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बुधवार, 11 अप्रैल 2018

लड़किया-स्त्रियां-कितने प्रकार की होती है -Girls-women-are the types of

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लड़किया-स्त्रियां-कितने प्रकार की होती है -ladkiya-striya-kitne prkar ki hoti hai-Girls-women-are the types of
स्त्रियां कितने प्रकार की होती है उनके लक्षण क्या होते है उनका स्वाभाव कैसा होता है इन बारे में काफी कुछ लिखा गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार स्त्रियों को मुख्यतः निम्न पांंच वर्गों में बाटा गया है

लड़किया-स्त्रियां-कितने प्रकार की होती है -Girls-women-are the types of लड़किया-स्त्रियां-कितने प्रकार की होती है -Girls-women-are the types of .पद्मिनी (Padmini) औरतें कितने प्रकार की होती हैं स्त्री के प्रकार छूट कितनी प्रकार की होती ह हस्तिनी नारी हस्तिनी स्त्री शंखिनी नारी पुरुष कितने प्रकार के होते हैं पुरुषों के प्रकार . चित्रिणी(Chitrini) पुंश्चली (Punshchali) पद्मिनी (Padmini) चरित्रहीन पत्नी के लक्षण  स्त्री चरित्र  औरतों की पहचान  चरित्रहीन पत्नी की पहचान  चरित्रहीन महिलाओं की पहचान  चरित्रहीन स्त्री के लक्षण  चरित्रहीन लड़कियों की पहचान  चरित्रहीन औरतों की पहचान

1. शंखिनी (Shankhini)


शंखिनी स्वभाव की स्त्रियां अन्य स्त्रियों से थोड़ी लंबी होती हैं। इनमें से कुछ मोटी और कुछ दुर्बल होती हैं। इनकी नाक मोटी, आंखें अस्थिर और आवाज गंभीर होती है। ये हमेशा अप्रसन्न ही दिखाई देती हैं और बिना कारण ही क्रोध किया करती हैं।
ये पति से रूठी रहती हैं, पति की बात मानना इन्हें गुलामी की तरह लगता है। इनका मन सदैव भोग-विलास में डूबा रहता है। इनमें दया भाव भी नहीं होता। इसलिए ये परिवार में रहते हुए भी उनसे अलग ही रहती हैं। ऐसी स्त्रियां संसार में अधिक होती हैं।
ऐसी लड़कियां चुगली करने वाली यानी इधर की बात उधर करने वाली होती हैं। ये अधिक बोलती हैं। इसलिए लोग इनके सामने कम ही बोलते हैं। इनकी आयु लंबी होती हैं। इनके सामने ही दोनों कुल (पिता व पति) नष्ट हो जाते हैं। अंत समय में बहुत दु:ख भोगती हैं। ये उस समय मरने की बारंबार इच्छा करती हैं, लेकिन इनकी मृत्यु नहीं होती।

2. चित्रिणी(Chitrini)

चित्रिणी स्त्रियां पतिव्रता, स्वजनों पर स्नेह करने वाली होती हैं। ये हर कार्य बड़ी ही शीघ्रता से करती हैं। इनमें भोग की इच्छा कम होती है। श्रृंगार आदि में इनका मन अधिक लगता है। इनसे अधिक मेहनत वाला काम नहीं होता, परंतु ये बुद्धिमान और विदुषी होती हैं।
गाना-बजाना और चित्रकला इन्हें विशेष प्रिय होता है। ये तीर्थ, व्रत और साधु-संतों की सेवा करने वाली होती हैं। ये दिखने में बहुत ही सुंदर होती हैं।
इनका मस्तक गोलाकार, अंग कोमल और आंखें चंचल होती हैं। इनका स्वर कोयल के समान होता है। बाल काले होते हैं। इस जाति की लड़कियां बहुत कम होती हैं। यदि इनका जन्म गरीब परिवार में भी हो तो ये अपने भविष्य में पटरानी के समान सुख भोगती हैं।
अधिक संतान होने पर भी इनकी लगभग तीन संतान ही जीवित रहती हैं, उनमें से एक को राजयोग होता है। इस जाति की लड़कियों की आयु लगभग 48 वर्ष होती है।

