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शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017

चमड़ी ,त्वचा के रोग , कारण लक्षण ,और इलाज- Skin diseases, symptoms, and treatment

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चमड़ी ,त्वचा के रोग , कारण लक्षण ,और इलाज- Skin diseases, symptoms, and treatment
चर्म रोग बेहद गंभीर रोग है जिसमें त्वचा में दाद के काले निशान पड़ जाते हैं। इसे एक्जिमा भी कहा जाता है। इस रोग में त्वचा पर खुजली, दर्द और जलन होती रहती है। आखिर क्यों होता है 
चमड़ी ,त्वचा के रोग , कारण लक्षण ,और इलाज- Skin diseases, symptoms, and treatment त्वचा के रोग , कारण लक्षण ,और इलाज\ Skin diseases, symptoms, and treatment,चर्म रोग के कारण,चर्म रोग के लक्षणचर्म रोग के उपचार,अलसी के इस्तेमाल से भी चर्म रोग ठीक होता है। अलसी में मौजूद ओमेगा थ्री एसिड शरीर के पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है जिससे चर्म रोग में आराम मिलता है। अलसी के तेल की 1 से 2 चम्मच का सेवन करें। चर्म रोग कष्टदायी रोग है जिसका समय रहते उपचार कराना जरूरी है। क्योंकि यह धीरे-धीर सारे शरीर में फैल जाता है और रोगी को बेहद परेशानी होती है। इन उपायों के जरिए आप चर्म रोग यानि एक्जिमा से मुक्ति पा सकते हो। यदि एक्जिमा बेहद गंभीर हो तो चिकित्सक को दिखाने में देर न करें। त्वचा रोगों की सूची चर्म रोग की दवा patanjali त्वचा रोग विशेषज्ञ चर्म रोग की अंग्रेजी दवा छाजन रोग चर्म रोग विशेषज्ञ छाल रोग चर्म रोग के कारण चर्म रोग, स्किन एलर्जी | घरेलू इलाज त्वचा रोग (Skin Desease) कारण लक्षण तथा उनके उपचार चमड़ी की एलर्जी सिहुली रोग चर्म रोग के प्रकार छाल रोग त्वचा रोगों की सूची सिहुली स्किन मेडिसिन सिहुली किस कारण से होता है सिहुली ों स्किन

चर्म रोग के कारण
1. रसायनिक चीजों का ज्यादा प्रयोग करना जैसे साबुन, चूना, सोड़ा और डिटर्जेट का अधिक इस्तेमाल करना।
2. पेट में कब्ज का अधिक समय तक होने से भी चर्म रोग होता है।
3. रक्त विकार होने की वजह से भी चर्म रोग होता है।
4. महिलाओं में मासिकधर्म की परेशानी की वजह से भी उन्हें एक्जिमा हो सकता है।
5. किसी एक्जिमा पीड़ित इसान के कपड़े पहनने से भी। यह रोग हो सकता है।

चर्म रोग के लक्षण
एक्जिमा रोग में त्वचा पर छोटे-छोटे दाने निकलने लगते हैं। और फिर ये लाल रंग में बदलने लगते हैं और इनमें खुजली होती रहती है। और खुजलाने से जलन होती है फिर ये दाग के रूप में त्वचा में फैलने लगता है। यदि सारे शरीर में एक्जिमा होता है उससे रोगी को बुखार भी आने लगता है।
चर्म रोग के उपचार
1. समुद्र के पानी से प्रतिदिन नहाने से एक्जिमा ठीक हो जाता है।
2. नमक का सेवन कम कर दें। हो सके तो कुछ समय तक नमक का सेवन बंद ही कर दें।
3. नीम के पत्तों को पानी में उबाल कर उससे रोज स्नान करें। 
4. साफ सुतरे कपड़े पहना करें।
5. खट्टे, चटपटे, और मीठी चीजों का इस्तेमाल न करें। क्योंकि ये रोग को और बढ़ाते हैं।
6. यदि चर्म रोग गीले किस्म का है तो इस पर पानी का प्रयोग न करें।
गेंदे के फूल में एंटी बैक्टीरियल के साथ एंटी वायरल तत्व होते हैं जो चर्म रोग में लाभ देता है। गेंदे की पत्तियों को पानी में अच्छे से उबाल लें और दिन में तीन बार चर्म रोग से प्रभावित जगह पर लगाएं।
अलसी के इस्तेमाल से भी चर्म रोग ठीक होता है । अलसी में मौजूद ओमेगा थ्री एसिड शरीर के पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है जिससे चर्म रोग में आराम मिलता है। अलसी के तेल की 1 से 2 चम्मच का सेवन करें।
चर्म रोग कष्टदायी रोग है जिसका समय रहते उपचार कराना जरूरी है। क्योंकि यह धीरे-धीर सारे शरीर में फैल जाता है और रोगी को बेहद परेशानी होती है। इन उपायों के जरिए आप चर्म रोग यानि एक्जिमा से मुक्ति पा सकते हो। यदि एक्जिमा बेहद गंभीर हो तो चिकित्सक को दिखाने में देर न करें।
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सोमवार, 4 दिसंबर 2017

कमजोरी,दुबलापन,पक्का उपाय-Weakness, thinness, certain measures

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TEG--कमजोरी,दुबलापन,पक्का उपाय-Weakness, thinness, certain measures-दुबलापन कैसे दूर करे-दुबलापन दूर करने का उपाय-दुबलापन दूर करने के उपाय-दुबलापन कारण व उपचार-जल्दी मोटा होने के उपाय-मोटा होने के लिए दवा-दुबला पतला शरीर-कमजोरी के लक्षण-कमजोरी की देशी दवा-कमजोरी दूर करने के उपाय-कमजोरी के कारण-कमजोरी की दवा-कमजोरी लगना-शरीर की कमजोरी दूर करने के उपाय-शारीरिक कमजोरी के लक्षण

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दुबलापन एक ऐसी समस्या है, जिससे ग्रसित लोग अक्सर आत्मविश्वास में कमी महसूस करते हैं और हेल्थ बढ़ाने के लिए कुछ भी करने को तैयार होते हैं। अगर आप भी दुबलेपन से परेशान हैं तो निराश न हों आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के सम्मिलित प्रयासों से दुबलेपन की समस्या के कारगर उपाय खोज निकाल लिए गए हैं। ये उपाय कुछ इस तरह है ----


  • अध्वगंधा और शतावर का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर 1 से 2 चम्मच प्रतिदिन शुद्ध दूध के साथ सोने से पहले सेवन करें।

  • दूध में उबालकर प्रतिदिन 5 छुवारे यानी खारक का सेवन करें।

  • एक गिलास दूध में दो चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन सेवन करें।

  •  भोजन में सलाद, नाश्ते में अंकुरित अन्न, तथा फलों का प्रयोग प्रारंभ करें।

  •  यथा संभव नशीले पदार्थों चाय, कॉफी, गुटका-तम्बाकू, सिगरेट और शराब आदि से दूर रहें।ऊपर बताए इन प्रयोगों को यदि कोई लगातार दृढ़ संकल्पित होकर करें तो निश्चित रूप से उसे दुबलेपन और अन्य शारीरिक कमजोरियों से छुटकारा मिल जाएगा।


