधुनिक युग में भी लोग अपनी बहु बेटियों को दहेज़ के लिए परेशान करते है ! ऐसे लोगो के लिए गुरु गोविन्द सिंह जी ने लिखा है !
पत्नी का वशीकरण मन्त्र  .....Captivate mantra wife .पत्नी को वश में करना ,पत्नी को समझना -काबू करना -काबू में रखना -वश में करना -नीबू से वशीकरण आसान वशीकरण मंत्र नाम से वशीकरण के उपाय फोटो से वशीकरण कैसे करे पानी से वशीकरण लौंग से वशीकरण कैसे करे स्त्री वशीकरण उपाय निम्बू से वशीकरण पत्नी को वश में करने का उपाय पत्नी को वश में करना स्त्री वशीकरण उपाय स्त्री वशीकरण तंत्र स्त्री वशीकरण करने के उपाय पति वशीकरण टोटके वशीकरण के आसान उपाय स्त्री वशीकरण मंत्र हिंदी में किसी को वश में करने के तरीके मोहनी टोटके ladki patane ka mantra hindi mein ladki ko vash me karne ka jadu ladki patane ke 101 tarike hindi स्त्री वशीकरण करने के उपाय काला जादू वशीकरण मंत्र वशीकरण के अचूक टोटके

धी भैन का पैसा खाए कहे गोविन्द सिंह यम धक्के खाए “
जो इन्सान दाज दहेज़ के लिए अपनी बहु बेटियों को परेशान करता है उसे यमराज के यमदूतो की मार खानी पड़ेगी ! दहेज़ के डर से कुछ लोग बेटियों को गर्भ में ही मार देते है ! पंजाब के इतिहासिक शहर फतेहगढ़ साहिब में सबसे अधिक भ्रूण हत्या होती है ! मेरे गुरुदेव ने मुझे एक ऐसी औषधि बनाना सिखाया है जिसे खाने के बाद स्त्री को केवल लड़का ही होता है और यदि एक बार वो दवाई किसी स्त्री को खिला दी जाये तो अगले तीन गर्भ तक पुत्र संतान ही होती है पर मै यह दवाई किसी को नहीं देता क्योंकि पंजाब में हर 1000 लडको के पीछे केवल 726 लडकिया है ! मै नहीं चाहता कि यह औसत और कम हो जाये !
आज के समय में यदि पुरुष बुरे है तो स्त्रिया भी कम नहीं कोई जमाना था जब लड़की अपने पति को ईश्वर मानती थी पर आज के समय में तो लोग ईश्वर को ईश्वर नहीं मानते तो बेचारे पति कि क्या औकात है ! हररोज किसी न किसी भाई की मेल आती है कि मेरी पत्नी मुझे छोड़कर चली गयी ! मेरी पत्नी ने मुझ पर 498 A का दहेज़ उत्पीडन का केस दर्ज करवा दिया है ! ऐसे भाईओं से मै सिर्फ इतना ही कहूँगा “” गाय माता होती है पर जब वो सिंग मारती है तो उसके सिंग तोड़ दिए जाते है “” आप भी ऐसा ही करे ! हमारे देश में एक और बहुत बड़ी समस्या है प्रेम केवल कविताओ और किताबो में ही अच्छा लगता है ! हमारे देश में यदि कोई सच्च में प्रेम करना चाहे तो समाज उसके खिलाफ खड़ा हो जाता है ! हमारा समाज चाहता है कि आज के समय में भी हीर और सोहनी जैसी सुंदर लडकिया पैदा हो पर हमारे घर में नहीं हमारे पडोसी के घर में पैदा हो ! ऐसे गंदे समाज की मै बिलकुल फ़िक्र नहीं करता जो कृष्ण की उपासना तो करता है पर प्रेम को बहुत बुरा मानता है !
ऐसे सभी आशिक भाई जो प्रेम में असफल हो चुके है और ऐसे भाई जो अपनी पत्नी से परेशान है उनके लिए मै एक साधना दे रहा हूँ पर इस साधना का प्रेम और वशीकरण के लिए दुरूपयोग न करे और मुझसे इस साधना का अपना अनुभव न पूछे !
|| मन्त्र  ||
जंगल की योगिनी पाताल के नाग
उठो मेरे वीरो …………….. को ल्याओ हमारे पास
यहाँ यहाँ हमारे सहाई
अब नाज़ भरी ताज भरी अग्नि तक फूक फिरो
मन विसरे मेरे गुरु गोरखनाथ की दुहाई !
||  विधि  ||
इस मन्त्र का ग्रहण काल में जप करे ! ग्रहण काल में जप करने से यह मन्त्र सिद्ध हो जायेगा !
||  प्रयोग विधि ||
जब किसी स्त्री पर प्रयोग करना हो तो उस स्त्री का नाम खाली स्थान पर कह दे और 21 दिन तक हररोज 1 माला जप करे ! वो स्त्री जरूर वशीभूत होकर दौड़ी चली आएगी !
इस मन्त्र का दुरूपयोग न करे ! मेरा विश्वास है यह प्रयोग करने के बाद आपके जीवन में बदलाव जरूर आएगा !

रविवार, 31 दिसंबर 2017

सम्मोहन क्या है केसे करे किसी को सम्मोहित-What is hypnosis how to hypnotize someone

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सम्मोहन क्या है केसे करे किसी को सम्मोहित-What is hypnosis how to hypnotize someone
सम्मोहन (Hypnosis) -Hypnosis Secrets of Powe

सम्मोहन क्या है केसे करे किसी को सम्मोहित-What is hypnosis how to hypnotize someone http://www.hindirhsygyan.com/2016/01/hypnosis-secrets-of-power.htmlसम्मोहन शक्ति का रहस्य |Hypnosis Secrets of Power |सम्मोहन (Hypnosis) दैनिक जीवन में सम्मोहन,सम्मोहन क्रिया  सम्मोहन विधि  सम्मोहन कला  सम्मोहन मंत्र  आत्म सम्मोहन  सम्मोहन साधना  सम्मोहन शक्ति कैसे प्राप्त करें  गुप्त सम्मोहन कैसे किया जाता हैवह कला है जिसके द्वारा मनुष्य उस अर्धचेतनावस्था में लाया जा सकता है जो समाधि, या स्वप्नावस्था, से मिलती-जुलती होती है, किंतु सम्मोहित अवस्था में मनुष्य की कुछ या सब इंद्रियाँ उसके वश में रहती हैं। वह बोल, चल और लिख सकता है; हिसाब लगा सकता है तथा जाग्रतावस्था में उसके लिए जो कुछ संभव है, वह सब कुछ कर सकता है, किंतु यह सब कार्य वह सम्मोहनकर्ता के सुझाव पर करता है।


इतिहास

भारत में अति प्राचीन काल से सम्मोहन तथा इसी प्रकार की अन्य रहस्यमय, अद्भुत प्रभावोत्पादक, गुप्त क्रियाएँ प्रचलित हैं। अन्य पूर्वी देशों में भी ये अज्ञात नहीं रही हैं। यह निश्चय है कि यदि सबने नहीं तो इनमें से अधिकांश ने इन क्रियाओं का ज्ञान भारत से प्राप्त किया, जैसेतिब्बत ने। नटों, साधुओं तथा योगियों में इन क्रियाओं के जाननेवाले पाए जाते हैं। इन विशिष्ट मंडलों के लोगों को छोड़कर अन्य मनुष्यों में इनका ज्ञान बहुत थोड़ा, या कुछ भी नहीं, रहता। अनधिकारी के ज्ञाता होने से अनिष्ट की आशंका समझ, पूर्वी देशों में इस विषय के समर्थ लोगों ने इसे सर्वथा गोपनीय रखा। इस कारण आज भी इस संबंध में जो कुछ निश्चित रूप से लिखा जा सकता है वह यूरोप की देन है, जहाँ इसका वैज्ञानिक अध्ययन करने की चेष्टा की गई है।
अठारहवीं सदी के मध्य में फ्रांज़ ए. मेस्मर नामक वियना के एक चिकित्सक ने सर्वप्रथम सम्मोहन का अध्ययन प्रारम्भ किया। इन्होंने कुछ सफलता तथा बड़ी प्रसिद्धि प्राप्त की, किंतु इस संबंध में जिन सिद्धांतों की इन्होंने कल्पना की वे गलत सिद्ध हुए। जो सिद्धांत आजकल स्वीकृत हैं, उनका विवेचन लीबाल्ट (Liebault) तथा वेर्नहाइम (Bernheim) नामक दो फ्रांसीसी डाक्टरों ने किया था। इनके अनुसार सम्मोहन का अनिवार्य प्रवर्तक सुझाव या प्रेरणा का संकेत होता है।

स्वरूप

यह निश्चित रूप से समझ लेना चाहिए कि सम्मोहनकर्ता जादूगर, अथवा दैवी शक्तियों का स्वामी, नहीं होता। मनुष्यों में से अधिकांश प्रेरणा या सुझाव के प्रभाव में आ जाते हैं। यदि कोई आज्ञा, जैसे "आप खड़े हो जाँए" या "कुर्सी छोड़ दें", हाकिमाना ढंग से दी जाए, तो बहुत से लोग इसका तुरंत पालन करते हैं। यह तो सभी ने अनुभव किया है कि यदि हम किसी को उबासी लेते देखते हैं, तो इच्छा न रहने पर भी स्वयं उबासी लेने लग जाते हैं। दूसरों के हँसने पर स्वयं भी हँसते या मुस्कराते हैं तथा दूसरों को रोते देखकर उदास हो जाते हैं।
जो लोग दूसरों के सुझावों को इच्छा न रहते हुए भी मान लेते हैं, वे सरलता से सम्मोहित हो जाते हैं। सम्मोहित व्यक्ति के व्यवहार में निम्नलिखित समरूपता पाई जाती है :