3. हस्तिनी (Hastini)

 इस जाति की लड़कियों का स्वभाव बदलता रहता है। इनमें भोग-विलास की इच्छा अधिक होती है। ये हंसमुख स्वभाव की होती हैं और भोजन अधिक करती हैं। इनका शरीर थोड़ा मोटा होता है। ये प्राय: आलसी होती हैं।
इनके गाल, नाक, कान और व मस्तक का रंग गोरा होता है। इन्हें क्रोध अधिक आता है। कभी-कभी इनका स्वभाव बहुत क्रूर हो जाता है। इनके पैरों की उंगलियां टेढ़ी-मेढ़ी होती हैं। इनकी संतानों में लड़के अधिक होते हैं। ये बिना रोग के ही रोगी बनी रहती हैं। इनका पति सुंदर और गुणवान होता है।
इनके गाल, नाक, कान और व मस्तक का रंग गोरा होता है। इन्हें क्रोध अधिक आता है। कभी-कभी इनका स्वभाव बहुत क्रूर हो जाता है। इनके पैरों की उंगलियां टेढ़ी-मेढ़ी होती हैं। इनकी संतानों में लड़के अधिक होते हैं। ये बिना रोग के ही रोगी बनी रहती हैं। इनका पति सुंदर और गुणवान होता है।
अपने झगड़ालू स्वभाव के कारण ये परिवार को क्लेश पहुंचाती हैं। इनके पति इनसे दु:खी होते हैं। धार्मिक कार्यों के प्रति इनकी आस्था नहीं होती। इन्हें स्वादिष्ट भोजन पसंद होता है। इनकी परम आयु 73 वर्ष होती है। विवाह के 4, 8, 12 अथवा 16वे वर्ष में इनके पति का भाग्योदय होता है। इनके कई गर्भ खंडित हो जाते हैं। इन्हें अपने जीवन में अनेक कष्ट झेलने पड़ते हैं, लेकिन इसका कारण भी ये स्वयं ही होती हैं। इनके दुष्ट स्वभाव के कारण ही परिवार में भी इनकी पूछ-परख नहीं होती।

4. पुंश्चली (Punshchali) :

 पुंश्चली स्वभाव की लड़कियों के मस्तक का चमकीला बिंदु भी मलीन दिखाई देता है। इस स्वभाव वाली महिलाएं अपने परिवार के लिए दु:ख का कारण बनती हैं।
इनमें लज्जा नहीं होती और ये अपने हाव-भाव से कटाक्ष करने वाली होती हैं। इनके हाथ में नव रेखाएं होती हैं जो सिद्ध (पुण्य, पद्म), स्वस्तिक आदि उत्तम रेखाओं से रहित होती हैं। इनका मन अपने पति की अपेक्षा पर पुरुषों में अधिक लगता है। इसलिए कोई इनका मान-सम्मान नहीं करता। सभी इनकी अपेक्षा करते हैं।
पुंश्चली स्त्रियों में युवावस्था के लक्षण 12 वर्ष की आयु में ही दिखाई देने लगते हैं। इनकी आंखें बड़ी और हाथ-पैर छोटे होते हैं। स्वर तीखा होता है।
यदि ये किसी से सामान्य रूप से बात भी करती हैं तो ऐसा लगता है कि जैसे ये विवाद कर रही हैं। इनकी भाग्य रेखा व पुण्य रेखा छिन्न-भिन्न रहती है। इनके हाथ में दो शंख रेखाएं व नाक पर तिल होता है।

5. पद्मिनी (Padmini) 