ऊपर बताए इन प्रयोगों को यदि कोई लगातार दृढ़ संकल्पित होकर करें तो निश्चित रूप से उसे दुबलेपन और अन्य शारीरिक कमजोरियों से छुटकारा मिल जाएगा।
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शनिवार, 2 दिसंबर 2017

सिर में नए बाल फिर से उगाने के लिए -New hair to grow again in the head -

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सिर में नए बाल फिर से उगाने के लिए -New hair to grow again in the head -सिर में नए बाल उगाने के लिए आसान घरेलू उपाय-Simple home remedy for growing new hair in the head-नये बाल कैसे उगाए-बाल उगाने के घरेलू उपाय-बाल उगाने की दवा-बाल उगाने का घरेलु उपाय-बालों को घना-गंजे सिर पर बाल-गंजेपन की दवा-गंजेपन का घरेलू उपचार-बाल वृद्धि के आयुर्वेदिक घरेलू उपचार


सिर में नए बाल उगाने के लिए आसान घरेलू उपाय-Simple home remedy for growing new hair in the head सर में नए बाल उगाने के लिए आसान घरेलू उपाय Simple home remedy for growing new hair in the head,गंजापन दूर करने के उपाय,गंजापन बाल गिरने,गंजापन रोकने के लिए,गंजापन  का इलाज-Methods to overcome baldness-Ayurvedic Home Remedies for Hair Growth-सिर में नए बाल उगाने के लिए आसान घरेलू उपाय-Simple home remedy for growing new hair in the head-नये बाल कैसे उगाए-बाल उगाने के घरेलू उपाय-बाल उगाने की दवा-बाल उगाने का घरेलु उपाय-बालों को घना-गंजे सिर पर बाल-गंजेपन की दवा-गंजेपन का घरेलू उपचार-सिर में नए बाल फिर से उगाने के लिए -New hair to grow again in the head -गंजापन की दवा गंजेपन का सफल इलाज बाल उगाने का इलाज माइनोक्सिडिल माइनोक्सिडिल नामक दवा गंजेपन का रामबाण इलाज स्पॉट बाल्डनेस के उपचार गंजेपन की दवा गंजेपन का घरेलू उपचार नये बाल कैसे उगाए बाल वापस बाल उगाने के योग गंजे सिर पर बाल बाल उगाने के घरेलू उपाय गंजापन का आयुर्वेदिक इलाज गंजेपन का आयुर्वेदिक उपचार

गंजापन दूर करने के उपाय-Methods to overcome baldness

गंजापन बाल गिरने की आम बीमारी हैI इस रोग में रोगी के सामान्य से अधिक बाल गिरते हैं। यह रोग पुरुषों में, बच्चों और महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होता है। यह रोग त्वचा की समस्याओं या वंशानुगत बीमारी की वजह से होता है। जो लोग हमेशा तनाव मे रहते हैं, उनमे इस रोग की अधिक संभावना होती है। हिन्दी मे एक कहाबत है “चिन्ता चिता के समान होती है” (सचमुच चिंता एक चिता की तरह है) यह बिल्कुल सही है। गंजापन के लिए आयुर्वेद मे घरेलू उपचार बताये गये हैं, जो कि काफि फाय्देमन्द हैं। गंजापन के लिए मुख्य आयुर्वेदिक घरेलू उपचार नीचे बताये जा रहे हैं।
1 . बाल गिरने को रोकने के लिए सिर पर हरी धनिया को पीस्कर से रोज मालिश करें।
2 . सूखे आंवले का पाउडर तैयार करें और नारियल तेल और चमेली के तेल के साथ मिश्रण बनायें। गंजापन रोकने के लिए धीरे धीरे अपने सिर पर इस तेल कि मालिस करें।
3. गंजापन रोकने के लिए गोभी के 30-50 ग्राम पत्ते रोजाना खाओ। आप सलाद के रूप में भी गोभी का उपयोग कर सकते हैं।
4 बरगद की जटाओं का पाउडर तैयार करें और नींबू के साथ मिश्रण बनायें। इस मिश्रण के साथ सिर धोने के बाद गंजापन रोकने के लिए नारियल तेल से सिर की मालिश करें।
5 अनार बीज, पत्ते और बाहरी छिलका पीस लें और फिर सरसों तेल के साथ पकाएं। इस मिश्रण को निथार कर तेल के रूप में एक दिन मे 2-3 बार बालों की मालिश करें।
6 आप मेंहदी / मेहँदी को भी एक प्राकृतिक बाल डाई के रूप में उपयोग कर सकते हैं। यह आपके बालों को मजबूत बनाने और बाल गिरने की परेशानी दूर करती है।
7 पीला ततैया खाली घोंसला 25 ग्राम और गुड़हल (हिबिस्कुस रोजा साइनेसिस) के 10-15 पत्ते लें। आधा लीटर नारियल तेल में इनको मिलाएं और एक धीमी आंच पर उबालें। जब पीला ततैया घोंसला काले रंग के हो जाते हैं तो मिश्रण नीचे उतार लें। ठंडा होने पर इसे फिल्टर करके एक छोटी बोतल में जमा करें। गंजापन का इलाज करने के लिए सिर पर इस तेल से रोज़ मालिश करें। इससे सिर पर फिर से बालों को उगने में मदद मिलेगी।
ये गंजापन के लिए या बाल गिरने रोकने के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपचार ज्यादातर इस्तेमाल के 7 सबसे अच्छे तरीके हैं। अगर आप इस समस्या से पीड़ित हैं, और गंजापन के लिए एक सस्ता और प्रभावी घरेलू उपचार की तलाश में हैं तो आप उपरोक्त आयुर्वेदिक घरेलू उपचार इस्तेमाल कर सकतें हैं

बाल वृद्धि के आयुर्वेदिक घरेलू उपचार-Ayurvedic Home Remedies for Hair Growth

बाल विकास के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपचार मे हम आमला, शिकाकाई, रीठा, भृंगराज, मंजिष्ठा, रक्त चंदन, जटामांसी और नीम जैसे कई आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का प्रयोग कर सकते हैं। ये आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां आसानी से घर में उपलब्ध होती हैं। और बाल विकास के लिए अति उपयोगी हैं।