आज्ञाकारिता

कुछ लोगों का मत है कि जो मनुष्य पूर्ण रूप से सम्मोहित हो जाता है वह सम्मोहनकर्ता की दी हुई सब आज्ञाओं का पालन करता है, किंतु कुछ अन्य का कहना है कि सम्मोहित व्यक्ति के विश्वासों के अनुसार यदि आज्ञा अनैतिक या अनुचित हुई, तो वह उसका पालन नहीं करता और जाग जाता है।

मिथ्या प्रतीति तथा भ्रम

सम्मोहनकर्ता यदि कहता है कि दो और दो सात होते है, तो सम्मोहित व्यक्ति इसे मान लेता है। यदि उसे कहता है कि तुम घोड़ा हो, तो वह व्यक्ति हाथों और घुटनों के बल चलने लगता है।

मतिविभ्रम

सम्मोहित व्यक्ति को ऐसी वस्तुएँ जो उपस्थित नहीं है दिखाई तथा सुनाई जा सकती है और उनका स्पर्श व अनुभव कराया जा सकता है। इस अवस्था में यह भी मनवाया जा सकता है कि वह वस्तु उपस्थित नहीं है जो वास्तव में उपस्थित है। यदि प्रेरणा दी जाए कि जिस कुर्सी पर सम्मोहित व्यक्ति बैठा है वह वहाँ नहीं है, तो वह व्यक्ति मुँह के बल जमीन पर लुढ़क जाएगा।

ज्ञानेंद्रियों पर प्रभाव

सम्मोहनकर्ता के सुझाव पर सम्मोहित व्यक्ति के शरीर का कोई भाग सुन्न हो जा सकता है, यहाँ तक कि उस भाग को जलाने पर भी उसे वेदना न हो। इंद्रियों को तीव्र बनानेवाली प्रेरणा भी कार्यकारी हो सकती है, जिससे सम्मोहित व्यक्ति असाधारण बल का प्रयोग कर सकता है, या कही हुई बात को भी दूर से सुन सकता है।

रासंमोहन विस्मृति

साधारणतया सम्मोहनावस्था में हुई सब बातों को सम्मोहित व्यक्ति भूल जाता है।

सम्मोहनोत्तर प्रेरणा

व्यक्ति की सम्मोहनावस्था में दिए हुए सुझावों या आज्ञाओं का, पूर्ण चेतनता प्राप्त करने पर भी, वह पालन करता है। यदि उससे कहा गया है कि चैतन्य होने के दस मिनट बाद नहाना, तो उतना समय बीतने पर वह अपने आप ऐसा ही करता है।

दैनिक जीवन में सम्मोहन

प्रतिदिन के जीवन में सम्मोहन के अनेक दृष्टांत मिलते हैं। राजनीतिक या धार्मिक नेता अपने भाषणों से लोगों को सम्मोहित कर लेते हैं। आत्मसम्मोहन भी संभव है। किसी चमकीली वस्तु पर दृष्टि स्थिर रखकर यह अवस्था उत्पन्न की जा सकती है। अत्यधिक उत्तेजना, भय आदि से मनुष्य सम्मोहित अवस्था जैसा व्यवहार करने लगता है, या उत्तेजना के क्षण के पहले या बाद की घटनाओं को भूल जाता है। वह कौन है, उसका पिछला जीवन क्या था, यह भी भूल जा सकता है।
आकस्मिक शारीरिक चोट, मानसिक क्षोभ, अथवा उत्तेजना के कारण, हाथ पैर रहते कभी कभी मनुष्य लूले या लँगड़े के सदृश व्यवहार करने लगता है, दृष्टि का लोप हो जाता है, अथवा वह नींद में ही चलने फिरने लग जा सकता है। दृष्टि विभ्रम, या जाग्रत अवस्था में स्वप्न देखने के अनेक उदाहरण मिलते हैं। धार्मिक उत्तेजना से सम्मोहित होकर कुछ लोग अनजाने अर्धचेतनावस्था में हो जाते हैं और कल्पित होकर कुछ लोग अनजाने अर्धचेतनावस्था में हो जाते हैं और कल्पित दृश्य या वस्तुएँ देखते या सुनते हैं। बाद में उन्हें विश्वास हो जाता है कि यह सब वास्तविक था।
कुछ लोग सम्मोहन में कुशल होते हैं। अन्य लोग इनके प्रभाव में आकर, अर्धचेतनावस्था में कुर्सी, मेज आदि इधर उधर हटा देते हैं या हिलाते हैं, अनुपस्थित वस्तु देखते या सुनते हैं। श्रद्धा से रोगमुक्ति का आधार भी सम्मोहन ही है। भीड़ मे दूसरों से प्रभावित होकर मनुष्य सम्मोहित व्यक्ति के सदृश आचरण करने लगता है। भावातिरेक में भीड़ों के विवेकहीन आचरण का यही कारण है।

उपयोग

सम्मोहन का उपयोग कुछ रोगों को दूर करने में तथा प्रसव में किया जाता है। कुछ चिकित्सकों ने शल्यचिकित्सा में भी इसे वेदनाहर पाया है। सम्मोहन की कार्यपद्धति से मानस तथा मानसिक रोगों के अध्ययन में सहायता मिलती है।


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बुधवार, 20 दिसंबर 2017

हिन्दू धर्म के अनुसार हमारा का जन्म कैसे हुआ हम कहा से आये-According to Hinduism, we were born, how we came to the

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teg-kaise hui aadmi ki utpatti-मानव की उत्पत्ति-पृथ्वी का अंत-मानव की उत्पत्ति का इतिहास-मानव का इतिहास-पृथ्वी का निर्माण-पृथ्वी अ का इतिहास-पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति-मानव का विकास-हिन्दू धर्म के अनुसार हमारा का जन्म कैसे हुआ हम कहा से आये-According to Hinduism, we were born, how we came to the
सृष्टि के आदिकाल में न सत् था न असत्, न वायु थी न आकाश, न मृत्यु थी न अमरता, न रात थी न दिन, उस समय केवल वही था, जो वायुरहित स्थिति में भी अपनी शक्ति से सांस ले रहा था। उसके अतिरिक्त कुछ भी नहीं था।’ ‘ब्रह्म वह है, जिसमें से संपूर्ण सृष्टि और आत्माओं की उत्पत्ति हुई है या जिसमें से ये फूट पड़े हैं। विश्व की उत्पत्ति, स्थिति और विनाश का कारण ब्रह्म है।’ -(ऋग्वेद, उपनिषद)
हिन्दू ग्रंथो के अनुसार मानव का जनम,केसे जाने ज्ञान /According to Hindu scriptures of human birth, how the knowledge,इन्सान का जन्म ,पहला इन्सान ,पहला मानव ,कहा से आया ,हम कोण है ,हम कहा से आये है --kaise hui aadmi ki utpatti-मानव की उत्पत्ति-पृथ्वी का अंत-मानव की उत्पत्ति का इतिहास-मानव का इतिहास-पृथ्वी का निर्माण-पृथ्वी अ का इतिहास-पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति-मानव का विकास-हिन्दू धर्म के अनुसार हमारा का जन्म कैसे हुआ हम कहा से आये-According to Hinduism, we were born, how we came to the इंसान की उत्पत्ति मनुष्य कैसे बना manav ki पृथ्वी पर मनुष्य की उत्पत्ति कैसे हुई धरती का पहला मानव कौन था?  मानव की उत्पत्ति और विकास धरती का पहला मानव कौन था मनुष्य कैसे बना पृथ्वी की उत्पत्ति video पृथ्वी की उत्पत्ति video download मानव का इतिहास पृथ्वी का निर्माण मनुष्य का जन्म कैसे हुआ