 समुद्र शास्त्र के अनुसार पद्मिनी स्त्रियां सुशील, धर्म में विश्वास रखने वाली, माता-पिता की सेवा करने वाली व अति सुंदर होती हैं। इनके शरीर से कमल के समान सुगंध आती है। यह लंबे कद व कोमल बालों वाली होती हैं। इसकी बोली मधुर होती है। पहली नजर में ही ये सभी को आकर्षित कर लेती हैं। इनकी आंखें सामान्य से थोड़ी बड़ी होती हैं। ये अपने पति के प्रति समर्पित रहती हैं।
इनके नाक, कान और हाथ की उंगलियां छोटी होती हैं। इसकी गर्दन शंख के समान रहती है व इनके मुख पर सदा प्रसन्नता दिखाई देती है।पद्मिनी स्त्रियां प्रत्येक बड़े पुरुष को पिता के समान, अपनी उम्र के पुरुषों को भाई तथा छोटों को पुत्र के समान समझती हैं।
यह देवता, गंधर्व, मनुष्य सबका मन मोह लेने में सक्षम होती हैं। यह सौभाग्यवती, अल्प संतान वाली, पतिव्रताओं में श्रेष्ठ, योग्य संतान उत्तपन्न करने वाली तथा आश्रितों का पालन करने वाली होती हैं।
इन्हें लाल वस्त्र अधिक प्रिय होते हैं। इस जाति की लड़कियां बहुत कम होती हैं। जिनसे इनका विवाह होता है, वह पुरुष भी भाग्यशाली होता है।

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रविवार, 8 अप्रैल 2018

चरित्रहीन ,बेवफा क्यों हो जाती है पत्नी ,कारण लक्षण ये है,, why is unfaithful wife, the cause of these symptoms

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चरित्रहीन ,बेवफा क्यों हो जाती है पत्नी ,कारण लक्षण ये है |chritrhin,bewfa,kyu ho jati hai ptni ,karan lakshn ye hai-Immoral, why is unfaithful wife, the cause of these symptoms is ,शादी में बेवफाई का क्या कारण है। हाल ही में एक रिसर्च के अनुसार 10 प्रतिशत तलाक पार्टनर की बेवफाई के कारण होते हैं। पति-पत्नी इस कारण से अपने रास्ते अलग-अलग कर लेते हैं यह स्वाभाविक है लेकिन बहुत से लोगों का रिश्ता इसलिए खराब हो जाता है क्यों कि वे एक दूसरे को धोखा देते हैं। यह काफी चौकाने वाला लगे लेकिन ये सच है बहुत से असंतुष्ट पार्टनर अपने साथी से अलग होने से पहले उसको धोखा देते हैं।



चरित्रहीन ,बेवफा क्यों हो जाती है पत्नी ,कारण लक्षण ये है-Immoral, why is unfaithful wife, the cause of these symptoms is चरित्रहीन ,बेवफा क्यों हो जाती है पत्नी ,कारण लक्षण ये है |chritrhin,bewfa,kyu ho jati hai ptni ,karan lakshn ye hai Immoral, why is unfaithful wife, the cause of these symptoms is-बेवफा पत्नी बीवी -चरित्रहीन पत्नी बीवी ,पत्नी बेवफा हो तो क्या करे  पत्नी की बेवफाई का पता कैसे करे ,चरित्रहीन किसे कहते है ,बेवफा पत्नी ,शारीरिक लक्षण अपनी पत्नी को धोखा दे रही है ,चरित्रहीन महिलाओं की पहचान ,धोखेबाज पत्नी ,पत्नी की बेवफाई के लक्षण

अकेलापन  -

 वे अपने साथी को खास तौर पर धोखा तब देती हैं जब वे अपने आपको रिश्ते में भावनात्मक रूप से अकेला पाती हैं। स्त्री-पुरुषों में धोखा देने का तरीका और आदत अलग-अलग हो सकती हैं लेकिन धोखा देने के पीछे उद्देश्य लगभग एक जैसा ही होता है। हम आपको कुछ कारण बता रहे हैं जिनसे आप जानेंगे कि पति-पत्नी शादी के बाद एक दूसरे को धोखा क्यों देते हैं।