  1. बालों के लिए आमला सोने से पहले रात में ठंडे पानी से आधा चम्मच ले, आंवला पाउडर या सूखा आंवला रात को पानी मॆं भिगो दें और सुबह में यह आमला पानी का उपयोग सिर धोने मे करें मजबूत, लंबे और रेशमी बाल पाने के लिए इस आमला पानी के घोल को सिर धोने में प्रयोग करें। आप आमले के साथ शिकाकाई और रीठा भी उपयोग कर सकते हैं। ये आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के पानी का घोल बाल विकास के लिए बहुत प्रभावी है और यह भी बाल गिरने या रूसी जेसे बालों के रोगों से छुटकारा दिलाता है।
  2. शिकाकाई एक अच्छा कंडीशनर और क्लेअंजर (cleanser) है। यह कई रूसी नाशक शैंपू की तैयारी में प्रयोग किया जाता है। रीठा भी शिकाकाई की तरह समान गुण होने से कंडीशनर और क्लेअंजर के रूप में प्रयोग किया जाता है। रीठा के प्र्योग से भी बाल चमकदार और रेशमी बनते हैं।
  3. आमला, शिकाकाई, रीठा और दूसरों सीधे प्रकृति से उपलब्ध आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां बाल विकास के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपचार में प्रयोग की जाती हैं। रात में इन जड़ी बूटियों को पानी में भिगों दे और सुबह इस जड़ी बूटियों के पानी का उपयोग करें। अगले उपयोग के लिए जड़ी बूटियों के ठोस भाग को निकाल ले और फिर दोबारा भिगोकर उपयोग करें। और जब इन जड़ी बूटियों का प्रभाव पूरी तरह से समाप्त हो जाये तो आप इन्हे निकालकर फेंक दे और नई जड़ी बूटियों को प्रयोग करे।
  4. मेहँदी भी बाल मजबूत बनाने और डाई करने के लिये इस्तेमाल कि जाती है। यह आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है और बाल डाई करने के लिए हरी पत्तियों का उपयोग करें।
  5. नारियल तेल भी बालों के विकास के लिए अच्छा है। आप सरसों का तेल, बादाम का तेल और तिल का तेल भी बालों को प्रकृति के अनुसार का उपयोग कर सकते हैं।
  6. आप चमकदार, रेशमी बाल पाने के लिए सूखे बालों पर दही और अंडे का उपयोग भी कर सकते हैं।
  7. विभिन्न साबुन और शैंपू का प्रयोग से बचें क्योंकि वे हानिकारक रसायन होते हैं। यदि आप बालों को धोने के लिए शैम्पू का उपयोग करना चाहते हैं, तो बालों के लिए अच्छा ब्रांड का शैम्पू इस्तेमाल करें
  8. बालों की मालिश या सिर की मालिश भी खोपड़ी और बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। आप लगभग एक सप्ताह में एक बार बालों की मालिश जरूर करें। यदि रोज कर सके तो और भी अच्छा रहेगा

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शुक्रवार, 10 नवंबर 2017

ताकत बड़ाने वाले कुछ फल .रामबाण इलाज ,Some fruits prmanent treatment increasing strength,

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ताकत बड़ाने वाले कुछ फल .रामबाण इलाज ,Some fruits prmanent treatment increasing strength,
इस भाग दौड़ और तनाव भरी ज़िन्दगी तथा अनियमति और अनहेल्दी भोजन के कारण पुरुषों में कमजोरी की समस्या आजकल आम है। नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष आदि ऐसी समस्याएं हैं जो वैवाहिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं। असंयमित खान-पान या शरीर में पोषक तत्वों के कारण या अन्य गलत आदतों से  पुरुषों को दुर्बलता या कमजोरी की परेशानी होने लगती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं बेहद साधारण घरेलू नुस्खे जिनसे आप इस समस्या से बहुत जल्द छुटकारा पा सकते हैं।
ताकत बड़ाने वाले कुछ फल .रामबाण इलाज ,Some fruits prmanent treatment increasing strength,ताकत बड़ाने वाले कुछ फल .रामबाण इलाज ,Some fruits prmanent treatment increasing strength,मर्दाना ताकत ,मर्दाना कमजोरी का इलाज ,सेक्स ताकत sex मर्दाना ताकत बढ़ाने के घरेलू उपाय ताकत की दवा मर्दाना ताकत के नुस्खे शरीर की ताकत बढ़ाने के उपाय ताकत बढाने की दवा शारीरिक ताकत मर्दाना ताकत कैसे प्राप्त करें मर्दाना ताकत की टेबलेट शारीरिक ताकत बढ़ने के उपाय, Sarerik takat badhane ke upay मर्दाना ताकत बढ़ाने का जबरदस्त घरेलु नुस्खा घोड़े जैसी मर्दाना ताकत पाने के नुस्खे सिर्फ शारीरिक ताकत और बल के देशी आयुर्वेदिक नुस्खे
1. आंवला- 
2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से सेक्स शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी। इस प्रकार की परेशानी में आंवला बहुत फायदेमंद होता है। अत: प्रतिदिन रात्रि में गिलास में थोड़ा सा हुआ सुखा आंवले का चूर्ण लें और उसमें पानी भर दें। सुबह उठने के बाद इस पानी में हल्दी मिलाएं एवं छानकर पीएं। आंवले के चूर्ण में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रतिदिन रात को सोने से पहले करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा सा पानी पीएं। जिन लोगों को अत्याधिक स्वप्नदोष होने की समस्या है, वे प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खाएं।