ब्रह्म से आत्मा। आत्मा से जगत की उत्पत्ति हुई। महर्षि अरविंद ने अपनी किताब ‘दिव्य जीवन’ में इस संबंध में बहुत अच्छे से लिखा है। उन्होंने जहां पुराणों के अनुसार धरती पर जीवन की उत्पत्ति, विकास और उत्थान के बारे में बताया है वहीं उन्होंने वेदों की पंचकोशों की धारणा को विज्ञान की कसौटी पर कसा है।
जब धरती ठंडी होने लगी तो उस पर बर्फ और जल का साम्राज्य हो गया। तब धरती पर जल ही जल हो गया। इस जल में ही जीवन की उत्पत्ति हुई। आत्मा ने ही खुद को जलरूप में व्यक्त किया। इस जलरूप ने ही करोड़ों रूप धरे। जल का यह रूप हिरण्यगर्भ में जन्मा अर्थात जल के गर्भ में जन्मा।
सर्वप्रथम : सर्वप्रथम हिरण्यगर्भ से अंडे के रूप का एक मुख प्रकट हुआ। मुख से वाक् इन्द्री, वाक् इन्द्री से ‘अग्नि’ उत्पन्न हुई। तदुपरांत नाक के छिद्र प्रकट हुए। नाक के छिद्रों से ‘प्राण’ और प्राण से ‘वायु’ उत्पन्न हुई। फिर नेत्र उत्पन्न हुए। नेत्रों से चक्षु (देखने की शक्ति) प्रकट हुए और चक्षु से ‘आदित्य’ प्रकट हुआ। फिर ‘त्वचा’, त्वचा से ‘रोम’ और रोमों से वनस्पति-रूप ‘औषधियां’ प्रकट हुईं। उसके बाद ‘हृदय’, ‘हृदय’ से ‘मन, ‘मन से ‘चन्द्र’ उदित हुआ। तदुपरांत नाभि, नाभि से ‘अपान’ और अपान से ‘मृत्यु’ का प्रादुर्भाव हुआ। फिर ‘जननेन्द्रिय, ‘जननेन्द्रिय से ‘वीर्य’ और ‘वीर्य’ से ‘आप:’ (जल या सृजनशीलता) की उत्पत्ति हुई।
यहां वीर्य से पुन: ‘आप:’ की उत्पत्ति कही गई है। यह आप: ही सृष्टिकर्ता का आधारभूत प्रवाह है। वीर्य से सृष्टि का ‘बीज’ तैयार होता है। उसी के प्रवाह में चेतना-शक्ति पुन: आकार ग्रहण करने लगती है। सर्वप्रथम यह चेतना-शक्ति हिरण्य पुरुष के रूप में सामने आई।
अति सूक्ष्म रूप में जीवन की उत्पत्ति के बाद मोटेतौर पर वनस्पत्तियों, लताओं और फिर वृक्षों की उत्पत्ति हुई। इस क्रम में आगे चलकर एककोशीय और फिर बहुकोशीय जीवों की उत्पत्ति हुई।
कुछ ऐसे जीव उत्पन्न हुए जिसमें हड्डी न होती थी तथा ये किसी पतले इमली, नीम के पत्ते की तरह होते थे। प्रारंभ में ये सभी जल के भीतर की भूमि से जुड़े रहते थे। ऐसे जीव जो एकेंद्रीय थे अर्थात वे न देख सकते थे, न सुन सकते थे, न स्वाद ले सकते थे। बस स्पर्श ही उनकी अनुभूति थी।
इसी क्रम में आगे चलकर एक पत्तेनुमा मछली की उत्पत्ति हुई। फिर मछली ने कई रूप धरे। हिन्दू धर्म में मछली को पवित्र जलचर जंतु माना जाता है। जल के अंदर मछली की उत्पत्ति सबसे बड़ी घटना थी। संभवत: यह घटना 3 अरब वर्ष पहले की है।
वराह काल और कच्छप काल : जब वराह काल में धरती के कुछ भाग को जल से ऊपर प्रकट किया गया तो प्रारंभ में कुछ आदिकालीन शैवाल और वनस्पतियों ने धरती पर अपना साम्राज्य स्थापित किया। यही धीरे-धीरे वृक्ष का आकार लेने लगी।
इन छोटी-छोटी घासों के पीछे आए उभयचर प्राणी, कीट, कीड़े और सरीसृप आदि। यही धरती पर और जल में अपनी सत्ता जमाने लगे। इनमें से कई हिंसक प्राणियों से बचने के लिए कीटों ने वृक्षों पर चढ़ना सीखा और उनमें से ही कुछ कीटों में पंख निकलने लगे और इस तरह आकाश में कीट-पतंगों की भरमार होने लगी।
इधर कई उभयचर प्राणियों में कछुआ सबसे विकसित प्राणी था और उन्हीं आदिकालीन प्रजातियों में से कुछ उड़ना सीखकर पक्षी होने लगे। कुछ धरती पर नए-नए रूप धरने लगे। सर्वप्रथम जमीन पर बसने वाले प्राणियों ने अपनी जड़ें पानी में ही जमाए रखीं, उसी तरह जिस तरह कि वनस्पत्तियों और पौधों ने। ऐसा इसलिए कि वे धरती पर ज्यादा देर तक रह नहीं सकते थे। उन्हें सांस लेने के लिए जल में लौटना ही पड़ता था।
हिन्दू धर्म में सर्प को इसलिए महत्व दिया जाता है कि जहां जल में इसकी करोड़ों प्रजातियां थीं वहीं धरती पर सबसे पहले इसका ही साम्राज्य स्थापित हुआ। यह जल के बगैर भी धरती पर कई दिनों तक रहने में कामयाब रहा और इसने अन्य प्राणियों की अपेक्षा सबसे पहले जल पर अपनी निर्भरता छोड़ दी। इसकी ऐसी भी प्रजातियां थीं, जो उड़ने में सफल हो गई थीं।
वराह, कच्छप और सर्प ने धरती पर जीवन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिस तरह सर्प की कुछ अन्य प्रजातियां उड़ने में सफल हो गई थीं उसी तरह कछुए की प्रजातियां भी कुछ इसमें सफल रहीं और इस तरह आकाश में कीट-पतंगों, मछलियों, कछुओं और सर्पों की भिन्न-भिन्न प्रजातियों ने आकाश को हरा-भरा कर दिया।
जैसे-जैसे समय बीतता गया, धरा के पर्यावरण में भारी बदलाव आते गए। जो जीव इन परिवर्तनों के अनुसार अपने आपको ढाल नहीं सके, वे हमेशा के लिए विलुप्त हो गए और जिन्होंने खुद को बचाए रखा वे विजेता कहलाए। उनमें मछली, सर्प, कछु्आ, मगरमच्छ, कीट-पतंगें, चींटी, मकोड़े आदि जलचर और उभयचर प्राणी तो आज भी हैं, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि मनुष्य कैसे और किससे बना?
इसके लिए हिन्दू धर्म में दो सिद्धांत हैं- 1. मनुष्य को ईश्वर ने बनाया, 2. क्रम विकास के तहत मनुष्य बना मछली जैसे प्राणी से।
1. मनुष्य को ईश्वर ने बनाया : ब्रह्म से ब्रह्मा की उत्पत्ति हुई और ब्रह्मा ने खुद को दो भागों में विभक्त कर लिया। उसका पुरुष रूप एक भाग का नाम था स्वायंभुव मनु और स्त्री रूप दूसरे का नाम शतरूपा था। सप्तचरुतीर्थ के पास वितस्ता नदी की शाखा देविका नदी के तट पर मनुष्य जाति की उत्पत्ति हुई। प्रमाण यही बताते हैं कि आदि सृष्टि की उत्पत्ति भारत के उत्तराखंड अर्थात इस ब्रह्मावर्त क्षेत्र में ही हुई। 
2. मनुष्य बना मछली जैसे प्राणी से : आज का मनुष्य मछली की लाखों प्रजातियों में से एक विशेष मछली का विकसित रूप है। विकास के क्रम में उसने कई महत्वपूर्ण रूप बदले। लेकिन पूर्व काल में मनुष्य सिर्फ मछली का ही विकसित रूप नहीं रहा और ‍भी कई ऐसे जीव-जंतु थे, जो न मालूम कब वानर की भिन्न-भिन्न प्रजातियां बनते गए और अंतत: उन्हीं में से एक आज का आधुनिक मनुष्य बना। जिस तरह मछलियां हजारों प्रजातियों में पाई जाती हैं उसी तरह मानव भी आदिकाल में हजारों प्रजातियों में थे। हालांकि आज हमें अफ्रीकी, यूरोपीय, चीनी, भारतीय आदि क्षे‍त्र की मानव प्रजातियां ही नजर आती हैं।
वेद में सृष्टि की उत्पत्ति, विकास, विध्वंस और आत्मा की गति को पंचकोश के क्रम में समझाया गया है। पंचकोश ये हैं- 1. अन्नमय, 2. प्राणमय, 3. मनोमय, 4. विज्ञानमय और 5. आनंदमय। 
उक्त पंचकोश को ही 5 तरह का शरीर भी कहा गया है। वेदों की उक्त धारणा विज्ञानसम्मत है।
दो गोलार्ध हैं- एक उर्ध्व और दूसरा अधो। जब आत्मा नीचे गिरती है तो जड़ हो जाती है और इस तरह वह विकास क्रम का हिस्सा बनकर अपने पुरुषार्थ से ऊपर उठना शुरू करती है और अंतत: स्वयं के आनंदस्वरूप को पुन: प्राप्त कर लेती है। लेकिन कुछ ऐसी भी आत्माएं हैं, जो कभी नीचे नहीं गिरीं और जाग्रत हो गईं, वे ही आत्माएं देवात्माएं कहलाईं। उनके कारण भी सृष्टि उत्पत्ति, विकास और विध्वंस हुआ।
महर्षि अरविंद ने अपनी किताब ‘दिव्य जीवन’ में इस संबंध में बहुत अच्छे से लिखा है।