नजरंदाज किया जाना -

 जब कोई पार्टनर रिश्ते में नजरंदाज किया गया महसूस करता है तो उसके बेवफाई करने के अवसर बढ़ जाते हैं। ऐसा होने पर वह किसी और की तलाश शुरू कर देता है और फिर मौका मिलते ही धोखा देना शुरू कर देता है। चूंकि यह गलत है इसलिए यहीं से रिश्ते में बेवफाई का बीज बोने की तैयारी शुरू होती है।

ज्यादा की चाह -

 शादी में बेवफ़ाई का दूसरा कारण है कुछ ज्यादा पाने की तमन्ना करना। जब किसी पार्टनर को रिश्ते में खुशी और आनंद नहीं मिलती है तो निःसन्देह गुपचुप तरीके से कुछ और पाने की चाह रखता है और फिर रिश्ता टूट जाता है।

 असंतुष्टि -

 बहुत से पति पत्नी हैं जो एक दूसरे से संतुष्ट नहीं हैं। हालही में किए गए अध्ययन के अनुसार 50 प्रतिशत पार्टनर बेवफ़ाई के कारण रिश्ता तोड़ देते हैं। इस प्रकार असंतुष्टि भी एक कारण है जिससे पार्टनर एक दूसरे को धोखा देते हैं।

बोरियत -

 जीवन में उदासी छाना बोर होना : जितना समान्य लगता है उतना है नहीं, इससे रिश्ते भी टूट सकते हैं। एक्स्पर्ट्स के अनुसार यह भी बेवफाई का कारण हो सकता है। कुछ लोग हैं जो शादी के कुछ सालों बाद रिश्ते में हुई बोरियत को झेल लेते हैं लेकिन कुछ लोग हैं जो मनोरंजन के लिए रिश्ते के अलावा बाहर कहीं मुह मारते हैं।

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शनिवार, 7 अप्रैल 2018

गायत्री मन्त्र की शक्ति जानकर हैरान हो जाओगे आप -You'll be shocked to learn the power of Gayatri Mantra

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गायत्री मन्त्र की शक्ति जानकर हैरान हो जाओगे आप -gaytri mantr ki shakti jankar hairan ho jaoge aap-You'll be shocked to learn the power of Gayatri Mantra-जीवन की हर मुश्किल समस्या का हल है इस गायत्री मन्त्र में गायत्री साधना से साधारण और विशिष्ठ श्रेणी के अनेक प्रयोजनों की सिद्धि होती है। जो कम संसार के किसी अन्य मन्त्र से नहीं हो सकता, वह निश्चित रूप से गायत्री मन्त्र द्वारा हो सकता है। 

-गायत्री मन्त्र की शक्ति जानकर हैरान हो जाओगे आप -You'll be shocked to learn the power of Gayatri Mantra

1.    बुद्धि तीव्र होती है, एकाग्रता का विकास होता है।
2.    सद्गुणों में आश्चर्यजनक वृद्धि होती है। दोष दुर्गुणों में कमी आने लगती है। कुसंस्कार छटने लगता है।
3.    जीभ का चटोरापन, दुव्र्यसन, कामेन्द्रिय उत्तेजना आदि संयमित होने लगती है, ब्रह्मचर्य में मन लगता है।
4.    दिनचर्या में स्वच्छता, सुव्यवस्था और श्रम के प्रति रूचि जागने लगती है।
5.    विद्यार्थियों को पढ़ाई में मन लगता है।
6.    बुरी संगत, नशा, आलस्य, प्रमाद आदि छूटने लगते हैं।
7.    मन में उत्साह, प्रसन्नता एवं श्रेष्ठ कार्यों व विचारों के प्रति लगाव बढ़ाता जाता है।
8.    आपत्तियों का निवारण होता है।
संसारिक प्रयोजनों के लिए जैसे - रोग निवारण, बुद्धि वृद्धि, राजकीय सफलता, दरिद्रता का नाश, सुसन्तति की प्राप्ति, शत्रुता का संहार, भूतबाधा की शांति, दूसरों को प्रभावित करना, रक्षा कवच, बुरे मुहुर्त आदि के लिए विशेष अनुष्ठान किया जाना आवश्यक होता है।