2. सेब-  
एक सेब में जितनी हो सके उतनी लौंग लगा दीजिए। इसी तरह का एक अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, लौंग लगाकर दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग बोतल में भरकर रख लें। पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40दिनों तक 2-2 लौंग खाएं। यह एक तरह से सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है।
अश्वगंधा
अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। चूर्ण को आधा चम्मच मात्रा में दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।
4. सोंठ- 4 ग्राम सोंठ, 4 ग्राम सेमल का गोंद, 2 ग्राम अकरकरा, 28 ग्राम पिप्पली तथा 30 ग्राम काले तिल को एकसाथ मिलाकर तथा कूटकर बारीक चूर्ण बना लें। रात को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण लेकर ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। यह रामबाण औषधि शरीर की कमजोरी को दूर करती है और सेक्स शक्ति को बढ़ाती है।
5. अजवायन- 100 ग्राम अजवायन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूखने के बाद उसे फिर से प्याज के रस में गीला करके सुखा लें। इस तरह से तीन बार करें। उसके बाद इसे कूटकर किसी बोतल में भरकर रख लें। आधा चम्मच इस चूर्ण को एक चम्मच पिसी हुई मिश्री के साथ मिलाकर खा जाएं। फिर ऊपर से हल्का गर्म दूध पी लें। करीब-करीब एक महीने तक इस मिश्रण का उपयोग करें। इस दौरान संभोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला सबसे अच्छा उपाय है
6. छुहारे- चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू और दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।
7. गाजर- 1 किलो गाजर, चीनी 400 ग्राम, खोआ 250  ग्राम, दूध 500 ग्राम, कद्यूकस किया हुआ नारियल 10 ग्राम, किशमिश 10 ग्राम, काजू बारीक कटे हुए 10-15 पीस, एक चांदी का वर्क और 4चम्मच देशी घी ले लें। गाजर को कद्दूकस करके कडा़ही में डालकर पकाएं। पानी के सूख जाने पर इसमें दूध, खोआ और चीनी डाल दें तथा इसे चम्मच से चलाते रहें। जब यह सारा मिश्रण गाढ़ा होने को हो तो इसमें नारियल, किशमिश, बादाम और काजू डाल दें। जब यह गाढ़ा हो जाए तो थाली में देशी घी लगाकर हलवे को थाली पर निकालें और ऊपर से चांदी का वर्क लगा दें। इस हलवे को चार-चार चम्मच सुबह और शाम खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। यह वीर्यशक्ति बढ़ाकर शरीर को मजबूत रखता है। इससे सेक्स शक्ति भी बढ़ती है।
8. इमली- आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी बोतल में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है।
9. कौंच का बीज- 100 ग्राम कौंच के बीज और 100  ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है और नामर्दी दूर होती है।
10. चोबचीनी- 100 ग्राम तालमखाने के बीज, 100 ग्राम चोबचीनी, 100 ग्राम ढाक का गोंद, 100 ग्राम मोचरस तथा 250 ग्राम मिश्री को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है।
11. प्याज- आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच मिश्री के चूर्ण को मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह मिश्रण वीर्यपतन को दूर करने के लिए काफी उपयोगी रहता है।सफेद प्याज के रस को अदरक के रस के साथ मिलाकर शुद्ध शहद तथा देशी घी पांच-पांच ग्राम की मात्रा में लेकर एक साथ मिलाकर सुबह नियम से एक माह तक सेवन करें और लाभ देखें इससे यौन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जाती है।
12. ढाक –  ढाक के 100 ग्राम गोंद को तवे पर भून लें। फिर 100 ग्राम तालमखानों को घी के साथ भूनें। उसके बाद दोनों को बारीक काटकर आधा चम्मच सुबह और शाम को दूध के साथ खाना खाने के दो-तीन घंटे पहले ही इसका सेवन करें। इसके कुछ ही दिनों के बाद वीर्य का पतलापन दूर होता है तथा सेक्स क्षमता में बहुत अधिक रुप से वृद्धि होती है।
13. जायफल – 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भस्म, 5 ग्राम अकरकरा और 10 ग्राम केसर को मिलाकर बारीक पीस लें। इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इमामदस्ते में घोटें। उसके बाद चने के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना रात को सोने से 2 पहले 2 गोलियां गाढ़े दूध के साथ सेवन करें। इससे शिश्न (लिंग) का ढ़ीलापन दूर होता है तथा नामर्दी दूर हो जाती है।
14. इलायची – इलायची के दानों का चूर्ण 2 ग्राम, जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम, बादाम के 5 पीस और मिश्री 10 ग्राम ले लें। बादाम को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के वक्त उसे पीसकर पेस्ट की तरह बना लें। फिर उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर तथा दो चम्मच मक्खन मिलाकर विस्तार रुप से रोजाना सुबह के वक्त इसको सेवन करें। यह वीर्य को बढ़ाता है तथा शरीर में ताकत लाकर सेक्स शक्ति को बढ़ाता है।
15. तुलसी- 15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।
16. लहसुन- 200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी में भरकर ढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों के बाद 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।
17. हल्दी – वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है।
18. उड़द की दाल – आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।
19. शंखपुष्पी – शंखपुष्पी 100 ग्राम, ब्राह्नी 100 ग्राम, असंगध 50 ग्राम, तज 50 ग्राम, मुलहठी 50 ग्राम, शतावर 50 ग्राम, विधारा 50 ग्राम तथा शक्कर 450 ग्राम को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर सेक्स शक्ति में ताकत आती है।
20. उंटगन के बीज – 6 ग्राम उंटगन के बीज, 6 ग्राम तालमखाना तथा 6 ग्राम गोखरू को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें। इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें। इससे नपुंसकता (नामर्दी) रोग दूर हो जाता है।
21. गोखरू – सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।
22. बरगद – सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की 10-15 बूंदें बताशे पर रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और सेक्स शक्ति भी अधिक हो जाएगी।
23. पीपल – पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य में तथा सेक्स करने की ताकत में वृद्धि होती है।
24. त्रिफला – एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।

25. सफेद मूसली – सालम मिश्री, तालमखाना, सफेद मूसली, कौंच के बीज, गोखरू तथा ईसबगोल- इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा सेक्स शक्ति में अधिकता लाता है।
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बुधवार, 14 जून 2017

मधुमेह का बिलकुल सफल इलाज उपचार-Very simple treatment of diabetes treatment

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मधुमेह का बिलकुल सफल इलाज उपचार-Very simple treatment of diabetes treatment
मधुमेह चयापचयी विकारों से पनपने वाला रोग है जो शरीर की इन्सुलिन पैदा करने या इन्सुलिन का उपयोग करने की क्षमता को प्रभावित करता है। आंकड़ों की मानें तो भारत में ये रोग पूरी दुनिया के मुकाबले तेज़ी से बढ़ रहा है। युवाओं में इस रोग की बढ़ती तादाद से परेशान डॉक्टर इससे लड़ने की नई तकनीकों की तलाश में हैं। अगर
मधुमेह का बिलकुल सफल इलाज उपचार-Very simple treatment of diabetes treatment मधुमेह का ताकतवर घरेलू उपचार,,Diabetes powerful home remedies ,दमा का इलाज ,दमा का उपचार ,मधुमेह का पूरा इलाज-मधुमेह का बिलकुल सफल इलाज उपचार-Very simple treatment of diabetes treatment डायबिटीज का घरेलू उपचार  डायबिटीज क्या है  डायबिटीज के कारण  डायबिटीज के लक्षण  डायबिटीज कंट्रोल  टाइप २ डायबिटीज  डायबिटीज की दवा  डायबिटीज से बचने के उपाय मधुमेह के लिए योग  मधुमेह का रामबाण इलाज  मधुमेह आहार  मधुमेह का जड़ से इलाज  मधुमेह से छुटकारा  मधुमेह टाइप 2 के उपचार  मधुमेह के कारण  मधुमेह के लक्षण
आपको ब्लड-शुगर को नियंत्रण में रखने का कोई घरेलू उपाय मिल जाए तो? जी हां, ऐसा उपाय है।
तुलसी के पत्ते-Basil leaves
तुलसी के पत्तों में ऐन्टीआक्सिडन्ट और ज़रूरी तेल होते हैं जो इजिनॉल, मेथिल इजिनॉल और कैरियोफ़ैलिन बनता है। ये सारे तत्व मिलकर इन्सुलिन जमा करने वाली और छोड़ने वाली कोशिकाओं को ठीक से काम करने में मदद करते हैं। इससे इन्सुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है। एक और फ़ायदा ये है कि पत्तियों में मौजूद ऐन्टीआक्सिडन्ट  आक्सिडेटिव स्ट्रेस संबंधी कुप्रभावों को दूर करते हैं।
नुस्खा: शुगर लेवल को कम करने के लिए दो से तीन तुलसी के पत्ते खाली पेट लें, या एक टेबलस्पून तुलसी के पत्ते का जूस लें।
पटसन के बीज-Flax seeds
 इनमें फाइबर सामग्री बहुल मात्रा में पाई जाती है जो पाचन में तो मदद करते ही हैं साथ ही फैट और शुगर के अवशोषण में भी सहायक होते हैं। पटसन के बीज खाने से मधुमेह से ग्रसित मरीजों में शुगर की मात्रा 28 प्रतिशततक कम होती है।
नीलबदरी के पत्ते-Bilberry leaf
 मधुमेह को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में सदियों से हो रहा है. जर्नल ऑफ़ न्यूट्रीशन ने
कहा है कि इसकी पत्तियों में एंथोसियानीडीनस भारी मात्रा में मौजूद होते हैं जो चयापचय की प्रक्रिया और ग्लूकोज़ को शरीरके विभिन्न भागों में पहुंचाने की प्रक्रिया को समृद्ध करता है। अपने इस ख़ास गुण के कारण नीलबदरी के पत्ते ब्लड शुगरलेवल को कम करने में काफी कारगर होते हैं।
दालचीनी-Cinnamon
ये इन्सुलिन की संवेदनशीलता को सुधारने के साथ-साथ ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को भी कम करता है। अगर सिर्फ आधी चम्मच दालचीनी रोज़ ली जाए तो इन्सुलिन की संवेदनशीलता को सुधारा और अपने वज़न को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे ह्रदय संबंधी रोगों का खतरा कम हो जाता है।
नुस्खा: लगभग एक महीने के लिए अपने रोज़ के आहार में एक ग्राम दालचीनी का इस्तेमाल करें, इससे ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद मिलेगी।
ग्रीन टी-Green tea
ग्रीन टी में पॉलीफिनोल्स होते हैं जो एक मज़बूत एंटी-ऑक्सीडेंट और हाइपो-ग्लाइसेमिक तत्व हैं, इससे ब्लड शुगर को रिलीज़ करने में मदद मिलाती है और शरीर इन्सुलिन का सही तरह से इस्तेमाल कर पाता है।
सहजन के पत्ते-Drumstick leaves
 इसे मोरिंगा भी कहते हैं, इसके पत्तों में इसमें दूध की तुलना में चार गुना कैलशियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। मधुमेह के मामलों में इन पत्तों के सेवन से भोजन के पाचन और रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है।
इसबगोल-Isabgul
 पानी में मिलने के बाद इसबगोल की भूसी ‘जेल’ जैसा तत्व बनाती है जिसका सेवन ब्लड ग्लूकोज़ के अवशोषण और भोजन के पाचन को सुगम बनाता है। ये अल्सर और एसिडिटी से भी बचाता है।
करेला -bitter gourd
करेले में इन्सुलिन-पोलिपेपटाइड होता है, ये एक ऐसा बायो-कैमिकल तत्व है जो ब्लड-शुगर को कम करने में उपयोगी है।
नुस्खा , तरीका ये है --
 हर हफ्ते कम से कम एक बार करेले की सब्जी या कढी ज़रूर लें. अगर आप जल्द असर चाहते हैं तो तीन दिनमें एक बार खाली पेट करेले का जूस लें।
नीम-Azadirachta indica-
 देश में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले नीम के पत्ते स्वाद में कडवे होते हैं पर इनमें बहुत सी खासियतें हैं।  नीम इन्सुलिन रिसेप्टर सेंसिटिविटी बढाने के साथ साथ शिराओं व धमनियों में रक्त प्रवाह को ठीक करता है और हाइपो ग्लाय्केमिक ड्रग्स पर निर्भर होने से बचाता है।
नुस्खा: बेहतर नतीजों के लिए नीम के पत्तों का जूस रोज़ सुबह खाली पेट लें।