मंगलवार, 5 दिसंबर 2017

सपनों का मतलब भाग -1 --The meaning of dreams, Part 1

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सपनों का मतलब भाग -1 --The meaning of dreams, Part 1-सपनों का मतलब जानने के लिए-सपनों का मतलब जानने-सपनो का फल-सपनों का रहस्य-सपने मे पानी देखना-स्वप्न का अर्थ-सपने में रोना-सपने मे साँप देखना
सोते वक्‍त आप हर रोज कुछ न कुछ सपने में जरूर देखते होंगे। कभी चूहा तो कभी बिल्‍ली, कभी समुद्र तो कभी लड़की, कभी सांप तो कभी कुत्‍ता। कुछ न कुछ आपको सपने में जरूर दिखता होगा। आप उस सपने को सपने की तरह देख आगे बढ़ जाते हैं। क्‍या कभी आपने सोचा है, कि इन सपनों का भी आपके जीवन में बड़ा महत्‍व है। जी हां ज्‍योतिष विद्या के अनुसार व्‍यक्ति जो कुछ भी सपने में देखता है, उसका प्रभाव उसके जीवन पर जरूर पड़ता है।
सपनों का मतलब भाग -1 --The meaning of dreams, Part 1सपनो का क्या रहस्य होता है ? क्या ये जादू है जाने What is the secret of dreams? What is the magic go,सपनो का राज ,सपना क्या है ,सपने की हकीकत ,सपनो का रहस्य ,सपनो की दुनिया ,सपनो का मतलब
सपने और उनका मतलब --
1- आंखों में काजल लगाना- शारीरिक कष्ट होना
2- स्वयं के कटे हाथ देखना- किसी निकट परिजन की मृत्यु
3- सूखा हुआ बगीचा देखना- कष्टों की प्राप्ति
4- मोटा बैल देखना- अनाज सस्ता होगा
5- पतला बैल देखना – अनाज महंगा होगा
6- भेडिय़ा देखना- दुश्मन से भय
7- राजनेता की मृत्यु देखना- देश में समस्या होना
8- पहाड़ हिलते हुए देखना- किसी बीमारी का प्रकोप होना
9- पूरी खाना- प्रसन्नता का समाचार मिलना
Swapna Phal Jyotish Hindi
10- तांबा देखना- गुप्त रहस्य पता लगना
11- पलंग पर सोना- गौरव की प्राप्ति
12- थूक देखना- परेशानी में पडऩा
13- हरा-भरा जंगल देखना- प्रसन्नता मिलेगी
14- स्वयं को उड़ते हुए देखना- किसी मुसीबत से छुटकारा
15- छोटा जूता पहनना- किसी स्त्री से झगड़ा
16- स्त्री से मैथुन करना- धन की प्राप्ति
17- किसी से लड़ाई करना- प्रसन्नता प्राप्त होना
18- लड़ाई में मारे जाना- राज प्राप्ति के योग
19- चंद्रमा को टूटते हुए देखना- कोई समस्या आना
20- चंद्रग्रहण देखना- रोग होना
21- चींटी देखना- किसी समस्या में पढऩा
22- चक्की देखना- शत्रुओं से हानि
23- दांत टूटते हुए देखना- समस्याओं में वृद्धि
24- खुला दरवाजा देखना- किसी व्यक्ति से मित्रता होगी
25- बंद दरवाजा देखना- धन की हानि होना
26- खाई देखना- धन और प्रसिद्धि की प्राप्ति
27- धुआं देखना- व्यापार में हानि
28- भूकंप देखना- संतान को कष्ट
29- सुराही देखना- बुरी संगति से हानि
30- चश्मा लगाना- ज्ञान बढऩा
31- दीपक जलाना- नए अवसरों की प्राप्ति
32- आसमान में बिजली देखना- कार्य-व्यवसाय में स्थिरता
33- मांस देखना- आकस्मिक धन लाभ
34- विदाई समारोह देखना- धन-संपदा में वृद्धि
35- टूटा हुआ छप्पर देखना- गड़े धन की प्राप्ति के योग
36- पूजा-पाठ करते देखना- समस्याओं का अंत
37- शिशु को चलते देखना- रुके हुए धन की प्राप्ति
38- फल की गुठली देखना- शीघ्र धन लाभ के योग
39- दस्ताने दिखाई देना- अचानक धन लाभ
40- शेरों का जोड़ा देखना- दांपत्य जीवन में अनुकूलता
41- मैना देखना- उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति
42- सफेद कबूतर देखना- शत्रु से मित्रता होना
43- बिल्लियों को लड़ते देखना- मित्र से झगड़ा
44- सफेद बिल्ली देखना- धन की हानि
45- मधुमक्खी देखना- मित्रों से प्रेम बढऩा
46- खच्चर दिखाई देना- धन संबंधी समस्या
47- रोता हुआ सियार देखना- दुर्घटना की आशंका
48- समाधि देखना- सौभाग्य की प्राप्ति
49- गोबर दिखाई देना- पशुओं के व्यापार में लाभ
50- चूड़ी दिखाई देना- सौभाग्य में वृद्धि
51- दियासलाई जलाना- धन की प्राप्ति
52- सीना या आंख खुजाना- धन लाभ
53- सूखा जंगल देखना- परेशानी होना
54- मुर्दा देखना- बीमारी दूर होना
55- आभूषण देखना- कोई कार्य पूर्ण होना
56- जामुन खाना- कोई समस्या दूर होना
57- जुआ खेलना- व्यापार में लाभ
58- धन उधार देना- अत्यधिक धन की प्राप्ति
59- चंद्रमा देखना- सम्मान मिलना
60- चील देखना- शत्रुओं से हानि
61- स्वयं को दिवालिया घोषित करना- व्यवसाय चौपट होना
62- चिडिय़ा को रोते देखता- धन-संपत्ति नष्ट होना
63- चावल देखना- किसी से शत्रुता समाप्त होना
64- चांदी देखना- धन लाभ होना
65- दलदल देखना- चिंताएं बढऩा
66- कैंची देखना- घर में कलह होना
67- सुपारी देखना- रोग से मुक्ति
68- लाठी देखना- यश बढऩा
69- खाली बैलगाड़ी देखना- नुकसान होना
70- खेत में पके गेहूं देखना- धन लाभ होना
71- फल-फूल खाना- धन लाभ होना
72- सोना मिलना- धन हानि होना
73- शरीर का कोई अंग कटा हुआ देखना- किसी परिजन की मृत्यु के योग
74- कौआ देखना- किसी की मृत्यु का समाचार मिलना
75- धुआं देखना- व्यापार में हानि
76- चश्मा लगाना- ज्ञान में बढ़ोत्तरी
77- भूकंप देखना- संतान को कष्ट
78- रोटी खाना- धन लाभ और राजयोग
79- पेड़ से गिरता हुआ देखना- किसी रोग से मृत्यु होना
80- श्मशान में शराब पीना- शीघ्र मृत्यु होना
81- रुई देखना- निरोग होने के योग
82- कुत्ता देखना- पुराने मित्र से मिलन
83- सफेद फूल देखना- किसी समस्या से छुटकारा
84- उल्लू देखना- धन हानि होना
85- सफेद सांप काटना- धन प्राप्ति
86- लाल फूल देखना- भाग्य चमकना
87- नदी का पानी पीना- सरकार से लाभ
88- धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना- यश में वृद्धि व पदोन्नति
89- कोयला देखना- व्यर्थ विवाद में फंसना
90- जमीन पर बिस्तर लगाना- दीर्घायु और सुख में वृद्धि

रविवार, 1 अक्टूबर 2017

स्वस्तिक चिन्ह चमत्कार जानकर आप हैरान रह जाओगे You will be surprised to know the swastika sign miracle

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कहा जाता है की स्वस्तिक चिन्ह दुनिया का सबसे प्राचीन चिन्ह है .ये किसी धर्म से जुड़ा नही है . इस की खोज हजारो साल पहले आर्यों ने की थी ,दुनिया के अलग अलग देशो में इसका इस्तेमाल अलग अलग तरीको के किया जाता है .पर हम बात कर रहे है इसके चमत्कारों की तो आईये जानते है स्वस्तिक चिन्ह के चमत्कारों और महत्व के बारे है स्वास्तिक चिन्ह के चमतकारी  फायदे
स्वस्तिक चिन्ह चमत्कार जानकर आप हैरान रह जाओगे You will be surprised to know the swastika sign miracle स्वस्तिक चिन्ह चमत्कार जानकर आप हैरान रह जाओगे You will be surprised to know the swastika sign miracle स्वास्तिक का चिन्ह स्वस्तिक का अर्थ स्वास्तिक के लाभ स्वस्तिक क्या है उल्टा स्वास्तिक स्वस्तिक कैसे बनाये स्वस्तिक इमेज स्वास्तिक मन्त्र

लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए-
यदि घर में पैसों की तंगी होती है तो आप सिंदूर या कुमकुम के स्वास्तिक चिन्ह को घर के बाहर बनाएं। एैसा करने से लक्ष्मी जी की कृपा आपके उपर बनती है। और पैसों की कमी दूर होती है।

व्यापार बढ़ाने के लिए-
आप सात गुरूवार घर के उत्तर पूर्वी कोनों पर गंगाजल डालें और वहां पर स्वास्तिक चिन्ह बनाएं। और गुड़ का प्रसाद भी चढ़ाएं। इस उपाय से व्यापर में तरक्की होती है।

मनोकामना पूरी करने के लिए उपाय-

यदि आप मनोकामना पूरी करना चाहते हैं तो किसी भी मंदिर में कुमकुम या गोबर का उल्टा स्वास्तिक चिन्ह बना लें और जैसे ही आपकी मनोकामना पूरी हो जाए तब आप मंदिर में सीधा स्वास्तिक बनाएं।

धन प्राप्त करने के लिए-
धन प्रप्ती चाहते हैं तो अपने घर की देहलीज की दोनों तरफ स्वास्तिक चिन्ह बना लें और उसके उपर मौली के धागे से बंधी हुई एक एक सुपारी स्वास्तिक के उपर रख दें।

सुख शांति के लिए स्वास्तिक-
अपने घर की उत्तर दिशा की दीवार पर हल्दी से स्वास्तिक चिन्ह बनाएं एैसा करने से घर में सुख शांति आती है।

पितरों को खुश रखने के लिए-
घर में गोबर से स्वास्तिक चिन्ह बनाने से घर में पितरों की कृपा और सुख व समृद्धि के साथ शान्ति भी आती है।स्वास्तिक के इन अचूक उपायों को करने से आपको बहुत फायदा मिलता है। यदि आप चाहते हैं कि सभी तरह के कष्ट और रोग आपके घर से दूर हों तो आप इन बताए गए उपायों को ध्यान से और विशवास के साथ करें।

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बुधवार, 2 अगस्त 2017

कुंवारे लड़के लड़कियों की जल्दी शादी कराने के लिए रामबाण टोटके Successful boys and girls succeed in getting married early

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आजकल कुंवारे लड़के और लडकियों की बहुत ज्यादा हो गयी है कारण ये है की सही योग्य वर या वधु का नही मिलना क्यों की हमारी कुंडली में कई ऐसे योग होते हैं जिनकी वजह से कोई भी पुरुष या स्त्री विवाह की खुशी से वंचित रह सकते हैं….कई बार ये रूकावट बाहरी बाधाओं कीवजह से भी आती हैं. इस प्रकार की स्थिति होने पर शीघ्र विवाह के उपाय करने में समझदारी रहती है. इन उपाय को करने से शीघ्र विवाह के मार्ग बनते है, तथा विवाह मार्ग की समस्त बाधाएं दूर होती है।  यहाँ पर बहुत ही आसान किन्तु अचूक उपाय बता रहे है जिनको सच्चे मन से करने से वर एवं कन्या दोनों को ही निश्चित रूप से मनवांछित लाभ प्राप्त होगा।
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कुंवारे लड़के लड़कियों की जल्दी शादी कराने का सफल और रामबाण टोटके Successful boys and girls succeed in getting married early