काला जामुन-Black Berries
ये ब्लड शुगर Blood sugar-को कम करने में मदद करता है और ह्रदय संबंधी बीमारियों से शरीर को दूर रखता है।
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गुरुवार, 18 मई 2017

पेट की गैस को दूर भगाने का रामबाण इलाज The panacea for stomach gas removal

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आज हम आपको पेट में होने वाली गैस की तकलीफ का राम बाण इलाज बताएगे आज कल की भाग दोड भरी जिंदगी में हम अपने शरीर का ध्यान नही देते भोजन को सही टाइम पर नही करना पानी कम पीना अधिक खट्टे, तीखे,    आदि क्रोध शोक, चिंता जैसे मानसिक कारण, परिश्रम न करना, यकृत रोग की उपस्थिति, मांसाहार का सेवन मिर्च मसालेदार, बादी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन , देर रात तक जागना , भोजन में सलाद का अभाव, पानी कम पीना, चना, उड्द, मटर, मूग, आलू, मसूर, गोभी चावल आदि का अधिक सेवन करना
पेट की गैस को दूर भगाने का  रामबाण इलाज The panacea for stomach gas removal

पेट की गैस के लक्षण-

पेट की गैस होने पर पीड़ित को कुछ लक्षण महसूस होते है जैसे – पेट में गैस भरी हुई मालूम होना, पेट और पीठ में दर्द, आंतों में गड़गड़ाहट, पेट साफ न होना, ठीक से नींद न आना, आलस्य व थकावट, सिर दर्द, भूख कम लगना, दिल की धड़कन बढ़ना, गैस के कारण सीने में दर्द , डकारें आना, छाती में जलन, सिर चकराना, नाड़ी दुर्बलता, और गैस निकलने पर आराम मिलना जैसे गैस के लक्षण देखने को मिलते हैं।

  पेट की गैस का आयुर्वेदिक इलाज / Ayurvedic Treatment For Stomach Gas Problems

गैस की रामबाण दवा – छिलका रहित लहसुन 10 ग्राम, जीरा, शुद्ध गंधक, सोंठ, सैंधा नमक, कालीमिर्च, पिप्पली और घी में भुनी हुई हींग प्रत्येक 5-5 ग्राम लेकर सभी को पीसकर उसमे थोडा सा नीबू रस डालकर चने के आकार की गोलियां बनाकर सुरक्षित रख लें। यह 1-2 गोली भोजनोपरांत सेवन करते रहने से अपच, अजीर्ण , गैस की बीमारी ठीक हो जाती है |
एक सेब छीलकर इसके इर्द-गिर्द जितनी भी लौंगें आ सकें उन्हें चुभो दें। फिर उस सेब को 40 दिन तक किसी सुरक्षित स्थान पर रखे दें। उसके बाद इन लौंगों को निकालकर किसी साफ-स्वच्छ शीशी में रख ले। भोजनोपरांत दिन में 2 बार 1-1 लौंग चूसने से पेट के सभी रोगों और पेट की गैस से भी मुक्ति मिल जाती है | यह पेट की गैस का रामबाण इलाज है |
3 ग्राम  कालीमिर्च और 6 ग्राम मिश्री पीसकर लेने से अफारा मिट जाता है। परंतु ऊपर से पानी न पिएं। यह भी एक अच्छी गैस की दवा है | यह भी पढ़ें – दस्त के घरेलू उपचार -27 बेहतरीन अतिसार उपचार |
वैसे आप चाहें तो पतंजलि गैस की दवा “दिव्य गैसहर चूर्ण ” का उपयोग भी कर सकते हैं |
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रविवार, 23 अप्रैल 2017

पथरी को दूर करने का आसान और रामबाण तरीका -Easy and sophisticated way to remove calculus -

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किडनी यानि गुर्दे में पथरी की समस्या तेजी से बड रही है |इसकी वजह लोगो का बिगड़ता खान पान और स्वस्थ के प्रति लापरवाही बरतना है | पथरी की मुख्य वजह पानी की कमी और खनिजो का बिगड़ा अनुपात होता है |अगर आप भी पानी की बजाय कोलड्रिंक कॉफ़ी चाय आदि का जमकर सेवन कर रहे है ,तो आप इसकी चपेट में आसानी से आ सकते है | तो इसके इलाज के लिए आपको आयुर्वेदिक और कारगर इलाज हम बताने जा रहे है जो पथरी की बीमारी में कारगर और रामबाण साबित होता है तो जानते है की पथरी को दूर करने का आसान और रामबाण तरीका -
परहेज -
पालक , टमाटर सी -फ़ूड , नमक से दूर रहे इनसे परहेज करे -

 पथरी को दूर करने का आसान और रामबाण तरीका -Easy and sophisticated way to remove calculus -


नीबू -
नीबू में उपस्थित साईंट्रेट ऑक्सोलेट को रोकता है जिससे पथरी नही बनती है |नीबू के रस में जेतून का तेल मिलकर सेवन करना लाभदायक होता है 

गिलोय-
गिलोय को गुड़ूची के नाम से भी जाना जाता है। वनों में पायी जाने वाली इस बेल को पथरी और पथरी से जुड़े अन्य विकारों के इलाज के लिए जबरदस्त माना गया है। पेशाब करते समय यदि जलन महसूस हो तो गिलोय के तने का चूर्ण 10 ग्राम आंवला के फ लों का चूर्ण 10 ग्राम सोंठ चूर्ण 5 ग्राम गोखरु के बीजों का चूर्ण 3 ग्राम और अश्वगंधा की जड़ों का चूर्ण 5 ग्राम लिया जाए और इसे 100 उस पानी में उबाला जाए, प्राप्त काढ़े को रोगी को दिन में एक बार प्रतिदिन एक माह तक दिया जाना चाहिए।

पुनर्नवा-
खरपतवार समझे जाने वाला यह पौधा किडनी में पथरी के लिए एक महत्वपूर्ण पौधा है। पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार पथरी की वजह से कमर और पेट में दर्द होने पर पुनर्नवा,कचूर और अदरक की समान मात्रा लेकर रोगी को खिलाना चाहिए, दर्द में तुरंत आराम मिलता है।

बड़ा नींबू या कागज़ी नींबू-
इसका एक गिलास रस तैयार कर सुबह सुबह खाली पेट पी लिया जाए, पांच मिमी के आकार तक की पथरी घुलकर निकल आने का दावा ग्रामीण अंचलों के जानकार करते हैं।

आंवला-
पेशाब करते समय जलन या कम पेशाब होने की शिकायत हो तो आंवले से बेहतर उपचार कोई और नहीं। आंवले के फ लों का रस, शक्कर और घी का मिश्रण अतिकारगर होता है। हर्बल जानकार भुमका आंवले के रस के साथ, इलायची के दानों को मिलाते है और हल्का गर्म करके पीने की सलाह देते हैं, इनके अनुसार उल्टियां, चक्कर या पेट दर्द जैसी समस्याओं में यह राहत देता ही है। दारू, हल्दी और आंवले के फलों का चूर्ण समान मात्रा में लेने से पेशाब संबंधित समस्याओं में गजब का फायदा होता है।

अश्वगंधा-
अश्वगंधा की जड़ों का गुनगुना रस पीने से पथरी का दर्द कम होता है। अश्वगंधा की जड़ों का रस और आंवला के फ लों का रस समान मात्रा में आधा आधा कप लिया जाए तो मूत्राशय और मूत्र मार्ग में पेशाब करते समय जलन की शिकायत खत्म हो जाती है और माना जाता है कि यह पथरी को गलाकर पेशाब मार्ग से बाहर भी निकाल फेंकता है। अच्छे परिणामों के लिए इस नुस्खे का इस्तेमाल कम से कम दो माह तक किया जाना चाहिए।

सौंफ-
सौंफ की चाय को पथरी के इलाज के लिए एक कारगर उपाय माना जाता है। सौंफ की चाय बनाने के लिए आधा चम्मच सौंफ के बीजों को कुचल लिया जाए और दो कप पानी में पांच मिनट तक उबाला जाए, जब यह गुनगुना हो जाए तो इसे पी लिया जाना चाहिए। ऐसा प्रत्येक दिन दो से तीन बार किया जाए तो पेट दर्द और किडनी के दर्द में राहत मिलती है। सौंफ की जड़ों का रस 25 मिली दिन में दो बार लेने से पेशाब से जुड़ी समस्याओं में तेजी से राहत मिलती है।
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कैंसर के इलाज में कारगर है म्यूजिक थेरेपी Music therapy is effective in the treatment of cancer

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संगीत का सीधा संबंध मन से है | ये मन पर कितना असर डालता है ये शोध का विषय है | इस बारे में लगातार शोध हो रहे है | इसी कड़ी में अमेरिका के शोधकर्ताओं ने संगीत का इस्तेमाल केंसर जेसी बीमारी के उपचार में एक साधन के तोर पर किया है | काफी हद तक इस में सफलता भी मिली है |
कैंसर के इलाज में कारगर है म्यूजिक थेरेपी Music therapy is effective in the treatment of cancer


अमेरिका से प्रकाशित केंसर जनरल के अनुसार किशोर और युवा आयु के लोगो को म्यूजिक थेरेपी दी जाये तो वे केंसर के इलाज का बहेतर सामना कर सकते है | अमेरिका में शोधकर्ताओ ने 11 से 24 साल के केंसर के मरीजो पर म्यूजिक थेरेपी का प्रयोग किया है |ये सभी स्टेम सेल्स प्रत्येपर्ण जेसी केंसर के स्टेज से गुजर रहे थे | तीन हफ्तों की म्यूजिक थेरेपी के बाद सभी ने इलाज के दोरान बेहतर महसूस किया जब की दुसरे समूह के मरीज जिन्हें म्यूजिक थेरेपी नही दी गयी इलाज के दोरान असहज लग रहे थे | ब्रिटेन के केंसर रिचर्स संस्थान के अनुसार संगीत रोगियों की थकान को दूर करने के साथ ये रोग के कुछ लक्षणों को कम करने और इलाज के दोरान होने वाले saideइफेक्ट को हल्का करने में मदद करता है

कुछ सामने आया इस शोध में

कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार म्यूजिक थैरेपी से कैंसर पीडि़तों का तनाव कम हो सकता है। यह प्रयोग 11-24 सा
ल के बीमारी से पीडि़त किशोरों व युवाओं पर किया गया। इसमें इन्हें गीत लिखकर और संगीत देकर एक म्यूजिक वीडियो बनाने के लिए कहा गया।
साथ ही इस शोध के दौरान उनका परिवार और दोस्तों से संबंध भी बेहतर हुआ और शारीरिक विकास सामान्य हुआ।
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शनिवार, 18 फ़रवरी 2017

मसूड़ों में तकलीफ होने पर ये घरेलू रामबाण उपाय करें -The panacea to remedy discomfort in the gums -

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सुन्दर मुस्कान के लिए जरूरी है दांत और मसूडो दोना का स्वास्थ होना |ब्रश के दोरान मसुदो से खून और सुजन आना ऐसी समस्या है जो कई लोगो को परेशान करती है | ऐसे में डाक्टरी सलाह लेना पड़ता है और काफी पैसा खर्च करना पड़ता है | इस समस्या से आराम पाने का कुछ घरेलू तरीका भी है ,ये नुखे आपको बिना खर्च के आराम दिला सकते है ,जानिए इन के बारे में -
मसूड़ों में तकलीफ होने पर ये घरेलू रामबाण उपाय करें -The panacea to remedy discomfort in the gums -