1. कन्या जब किसी कन्या के विवाह में जाये और यदि वहाँ पर दुल्हन को मेहँदी लग रही हो तो अविवाहित कन्या कुछ मेहँदी उस दुल्हन के हाथ से लगवा ले इससे विवाह का मार्ग शीघ्र प्रशस्त होता है।

2. विवाह वार्ता के लिए घर आए अतिथियों को इस प्रकार बैठाएं कि उनका मुख घर में अंदर की ओर हो, उन्हें घर का मेन गेटदिखाई न दे।

3. कन्या के विवाह की चर्चा करने उसके घर के लोग जब भी किसी के यहाँ जायें तो कन्या खुले बालों से,लाल वस्त्र धारण कर हँसते हुए उन्हें कोई मिष्ठान खिला कर विदा करे| विवाह की चर्चा सफल होगी।

4. गुरूवार को वट वृक्ष, पीपल, केले के वृक्ष पर जल अर्पित करने से विवाह बाधादूर होती है।

5. जिन व्यक्तियों को शीघ्र विवाह की कामना हों उन्हें गुरुवार को गाय को दोआटे के पेडे पर थोड़ा हल्दी लगाकर खिलाना चाहिए. तथा इसके साथ ही थोड़ा सा गुड व चने की पीली दाल का भोग गाय को लगाना शुभ होता है।यह भी पढ़े : यहां लॉटरी के इनाम में पैसे की जगह मिलती है वर्जिन लड़कियां

6. यदि कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें ! भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर “ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः” मंत्र का पांच माला जाप करें फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढादें ! विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयगी ।

7. प्रत्येक सोमवार को कन्या सुबह नहा-धोकर शिवलिंग पर “ऊं सोमेश्वराय नमः” का जाप करते हुए दूध मिले जल को चढाये और वहीं मंदिर में बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इसी मंत्र का एक माला जप करे ! विवाह की सम्भावना शीघ्र बनती नज़र आयेगी ।

8. विवाह योग्य लोगों को शीघ्र विवाह केलिये प्रत्येक गुरुवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए. भोजन में केसर का सेवन करने से विवाह शीघ्र होने की संभावनाएं बनती है।

9. विवाह योग्य व्यक्ति को सदैव शरीर परकोई भी एक पीला वस्त्र धारण करके रखना चाहिए।

10. यदि विवाह के पूर्व लड़का-लड़की मिलना चाहें तो वह इस प्रकार बैठे कि उनका मुख दक्षिण दिशा की ओर न हो
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गुरुवार, 16 मार्च 2017

स्त्रियों का झूठ पकड़ने का बिलकुल कारगर तरीका -The Effective Ways to Catch Women's Lies

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स्त्रिया अपने पति से अक्सर झूट बोलती है | लडकिया अपने दोस्त या बॉयफ्रेंड से झूट बोलती है | लेकिन हम हमेशा उनके झूट को पहचान नही पाते | औरत के झूट को पकड़ना कभी कभी बहुत मुश्किल होता है |आप किसी लड़की या लड़के का झूट पकड़ा जा सकता है | बस थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है | हर इंसान अपने जीवन में कभी ना कभी झूठा जरूर बोलता है चाहे किसी भी वजह से बोले। कोई अच्छी तरह से झूठ बोल लेता है तो कोई खराब, लेकिन बोलते सब हैं। तो आप व्यक्ति के झूठ को कैसे पहचान सकते हैं? दरअसल, किसी को भी झूठ पकड़ने के लिए किसी खास ज्ञान की जरूरत नहीं होती है। आइए जानें कि जब आपके आस-पास के लोगों का झूठ बोलें तो आप उन्हें कैसे पकड़ सकते हैं।   
स्त्रियों लड़कियों औरतों का झूठ पकड़ने का बिलकुल कारगर तरीका -The Effective Ways to Catch Women's Lies

चेहरे से झूट की पहचान -
जब आपको लगता है कि सामने वाला आपसे झूठ बोल रहा है तो उसके चेहरे को गौर से देखें। झूठ बोलते समय चेहरे के भाव बिल्कुल बदल जाते हैं। झूठ बोलते समय गालों का रंग बदल जाता है, क्योंकि भीतर झूठ को पकड़ने को छिपी चिंता से लोग मन ही मन शर्मिदा रहते हैं।
मुस्कुराहट से पहचान झूट की -
मुस्कुराहट भी कई बार सच्ची भावना बयां करने का काम करती है। आप किसी का झूठ पकड़ना चाहती हैं तो इस बात पर ध्यान दें कि सामने वाले मुस्कुरा कैसे रहा है। सच्ची मुस्कुराहट होंठों और आंखों से झांकती है, लेकिन झूठे शख्स की आंखों में मुस्कुराहट नहीं होती।
आवाज के बदलाव को पहचानें-
हालांकि झूठ बोलने वाला कई बार इतनी सफाई से झूठ बोलता है कि आप उसकी आवाज से उतार-चढ़ावों को पहचान नहीं पातीं, लेकिन आप अगर बोलने की गति और सांस के पैटर्न पर गौर करें तो पाएंगी कि झूठ बोलते वक्त इन दोनों में या बढ़ोतरी होती है या फिर कमी। अगर ऐसा है तो संभव है कि आप सच नहीं सुन रही हैं।
झूट पकड़ने के लिए सवाल पूछें-
जब कोई आपसे झूठ बोले तो उससे सवाल पूछने में बिल्कुल ना हिचकें। कई बार लोग सवाला का जवाब देने में इतने उलझ जाते हैं कि सच्चाई जुबान पर आ जाती है। कई बार सवाल पूछने पर झूठ बोलने वाला इधर-उधर झांकने लगता है, यह स्वाभाविक है, लेकिन साधारण सवाल पूछने पर भी सामने वाला इधर-उधर देखे, नजरें न मिलाए तो यह एक बड़ी पहचान है।
शारीरिक संकेतों को समझें-
झूठे लोग आपसे नजरें मिलाने का दिखावा करेंगे। उनके शरीर का ऊपरी हिस्सा फ्रीज होगा। वे झूठी हंसी हंसने की कोशिश करेंगे, आवाज धीमी होगी।
1 -बालों में हाथ फेरना
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि झूठ बोलते समय लोग बार-बार अपने बालों पर हाथ फेरते हैं या उंगलियां चटकाते हैं क्योंकि उनके अंदर डर होता है कि कहीं उनका झूठ पकड़ ना लिया जाए। इसका मतलब यह है कि वह झूठ बोल रहा है।
2 -आंखों में देखें
जब कोई इंसान झूठ बोलता है तो वो सामने वाले की आंखों में देखकर बात नहीं कर पाता है। बात करते समय उसकी नजरें झुकी रहती है क्योंकि उसे डर होता है कि कहीं उसका झूठ पकड़ना ना लिया जाए।
3 -मुंह ढंकना
कई बार लोग झूठ के पकड़े जाने के डर से सामने-सामने बात करने से बचते हैं। ऐसे में वे बातचीत के दौरान किसी ना किसी बहाने से मुंह ढंक कर बात करते हैं।
आत्मविश्वास की कमी
ईमानदार शख्स की बॉडी लैंग्वेज आत्मविश्वास से भरपूर होता है, जबकि झूठ बोलने वाला बार-बार अपनी बांह चढ़ा कर बात करता है। उसके पैर या तो अंदर की मुड़े होते हैं या फिर वह उनका मूवमेंट कम से कम रखता है। उसके हाथ भी अक्सर पीछे बंधे रहते हैं क्योंकि वह अपनी बेचैनी को किसी को दिखाना नहीं चाहता।
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सोमवार, 20 फ़रवरी 2017

कुंवारी लड़कियों को शिवलिंग की पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए-Why should not virgin girls worshiped Shivling

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हमारा हिन्दू धर्म बहुत ही बड़ा और विस्तृत धर्म है ,इस विशाल धर्म से निकली अनेक शाकाए आज एक धर्म का रूप ले चुकी है ,इस महान धर्म में अनेक धारणा और नियम है जो ऋषि मुनियों के दुवरा बनाये गये है और बिलकुल सही है , ये नियम विज्ञानं सम्मत है ,क्यों की इन को मुनियों ने योग शक्ति से बनाया था ,फिर भी कुछ नियम इसे होते है ,जिनको देखकर लगता है की इस नियम के पीछे कोई तर्क नही है ,जेसे , कुंवारी लडकिया भगवान शिव के शिवलिग की पूजा नही कर सकती ,इस के पीछे भी कारण है ,जानिए ये कारण और इसके पीछे का सच -
कुंवारी लड़कियों को शिवलिंग की पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए-Why should not virgin girls worshiped Shivling

कुंवारी कन्याओं के लिए वर्जित है पूजा

ऐसी मान्यता है कि लिंगम एक साथ योनि (जो देवी शक्ति का प्रतीक है एवं महिला की रचनात्मक ऊर्जा है) का प्रतिनिधित्व करता है। हालांकि शास्त्रों में ऐसा कुछ नहीं लिखा है। शिवपुराण के अनुसार यह एक ज्योति‍ का प्रतीक है।
क्या है सामाजिक धारणा?