नमक के पानी से गरारे -

मसुदो से जुडी दिक्कत में गुनगुने नमक के पानी से गरारे करना काफी उपयोगी साबित होता है |ये मसुदो के साथ दांत को भी स्वस्थ रखता है ,दांतों में मोजूद कीटाणु और रोगाणु से आपके मुह को भी सुरक्षित रखता है ,और कई बीमारियों से हमारी रक्षा करता है |

लौंग का तेल -clove oil -

लौंग का तेल मसुदो में सुजन ,दर्द और खून आने की समस्या में खासतोर पर कारगर और काफी फ़ायदामंद होता है | इनमे से कोई भी समस्या होने पर आप लौंग के तेल से मसुदो पे मालिश करने से तुरंत आराम मिलता है , और ये उपाए बहुत है कारगर साबित होता है -

एलोवेरा -Aloe vera -

यदि आपके मसुदो में सुजन ,दर्द है और खून भी आता है तो . आप घर में मोजूद एलोवेरा का गुदा निकलकर मसुदो पर मले और इसे 10 -15 मिनट तक लगा रहने दे | इसके बाद पानी से अपने मुह को धो ले आप को तुरंत आराम मिलेगा

दिन में दो बार ब्रश -

जी हा अगर आपको मसुदो की समस्या है तो दिन में दो बार ब्रश करे | ज्यादातर लोग सिर्फ सुबह है ब्रश करते है | रात में ब्रश न करने की आदत समस्या पैदा करती है | दिनभर दांतों और मसुदो में चिपके खाद्य प्रदार्थ समस्या पैदा करते है और परेशानी का करण बनते है | इसे में सुबह और रात को सोने से पहले ब्रश जरुर करे

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शनिवार, 20 अगस्त 2016

माइग्रेन,अधकपारी,सिर में तेज दर्द का कारगर इलाज -Migraine, Migraine, effective treatment of severe pain in the head

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जब भी माइग्रेन सर में होता है तो वो अनुभव वो ही महसूस कर सकता है जिस के सर में माइग्रेन हो रहा हो 
और इसका अंदाज नही लगा सकता ,सिरदर्द से हर किसी का वास्ता है। ये एक ऐसा रोग है जिसके कई कारण हो सकते हैं। कई बार तो ऐसा लगता है जैसे बेवजह सिरदर्द के शिकार हो गए हों। सिरदर्द का एक गंभीर रूप जो बार-बार या लगातार होता है, उसे माइग्रेन कहते हैं। माइग्रेन को आम बोलचाल की भाषा में अधकपारी भी कहते हैं।Migraine, Migraine, effective treatment of severe pain in the head
माइग्रेन,अधकपारी,सिर में तेज दर्द का कारगर इलाज -migraine,adhkapari,sir me tej dard ka kargar ilaj


माइग्रेन के लक्षण

आम तौर पर इसका शिकार होने पर सिर के आधे हिस्से में दर्द रहता है। जबकि आधा दर्द से मुक्त होता है। जिस हिस्से में दर्द होता है, उसकी भयावह चुभन भरी पीड़ा से आदमी ऐसा त्रस्त होता है कि सिर क्या बाकी शरीर का होना भी भूल जाता है।
माइग्रेन मूल रूप से तो न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें रह-रह कर सिर में एक तरफ बहुत ही चुभन भरा दर्द होता है। ये कुछ घंटों से लेकर तीन दिन तक बना रहता है। इसमें सिरदर्द के साथ-साथ गैस्टिक, जी मिचलाने, उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
इसके अलावा फोटोफोबिया यानी रोशनी से परेशानी और फोनोफोबिया यानी शोर से मुश्किल भी आम बात है। माइग्रेन से परेशान एक तिहाई लोगों को इसकी जद में आने का एहसास पहले से ही हो जाता है। पर्याप्त नींद न लेना, भूखे पेट रहना और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना जैसे कुछ छोटे-छोटे कारणों से भी आपको माइग्रेन की शिकायत हो सकती है।

माइग्रेन के कारण

माइग्रेन के कारण कई हो सकते हैं। एक तरफ तो कुछ स्थितियां हैं और दूसरी तरफ कुछ रोग भी होते हैं।
ज्यादातर लोगों को भावनात्मक वजहों से माइग्रेन की दिक्कत होती है। इसीलिए जिन लोगों को हाई या लो ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और तनाव जैसी समस्याएं होती हैं उनके माइग्रेन से ग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है। कई बार तो केवल इन्हीं कारणों से माइग्रेन हो जाता है। इसके अलावा हैंगओवर, किसी तरह का संक्रमण और शरीर में विषैले तत्वों का जमाव भी इसकी वजह हो सकता है।
एलर्जी के कारण भी माइग्रेन हो सकता है और अलग-अलग लोगों में एलर्जी के अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों के लिए खाने-पीने की चीजें भी एलर्जी का कारण बन जाती हैं। कुछ लोगों को दूध और उससे बनी चीजें खाने से एलर्जी होती है तो कुछ के लिए साग-सब्जी एलर्जी का कारण हो सकती है। किसी को धूल से एलर्जी होती है तो किसी को धुएं से। इसलिए अगर आपको पता हो कि आपको किन चीजों से एलर्जी है तो उनसे बच कर रहें।

कैसे बचें माइग्रेन से...

अब आपको बताते हैं कि आखिर आप कैसे बचें माइग्रेन से। वैसे तो ये बीमारी किसी को भी हो सकती है लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है। फिर भी थोड़ी सी सावधानी रखकर आप इस बीमारी को खुद से दूर रख सकते हैं।
ऐसा नहीं कि माइग्रेन लाइलाज बीमारी है। अगर आप माइग्रेन से परेशान हैं और आपको कुछ सूझ नहीं रहा है तो ध्यान रखें। थोड़ी सी सावधानी आपको माइग्रेन से मुक्ति दिला सकती है। इसके लिए सबसे जरूरी है खुद के लाइफ स्टाइल को बदलना। खानपान में बदलाव लाना।

माइग्रेन में क्या न खाएं

अगर आपको माइग्रेन है तो आप डिब्बाबंद पदार्थों और जंक फूड का सेवन एकदम न करें। इससे आपका माइग्रेन और खतरनाक होता जाएगा। चूंकि जंक फूड में मैदे की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए इसे कम से कम खाएं। चूंकि इनमें ऐसे रासायनिक तत्व पाए जाते हैं जो माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं।
ऐसे में सवाल ये है कि माइग्रेन में क्या खाएं।

="color: red;">माइग्रेन में क्या खाएं

अगर आपको माइग्रेन है तो नाश्ते में ताजा और सूखे फलों का खूब सेवन करें। लंच में उन चीजों का इस्तेमाल करें जिनमें प्रोटीन भरपूर हो। मसलन दूध, दही, पनीर, दालें, मांस और मछली आदि। डिनर में चोकरयुक्त रोटी, चावल या आलू जैसी स्टार्च वाली चीजों के साथ सलाद भी लें। ज्यादा मिर्च-मसाले वाली चीजों से परहेज करें।