कुछ सामाजिक धारणाओं के अनुसार शिवलिंग की पूजा सिर्फ पुरुष के द्वारा संपन्न होनी चाहिए न कि नारी के द्वारा। महिलाओं को शिवलिंग की पूजा से दूर ही रखा जाता है, खासतौर पर अविवाहित स्त्री को शिवलिंग पूजा से पूरी तरह से वर्जित रखा जाता है। परन्तु ऐसी मान्यताएं क्यों बनाई गई हैं?

शिवलिंग के करीब जाने से मनाही

किंवदंतियों के अनुसार अविवाहित स्त्री को शिवलिंग के करीब जाने की आज्ञा नहीं है। आमतौर पर शिवलिंग की पूजा करने के बाद श्रद्धालु इसके आसपास घूमकर परिक्रमा करने को सही मानते हैं, लेकिन अविवाहित स्त्री को इसके चारों ओर घूमने की भी इजाज़त नहीं दी जाती। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान शिव बेहद गंभीर तपस्या में लीन रहते हैं।
शिव की तपस्या से है संबंध

और किसी स्त्री के कारण उनकी तपस्या भंग ना हो जाए, इसका ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हमेशा से ही जब भी भगवान शिव की पूजा की जाती है तो विधि-विधान का बहुत खयाल रखा जाता है। केवल मनुष्य जाति ही नहीं, देवता व अप्सराएं भी भगवान शिव की पूजा करते समय बेहद सावधानी से उनकी पूजा करती हैं।
क्रोधित हो जाते हैं शिव जी

यह इसलिए कि कहीं देवों के देव महादेव की समाधि भंग न हो जाए। जब शिव की समाधि भंग होती है तो वे क्रोधित हो जाते हैं और अपने रौद्र रूप में प्रकट होते हैं जिसे शांत कर सकना किसी असंभव कार्य के समान है। इसी कारण से महिलाओं को शिव पूजा न करने के लिए कहा गया है।

लेकिन शिव की पूजा कर सकते हैं

लेकिन शिवलिंग की पूजा से अविवाहित स्त्रियों को दूर रखने का यह अर्थ नहीं है कि वे भगवान शिव की पूजा नहीं कर सकतीं। बल्कि कुंवारी कन्याएं ही शिव जी की सबसे अधिक आराधना करती हैं। अपने लिए एक अच्छे वर की कामना करते हुए वे पूर्ण विधि-विधान से शिव जी के 16 सोमवार का व्रत रखती हैं।
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रविवार, 1 जनवरी 2017

तुलसी से शुगर का पक्का उपचार होता है जानिए तरीका -Here's how the treatment is determined by the sugar basil

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मधुमेह के साथ लोगों को हर दिन स्वास्थ्य समस्याओं के साथ सौदा करना पड़ता है. मधुमेह खराब खान-पान और अनियंत्रित आदतों की वजह से बढ़ जाता है. मधुमेह का कोई ऐसा इलाज नहीं है जिससे उससे पूरी तरह से खत्म किया जा सके इसलिए लोग अक्सर उसे अनुपचारित छोड़ देते है. यह अंधापन, गुर्दे की बीमारी, रक्त वाहिनियों को नुकसान, संक्रमण, हृदय रोग, तंत्रिका क्षति, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक, अंग विच्छेदन और कोमा आदि बीमारियों को पैदा कर सकता है. वैसे तो बाजार में मधुमेह का इलाज इन्सुलिन और मेडिसिन्स द्वारा उपलब्ध है
मगर हम आपको कुछ ऐसे देसी इलाज बताएंगे जो आप घर बैठे कर सकते है.
तुलसी से शुगर का पक्का उपचार होता है जानिए तरीका -Here's how the treatment is determined by the sugar basil

1-प्राकृतिक कच्चा भोजन सभी प्रकार के रोगों के लिए सबसे अच्छी दवा है. कच्चा भोजन शरीर के एंजाइमों में मिल जाता है. ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें कच्चा खाया जा सकता है उन्हें कच्चा भोजन बोलते है जैसे की स्प्राउट्स, फल, जूस, नट आदि.

2-ऐसा कच्चा भोजन जिनमें फाइबर अधिक अधिक होता यही वो धीरे-धीरे शुगर लेवल को शरीर से खींच लेते है और इससे शरीर में ब्लड शुगर का लेवल संतुलित रहता है. फाइबर ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर रखने का सबसे अच्छा काम करता है. सेब, खुमानी, चुकंदर, जामुन, गाजर, खट्टे फल आदि फाइबर से भरपूर होते है.

3-ऐसा आहार जो सब्जियों और फलों का एक परफेक्ट मिक्स हो जिसमें सभी विटामिन्स और मिनरल्स हो जोकि शरीर के लिए एंटीऑक्सीडेंट के रूप में शरीर को अनचाहे रोगों से बचाए और ब्लड शुगर के हाई लेवल को कम करके शुगर को संतुलन में रखे.

4-तुलसी के पत्तों में ब्लड शुगर के स्तर को कम करने की शक्ति है. तुलसी के पत्तों में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है जो की ब्लड शुगर को कंट्रोल करके एक्स्ट्रा शुगर कंटेंट को शरीर से निकलने में मदद करता है.
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जानिए नये साल में क्या क्या होगा आपके साथ -Here's what will happen in the New Year with you

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नया साल केसा रहेगा आपके लिए और क्या होने वाला है आपके साथ इसका अनुमान हम लगा सकते है आपका राशिफल देखकर और जान सकते है की 2017 आपके लिए केसा गुजरेगा और ,हम तो उम्मीद करते है की 2017 आपके जीवन में ढेर सारी खुशिया लेकर आये तो जानते है 
जाने नया साल केसा रहेगा आप के लिए Will you go for New Year Casa
राशि अनुसार उपाय और जानिए कब-क्या होगा आपके साथ -
मेष  वृष  मिथुन  कर्क  सिंह  कन्या  तुला  वृश्चिक  धनु  मकर  कुंभ  मीन
मेष - 
पॉजिटिव -  गोचर कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अच्छी है। कर्म भाव का चंद्रमा आज आपके काम पूरे कर सकता है। आपका पूरा ध्यान अपने करियर में आगे बढ़ने पर रहेगा। आप थोड़े मूडी और थोड़े ज्यादा ही संवेदनशील हो सकते हैं। सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने का मौका मिल सकता है। दोस्तों के साथ बहुत अच्छा समय भी बीतेगा। दोस्तों से बातचीत आपकी कुछ टेंशन खत्म हो सकती हैं। दिन सामान्य रहेगा। सुखद घटनाएं होंगी। परिवार के साथ अच्छे से समय बीतेगा। आज आप जिसे अपनी समस्या समझ रहे हैं, वही थोड़े समय बाद आपके लिए जीवन में सकारात्मक बदलाव  लाने वाली साबित हो सकती है। व्यवहार सकारात्मक रखें।

नेगेटिव - इनकम में सुधार होने के बावजूद अपने करियर के नजरिए से आप असंतुष्ट हो सकते हैं। कार्य स्थल पर आपको सावधान रहना चाहिए। किसी से अनबन भी हो सकती है। ऑफिस की कोई स्थिति या कोई बात आपका मूड भी बिगाड़ सकती है।
 लव- पार्टनर के मूड का ध्यान रखें। पार्टनर आपके जोश और उत्साह की बराबरी नहीं कर सका, तो टकराव भी हो सकता है।
करियर- नौकरीपेशा और बिजनेस करने वाले लोगों को सहयोग मिल सकता है। मन खुश रहेगा। आपके काम बनेंगे। स्टूडेंट्स के लिए दिन सिर्फ  मेहनत करवाने वाला रहेगा। पुरानी मेहनत का अच्छा नतीजा मिलेगा।
हेल्थ- दिन भर की दौड़-भाग से बदन और सिर दर्द हो सकता है। थकान भी रहेगी। आराम करें।
वृष - 
पॉजिटिव - चंद्रमा गोचर कुंडली के भाग्य भाव में रहेगा। आपको अचानक किस्मत का सहयोग मिलेगा। सामाजिक दायरे में आप बहुत सक्रिय और सफल रहेंगे। किसी भी कठिन परिस्थिति में कई लोग आपका साथ देने के लिए तैयार रहेंगे। ज्यादातर दोस्त आपके साथ हैं और आपका साथ निभाएंगे। कुछ दोस्त गुप्त रुप से भी आपकी मदद करेंगे। अच्छा समय चल रहा है। न्यायालयीन कामों में जीत मिल सकती है। मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक परेशानियां खत्म हो सकती हैं। किसी तरह की नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है।
नेगेटिव - आज आपको किसी न किसी बात की टेंशन भी रहेगी। किसी काम को हड़बड़ी में करने से बचें। किसी से उलझने से बचें। उलझेंगे, तो अपना ही कीमती समय खराब कर सकते हैं। गलती किसी और की हो, तो भी आपको मन मारना पड़ेगा।
 लव- पार्टनर को आपकी मदद से फायदा मिल सकता है। लव लाइफ  में संतुष्टि और तालमेल रहेगा।
करियर- रुका हुआ पैसा नहीं आने से परेशान रहेंगे। अधिकारी आपसे खुश रहेंगे। आपको कोई नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। पढ़ाई में कोई बड़ा फैसला नहीं कर पाएंगे।
हेल्थ- आज आप अपनी सेहत पर ध्यान दें। मौसमी बीमारियों के योग बन रहे हैं।
मिथुन -
पॉजिटिव -  इस राशि वालों के लिए दिन सामान्य रहेगा। पैसों के क्षेत्र में आपको अच्छी खबर मिल सकती है। आपके आसपास चहल-पहल रहेगी। एकाग्रता भी चरम पर होगी और आपको एक साथ कई काम भी संभालने पड़ सकते हैं। शाम को लोगों से मिलने का या परिवार के साथ कहीं जाने का कार्यक्रम बन सकता है। काम ज्यादा जरूर रहेगा, मेहनत भी रहेगी, लेकिन काम हो भी जाएगा।
नेगेटिव - किसी बात को लेकर बहुत ज्यादा जिद न करें। कोई व्यक्ति आज आप पर निजी नकारात्मक टिप्पणी कर सकता है, या आपकी आलोचना कर सकता है। इससे स्वाभाविक उदासी भी हो सकती है। आप बहुत व्यस्त भी रहेंगे। कुछ विवाहित जोड़ों की आपस में नहीं बनेगी। कार्यक्षेत्र के लिए आपने कोई योजना बना रखी है तो आपको डर रहेगा कि सारा काम सोचे हुए ढंग से नहीं हो सकेगा। आज चंद्रमा गोचर कुंडली में आपकी राशि से आठवीं राशि में होगा तो आपको सावधान रहना चाहिए। संतान एवं परिवार का सहयोग आज आपको कुछ कम मिलेगा।
लव- लव लाइफ में आप भावुक हो सकते हैं। पार्टनर से मिलते ही उसे खुश करने के लिए काफी खर्चा भी करेंगे। आज इस राशि के अविवाहित लोग किसी को प्रपोज करने की सोच रहें हैं तो कर दें।
करियर- निचले वर्ग के लोगों से सहयोग और फायदा मिलेगा। बिजनेस में नई योजनाएं सामने आ सकती हैं। पढ़ाई करने के लिए भी काफी भाग-दौड़ करनी पड़ सकती है। कुछ लोगों को आज एसाइनमेंट पर भी मेहनत करनी पड़ेगी।
हेल्थ- छोटे रोगों को हल्के में न लें परेशानी बढ़ सकती है। नाक, कान में भी समस्या हो सकती है।
कर्क - 
पॉजिटिव -  काम रुकेंगे नहीं। कोई काम एक बार जब शुरू हो जाएगा, तो आपके संकोच भी दूर हो जाएंगे। कुछ लोग आपसे ज्यादा ही अपेक्षाएं रखेंगे। दूसरों की जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान देना होगा। आज सामने आने वाले अवसरों पर निगाह रखें। इससे आपकी पैसों की स्थिति में सुधार भी होगा। कर्क राशि वाले लोगों के लिए समय अच्छा है। साथ वाले लोगों की मदद भी मिलेगी। समय से काम भी पूरे हो जाएंगे।
नेगेटिव - नियमित कामकाज में मन कम लगेगा। अपनी योजना पार्टनर से शेयर न करें। जो भी करें अकेले ही करें। कोई काम या योजना को लेकर आपके मन में डर या शंका रह सकती है। कुछ लोगों की नजरों में आपकी नेगेटिव इमेज भी बन सकती हैं। खुद को लेकर सावधान रहें।
लव- जीवनसाथी और पार्टनर से कोई गिफ्ट मिल सकता है। साथ बैठकर अच्छा समय बिताएंगे। आने वाले दिनों की प्लानिंग हो सकती है।
करियर- बिजनेस के लिए छोटी और फायदेमंद यात्रा होने के भी योग बन रहे हैं। नई जिम्मेदारी मिल सकती है। नौकरी में दुश्मनों के कारण परेशान हो सकते हैं। कैम्पस में समय खराब होने की संभावना है। घर बैठकर पढ़ें, तो ज्यादा अच्छा रहेगा।
हेल्थ- रोगों से छुटकारा मिलेगा। आपकी सेहत पहले से थोड़ी ठीक रहेगी।
सिंह -
पॉजिटिव -  पद, वेतन या अधिकार में बढ़ोत्तरी हो सकती है। किसी नए स्थान पर जाना या कोई नई विधा सीखना आपके लिए उपयोगी रहेगा। प्रेमी के साथ संबंधों में और नजदीकी रिश्तों के मामलों में प्रगति होगी। संबंध मजबूत होंगे। दिमाग में उथल-पुथल रहेगी, लेकिन आपको फायदा मिलेगा। जितना हो सके  प्रैक्टिकल रहें। नौकरी में खुद के प्रदर्शन पर ध्यान दें तो बेहतर रहेगा। पैसों के काम से छोटी यात्रा भी करनी पड़ सकती हैं।
नेगेटिव - ऑफिस में किस्मत आपको इतना फायदा नहीं देगी, जितना आपने सोचा है। किस्मत के भरोसे कोई काम शुरू न करें। काम के बोझ के कारण आज आप खुद के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे। थोड़ा परेशान रहेंगे। पैसों की स्थिति और निवेश के मामलों को गंभीरता से लें। किस्मत के भरोसे रहने पर आपको नुकसान भी हो सकता है। दुश्मनों के आक्रामक व्यवहार से सावधान रहें। इस राशि के लोग थोड़े परेशान जरूर रहेंगे। बिजनेस मेंं पैसा रुक भी सकता है।
लव- लव लाइफ अच्छी रहेगी। पार्टनर से सुख और खुशियां मिलेगी। नए दोस्त बनेंगे और आप रिश्ते भी निभा लेंगे।
करियर-  नौकरी में प्रदर्शन सामान्य से कुछ कम रहेगा। बिजनेस में फायदा होने के योग बन रहे हैं। किसी सवाल या समस्या में उलझ सकते हैं। कुछ नया ज्ञान या आगे बढ़ने का शॉर्टकट भी मिल सकता है।
हेल्थ- सिंह राशि के लोग आज अपनी सेहत को लेकर सावधान रहें। मौसमी बीमारियां हो सकती हैं।
कन्या -
पॉजिटिव - गोचर कुंडली के पांचवें भाव का चंद्रमा शुभ रहेगा। बहुत सी नई बातें सीख जाएंगे। कुछ न कुछ सीखने की आपकी इच्छा शक्ति तेज रहेगी। जो सीखेंगे, उसे अपने नजदीकी दोस्तों को भी बताएंगे। महत्वपूर्ण लोगों के साथ आपका बहुत अच्छा तालमेल रहेगा। जो व्यक्ति आपके लिए बहुत खास है, आज उसके साथ आपका बहुत अच्छा समय भी बीतेगा। महत्वपूर्ण रिश्ते और अच्छे हो सकते हैं। पैसों की स्थिति को लेकर थोड़ा विचार करना होगा। दूसरों को खुश करने की कोशिश करेंगे। कुछ नई जिम्मेदारियां भी आप पर रहेंगी। जिन्हें खुशी-खुशी स्वीकार कर लेना आपके लिए अच्छा रहेगा। पंचम चंद्रमा आपकी योजनाओं को सफल बनाएगा और आपको सफलता देगा। कई अनसुलझे सवाल आपके सामने आ सकते हैं। परिवार में एकजुटता रखें।
नेगेटिव - आज लगभग हर काम में सावधान रहना चाहिए। इस राशि वालों को आश्वासन देना नुकसानदायक हो सकता है। आज आप ऑफिस या परिवार के उलझे हुए मामलों को सुलझाने के चक्कर में न पड़ें। दूसरों के मामलों में न पड़ें। बिना मांगे किसी को राय देना आपके लिए अच्छा नहीं है।
लव- बहस में न पड़े, तो पार्टनर ही आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा। लव कपल कहीं बाहर जा सकते हैं। किसी को प्रपोज करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए समय अच्छा है।
करियर-  कामकाज में बदलाव करने का मन बन सकता है। नौकरी और बिजनेस में मन कुछ कम ही लगेगा। पढ़ाई में मन कम लगेगा। अकेले बैठकर विचार करें कि कैसे सफल हों। आने वाले दिनों के लिए प्लानिंग बना सकते हैं। समय भी अच्छा रहेगा।
हेल्थ- आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी। कुछ पुरानी परेशानियां भी खत्म हो सकती हैं।
तुला - 
पॉजिटिव -  आने वाले दिनों में मिलने वाले किसी अच्छे मौके का पूर्वाभास भी हो सकता है। किसी खास मामले को लेकर परिवार के साथ मिलकर बैठें और उसे निपटाने की कोशिश करें। ऑफिस का काम या आपका कोई शौक आपको आज व्यस्त रख सकता है। आज किसी महत्वपूर्ण पार्टनरशिप की दिशा में प्रगति हो सकती है। प्रेमी के साथ समय बीतेगा। कुछ जिम्मेदारियां और जरूरी काम भी आपको ही निपटाने होंगे। निवेश करने या किसी को आर्थिक मदद देने के पहले सलाह कर लें। नए मकान खरीदने का मन बन सकता है। धार्मिक यात्रा का भी योग है।