माइग्रेन से छुटकारा का उपचार 

माइग्रेन की अचूक दवा है योग और ध्यान। अगर योग नहीं कर सकते हैं तो व्यायाम करें। इससे आपका तनाव कम होगा। और तनाव कम होने से आपका डिप्रेशन दूर होगा।माइग्रेन का दर्द होने पर आप देशी घी में गुड खायें यह आधे सिर मे होने वाले दर्द से निजात दिलाता है। यदि दर्द सुबह से ही होने लगे तो आप दूध में जलेबी या रबड़ी का सेवन करें। एैसा करने से आधे सीसी का दर्द रूक जाता है।माइग्रेन के दर्द से यदि उल्टी हो रही हो तो खाने के समय में रोगी को शहद खिलाएं एैसा करने से उल्टी और दर्द बंद हो जाता है।

यदि दर्द सुबह से ही शुरू हो जाता है तो तुलसी के पत्तों को छाया में सुखाकर उसका चूर्ण बना लें और फिर इसमें शहद मिलाकर दिन में तीन बार चाटें। यह दर्द में राहत देगा और धीरे-धीरे माइग्रेन के प्रभाव को कम करेगा।

आधे सिर के हिस्से में दर्द ज्यादा हो तो आप रोगी को आधा चम्मच शहद में आधा चम्मच नमक मिलाकर चटाएं। हींग भी माइग्रेन के दर्द से रहात देने में असरकारी है। आप पानी में हींग को अच्छी तरह से घोल लें फिर इसे सूंघे और इसका लेप माथे पर लगाएं। दर्द से निजात मिलेगा।

अंगूर का रस सुबह पीने से माइग्रेन के दर्द से निजात मिलता है। सुबह से शुरू होने वाले दर्द में आप सुबह-सुबह ही 150 ग्राम पानी में 50 ग्राम शक्कर मिलाकर धीरे-धीरे पीएं यह सिर दर्द से मुक्ति दिलवाता है।

आधे सिर के दर्द से निजात पाने के लिए आप सूर्योदय से पहले उठकर 25 ग्राम खील को शहद के साथ सेवन करें और फिर आधे घंटे की नींद लें एैसा 1 सप्ताह तक करने से माइग्रेन के दर्द से मुक्ति मिलती है।
लहसुन माइग्रेन के दर्द से निजात दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लहसुन को पीस कर उसका लेप दर्द वाली जगह पर लगाने से दर्द से निजात मिलता है साथ ही आप लहसून के रस की दो छोटी बूंदे नाक के छिद्र में डालें।
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रविवार, 31 जुलाई 2016

सर्दियो में बड़ जता है दमा (asthma)उपाय ये करे Increases in winter asthma (asthma) to these measures

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दमा(अस्थमा) के सरल उपचार.-सर्दियो में बड़ जता है दमा (asthma)उपाय ये करे Increases in winter asthma (asthma) to these measures
                                                                             
सर्दियो में बड़ जता है दमा (asthma)उपाय ये करे Increases in winter asthma (asthma) to these measures

  श्वास अथवा दमा श्वसन तंत्र की भयंकर कष्टदायी बीमारी है। यह रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है।श्वास पथ की मांसपेशियों में आक्छेप होने से सांस लेने निकालने में कठिनाई होती है।खांसी का वेग होने और श्वासनली में कफ़ जमा हो जाने पर तकलीफ़ ज्यादा बढ जाती है।रोगी बुरी तरह हांफ़ने लगता है
एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थ या वातावरण के संपर्क में आने से,बीडी,सिगरेट धूम्रपान करने से,ज्यादा सर्द या ज्यादा गर्म मौसम,सुगन्धित पदार्थों,आर्द्र हवा,ज्यादा कसरत करने और मानसिक तनाव से दमा का रोग उग्र हो जाता है।
 यहां ऐसे घरेलू नुस्खों का उळ्लेख किया जा रहा है जो इस रोग ठीक करने,दौरे को नियंत्रित करने,और श्वास की कठिनाई में राहत देने वाल सिद्ध हुए हैं--
१) तुलसी के १५-२० पत्ते पानी से साफ़ करलें फ़िर उन पर काली मिर्च का पावडर बुरककर खाने से दमा मे राहत मिलती है।
२) एक केला छिलका सहित भोभर या हल्की आंच पर भुन लें। छिलका उतारने के बाद काली मिर्च का पावडर उस पर बुरककर खाने से श्वास की कठिनाई तुरंत दूर होती है।

३) दमा के दौरे को नियंत्रित करने के लिये हल्दी एक चम्मच दो चम्मच शहद में मिलाकर चाटलें।

४)  तुलसी के पत्ते पानी के साथ पीस लें ,इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से दमा रोग में लाभ मिलता है।
५)  पहाडी नमक सरसों के तेल मे मिलाकर छाती पर मालिश करने से फ़ोरन शांति मिलती है।
६)   मैथी के बीज १० ग्राम एक गिलास पानी मे उबालें तीसरा हिस्सा रह जाने पर ठंडा करलें और पी जाएं। यह उपाय दमे के अलावा शरीर के अन्य अनेकों रोगों में फ़ायदेमंद   है।

७)  एक चम्मच हल्दी एक गिलास दूध में मिलाकर पीने से दमा रोग काबू मे रहता है।एलर्जी नियंत्रित होती है।

८)  सूखे अंजीर ४ नग रात भर पानी मे गलाएं,सुबह खाली पेट खाएं।इससे श्वास नली में जमा बलगम ढीला होकर बाहर निकलता है।


९)  सहजन की पत्तियां उबालें।छान लें उसमें चुटकी भर नमक,एक चौथाई निंबू का रस,और काली मिर्च का पावडर मिलाकर पियें।दमा का बढिया इलाज माना गया है।

१०)  शहद दमा की अच्छी औषधि है।शहद भरा बर्तन रोगी के नाक के नीचे रखें और शहद की गन्ध श्वास के साथ लेने से दमा में राहत मिलती है।


११)  दमा में नींबू का उपयोग हितकर है।एक नींबू का रस एक गिलास जल के साथ भोजन के साथ पीना चाहिये।

१२)  लहसुन की  ५  कली चाकू से बारीक काटकर  ५० मिलि दूध में उबालें।यह मिक्श्चर सुबह-शाम लेना बेहद लाभकारी है।
१३)-अनुसंधान में यह देखने में आया है कि आंवला दमा रोग में अमृत समान गुणकारी है।एक चम्मच आंवला रस मे दो चम्मच शहद मिलाकर लेने से फ़ेफ़डे ताकतवर बनते हैं।
14) दमे का मरीज उबलते हुए पानी मे अजवाईन डालकर उठती हुई भाप सांस में खींचे ,इससे श्वास-कष्ट में तुरंत राहत मिलती है।
१५) लौंग ४-५ नग लेकर १०० मिलिलिटर पानी में उबालें आधा रह जाने पर छान लें और इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर गरम गरम पीयें। ऐसा काढा बनाकर  दिन में तीन बार पीने से रोग नियंत्रित होकर दमे में आशातीत लाभ होता है।
१६) चाय बनाते वक्त २ कली लहसुन की पीसकर डाल दें। यह दमे में राहत पहुंचाता है। सुबह-शाम पीयें।
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