नेगेटिव - किसी मामले में ज्यादा ही उलझ सकते हैं। लगभग हर काम में सावधान रहें। लोगों को आश्वासन देना आपके लिए  नुकसानदायक हो सकता है। लेन-देन में सावधान रहें। चंद्रमा परेशान भी कर सकता है। मानसिक तनाव जरूर रहेगा। कुछ मामलों में आपकी किस्मत साथ नहीं देगी। सावधान रहें। आपको कोई नया कदम नहीं उठाना चाहिए। किसी काम के कारण दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। आप चाह कर भी कहीं आने-जाने का मौका नहीं निकाल सकेंगे। ऑफिस के कामों के कारण आपके सामाजिक कार्यक्रमों में थोड़ी परेशानी आ सकती है। रोजमर्रा के कामों में कुछ नया काम शुरू नहीं करना चाहिए। वाहन का प्रयोग सावधानी से करें। कामों में देरी होने से परेशानी भी रहेगी
 लव- लव लाइफ  अच्छी रहेगी। पार्टनर से प्यार और सुख मिलेगा।
करियर-  पैसों का ध्यान रखें। नौकरी वालों को अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। पढ़ाई में मन कम ही लगेगा।
हेल्थ- सेहत पर ध्यान देंगे। पुराने रोग परेशान कर सकते हैं।
वृश्चिक -
पॉजिटिव -  पुराने संबंधों को मजबूत करने में सफलता मिलेगी। कोई एक्स्ट्रा काम हाथ में लेने के पहले इस बात को जरूर ध्यान में रखें कि आपको कुछ नियमित जिम्मेदारियां निभानी हैं। दूसरों की मदद करेंगे और इससे आपको संतुष्टि भी मिलेगी। धन लाभ हो सकता है और आपके सोचे हुए काम भी पूरे हो जाएंगे। आपको कुछ ऐसे अनुभव होंगे, जो इसके पहले कम ही हुए हों। चिंता की कोई बात नहीं है। पिता से पूरा सहयोग भी मिलेगा। कार्य स्थल पर आपको साथियों से सहयोग मिलेगा। कर्जे से निपटने के लिए कोई नया रास्ता मिलेगा।
नेगेटिव - गुस्से पर कंट्रोल नहीं करने से आपके काम बिगड़ सकते हैं। दोस्त या आपसे जुड़ा कोई व्यक्ति आपकी चुगली कर सकता है। आपको ऐसी राज की बातें पता चल सकती हैं, जो शायद आपके लिए कड़वी भी हो। परिवार के साथ आपकी खूब निभेगी। किसी काम में अति न करें, वरना आज समस्या में फंस सकते हैं।
 लव- पार्टनर के साथ प्यार से पेश आएं। वाद विवाद से बचें। संबंधों में खटास भी आ सकती है।
करियर-  बिजनेस अच्छा चलेगा। पुराना पैसा मिल भी सकता है। करियर चुनने में कन्फ्यूजन हो सकता है। छात्रों को ज्यादा ही मेहनत करनी होगी।
हेल्थ- पुराने रोग खत्म हो सकते हैं, कोई छोटी-मोटी परेशानी भी रहेगी।
धनु - 
पॉजिटिव - आपकी लाइफ में कोई बड़ा बदलाव भी हो सकता है। परेशानियां कम हो सकती हैं। आपके मन में जो भी बातें घूम रही हैं, उन पर किसी और के साथ विचार विमर्श करेंगे, तो फायदा होगा। आपके पास समय भी ज्यादा रहेगा। दोस्तों या प्रेमी के साथ समय बिताएंगे। अपनी ताकत को सही दिशा में लगाएंगे और ज्यादातर मामलों में सफल हो जाएंगे। घर-परिवार में आपके लिए बहुत काम हो सकता है। किसी नई बात, योजना या काम के लिए दिन सही है। कुछ नया करें तो आपके लिए अच्छा रहेगा। प्रेम के मामलों मे सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के साथ भी विचार विमर्श होगा।
नेगेटिव - आप कुछ भी बोलने से पहले सावधानी रखें। अपनी गुप्त बातें भी आज आप उजागर कर सकते हैं। धनु राशि  के लोग सावधान रहें। किसी को उधार पैसा न दें। आपके परिवार में पैसों से जुड़ी कोई समस्या भी हो सकती है। कुछ कामों में आपका मन ज्यादा नहीं लगेगा। आपके मन में अपने भविष्य को लेकर चिंता रहेगी। दुश्मन आपको परेशान करने की कोशिश करेंगे। नौकरी में बदलाव का भी योग है। खर्चा भी ज्यादा होगा।
लव- मन में मिली-जुली भावनाएं रहेंगी, विवाद में न पड़ें। प्रेम मिलने से खुशी मिलेगी।
करियर-  दोहरे विचारों को लेकर काम में मन नहीं लगेगा। कई तरह के फैसले करना आपके लिए मुश्किल हो सकता है। पढ़ाई में मन कम लगेगा। फालतू कामों में समय निकल सकता है।
हेल्थ- पेट के रोग और मानसिक तनाव बढ़ सकते हैं।
मकर - 
पॉजिटिव - आपकी राशि में चंद्रमा होने से कुछ लोग आकर्षित होंगे। धन लाभ के योग बन रहे हैं। दुश्मनों पर जीत मिल जाएगी। ऑफिस में मेहनत अधिक रहेगी। नौकरी में आपकी प्रगति होगी। आज आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। दिन अच्छा है। जो भी हो, आपको कोई नुकसान नहीं होना है। अपने साथ या आसपास के कुछ लोगों के साथ रिश्तों में सुधार आएगा। पैसों के मामलों पर आप अपने किसी विश्वासपात्र से विचार विमर्श भी कर सकते हैं। अगर आप उनकी सलाह गौर से सुनते हैं, तो कोई बहुत अच्छा तरीका आपके दिमाग में आ सकता है। बहुत अच्छी सलाह आपको मिल सकती है। दोस्तों से भी मदद मिल सकती है। संतान से सुख और आर्थिक सहायता मिल सकती है। घर से दूर रहने वाले लोगों को फायदा भी मिल सकता है। विवाह प्रस्ताव मिलेंगे।
नेगेटिव - पैसों की किल्लत हो सकती है। पैसों के मामले उलझे हुए हैं तो आज आप जरूरत से ज्यादा खर्चा न करें। आलस्य के कारण कुछ जरूरी काम छूट सकते हैं या अधूरे भी रह सकते हैं।
लव- भावनात्मक जुड़ाव में बहुत कठिनाई महसूस करेंगे। निजी संबंधों में गंभीर मतभेद हो सकते हैं। धैर्य रखें, यह समय भी बीत जाएगा।
करियर-  कार्यक्षेत्र और बिजनेस में दुश्मनों पर जीत मिलेगी। नया काम मिल सकता है। इंटरव्यू देने के लिए समय अच्छा है। स्टूडेंट्स को सफलता मिल सकती है।
हेल्थ- आलस्य त्याग दें, वरना बड़ा नुकसान हो सकता है।
कुंभ - 
पॉजिटिव -  आपकी बात और काम का असर भी लोगों पर होगा। लोग आपकी बातें सुनेंगे। किसी बैठक-समारोह का बुलावा मिल सकता है। रोमांस के अवसर मिलेंगे, प्रेम प्रस्ताव भी मिल सकता है। परिवार के लोगों का पूरा समर्थन और सहयोग मिलेगा। घर पर आराम भी कर सकते हैं। चंद्रमा आपकी राशि से बारहवीं राशि में रहेगा।
नेगेटिव - सोचे हुए कुछ काम पूरे होने में थोड़ी परेशानियां आ सकती हैं। कोई भी जोखिम भरा काम नहीं करना है और कोई बड़ा फैसला भी नहीं लेना है। कुछ गलतफहमियां आपको परेशान कर सकती हैं। विचारों में उग्रता हो सकती हैं, जो भी बात मन में आए, उसे तुरंत कहने से बचें। मनमानी बातें कहकर अपने लिए समस्या पैदा कर सकते हैं। पैसों की स्थिति पर विचार कर लें। अपने खर्च पर आपको कंट्रोल रखना होगा और फालतू खरीददारी से बचना होगा। जिस काम के नतीजे बहुत उलटफेर भरे हो सकते हैं ऐसे काम करने से बचें। यात्राओं में खर्चा होने का योग बन रहा है। विरोधियों से सावधान रहें। शेयर में निवेश करने से बचें।
लव- लव लाइफ  में विरोधी रुकावटें डाल सकते हैं। प्रेमी के साथ जीतना समय बीता सकते हैं बीता लें।
करियर-  ज्यादा कमाने के लालच में आ कर शेयर-सट्टे में पैसा न लगाएं। पढ़ाई में ज्यादा मन लगाने की कोशिश न करें। खुद के साथ जबरदस्ती करने से बचें।
हेल्थ- नींद की कमी और थकान से आंखों की परेशानी हो सकती है।
मीन - 
पॉजिटिव - पैसों की स्थिति में सुधार होने के योग बन रहे हैं। आपको कमाने के कुछ अच्छे अवसर मिल सकते हैं। जिनसे आप खुद भी हैरान हो सकते हैं। हाल ही में कुछ नए दोस्त मिल सकते हैं। आप अपनी पसंद के या मनमर्जी के कामों के लिए उत्सुक होंगे। थोड़ा आराम भी कर लें। जिस स्थिति का सामना कर रहे हैं, उससे आपको फायदा ही होगा। जो गंभीर बात है उसे गंभीरता से ही लें। सकारात्मक सोचें और काम करने का तरीका बदल लें। सब ठीक होगा।
नेगेटिव - जरूरत से ज्यादा इगो न रखें। समय खराब हो सकता है। कार्यक्षेत्र में विपरीत परिस्थितियां बन सकती हैं। आज आपको सावधानी रखनी होगी। रिश्ते तोड़ने में जल्दबाजी न करें। कुछ दोस्त ऐसे होंगे जिन पर भरोसा करना आपके लिए अच्छा नहीं रहेगा। ज्यादा जोश भी आपके लिए समस्या पैदा कर सकता है। आज आप अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर सकेंगे लिहाजा उसकी अपेक्षा न रखें। परेशानियां तो रहेंगी। नौकरी में पदोन्नति तो नहीं, लेकिन ट्रांसफर के योग जरूर बन रहे हैं। यात्रा में अधिक खर्च और असफलता मिलने से मानसिक तनाव हो सकता है।
लव- मीन राशि के लोग विवाद में पड़ने से बचें। प्रेमी और जीवनसाथी ही आपकी सबसे बड़ी ताकत होगा। आप किसी को लव प्रपोजल न भेजें, धैर्य रखें।
करियर-  कार्यक्षेत्र में सावधान रहने के योग हैं। पढ़ाई पर ध्यान दें। इधर-उधर के कामों में समय न गवाएं। स्टूडेंट्स के लिए समय अनुकूल रहेगा।
हेल्थ- भूख न लगने और नींद की कमी से कमजोरी आ सकती है।
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