अत: उन सभी मनुष्यों को गायत्री मन्त्र की जप साधना या लेखन साधना अवश्य करनी चाहिए जिन्हें संसारिक उपलब्धियों एवं आत्मिक उन्नति की अकांक्षा हो। (यहां महात्मा आनन्द की कहानी सुनाएं) यदि अभिष्ठ फल न भी मिले तो गायत्री साधना कभी निष्फल नहीं जाती। उससे दूसरे प्रकार के लाभ मिल जाते हैं। (यहां माधवाचार्य की कहानी सुनाएं।)

गायत्री साधना का स्त्री व पुरुष दोनों को समान अधिकार है। वैदिक काल में अनेक मंत्रदृष्टा ऋषिकाएं हुई हैं। गार्गी, मैत्रेयी, कात्यायनी, यमी, शची, अपाला, घेषा, विश्ववारा, इला, भारती देवी आदि गायत्री साधना व वेदाध्ययन के लिए प्रसिद्ध रही हैं। जो स्त्री गायत्री साधना करती है उनकी गृहस्थी सुन्दर सुव्यवस्थित, सन्ताने सुसंस्कृत होती है। पति, परिवार आदि उसके अनुकूल बन जाते हैं।

गायत्री मन्त्र के जप के ही समान मन्त्रलेखन साधना भी अतिफलदायी होती है। गायत्री मंत्र लेखन के समय हाथ, आँखें, मस्तिष्क एवं सभी चित्तवृत्तियाँ एकाग्र हो जाती हैं क्योंकि लिखने का कार्य एकाग्रता चाहता है। कहा गया है - ‘‘हवन से मन्त्र में प्राण आते हैं, जप से मन्त्र जागृत होता है, और लिखने से मन्क्ष् की शक्ति आत्मा में प्रकाशित होती है। श्रद्धापूर्वक यदि शुद्ध मन्त्र लेखन किया जाए तो उसका प्रभाव जप से दस गुना अधिक होता है’’

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शुक्रवार, 6 अप्रैल 2018

मोबाइल नंबर से लोकेशन केसे पता करे -How to know the mobile number location

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मोबाइल नंबर से लोकेशन केसे पता करे -Mobile Numbers Location kese pta kre

आजकल की इस तेज दुनिया में आप अनजान नम्बर से आप परेशान तो होते ही होंगे ,अगर अब आपके पास किसी अनजान नम्बर से फोन आये तो
बिना पुलिस की मदद के भी आप उस नम्बर उस मोबाईल की लोकेशन का पता आसानी से लगा सकते है 

मोबाइल नंबर से लोकेशन केसे पता करे -Mobile Numbers Location kese pta kre- How to know the mobile number location-मोबाइल नंबर की जानकारी ,फोन को ट्रेस कैसे करे  मोबाइल नंबर लोकेशन ऐप्स  मोबाइल नंबर लोकेशन ट्रेस  मोबाइल नंबर की सही लोकेशन  मोबाइल नंबर की सही लोकेशन online  मोबाइल नंबर लोकेशन इन मैप  मोबाइल लोकेशन मैप  ऐसे जानें किसी भी मोबाइल नंबर की लोकेशन, साथ में नाम भी मोबाइल नंबर लोकेटर मोबाइल रिपेयरिंग टिप्स मोबाइल फोन

इसके लिए सबसे पहले आपको http://trace.bharatiyamobile.com नाम की साइट पर जाना पड़ेगा.

उसके बाद जिस मोबाइल की लोकेशन के बारे में जानकारी चाहिए उसका 10 डिजिट वाला मोबाइल नंबर बॉक्स में डाल कर एंटर कर दीजिये.

मोबाईल नम्बर एंटर करने के बाद उसको ट्रेस करने के लिए खोजने के विकल्प पर क्लिक करना पड़ेगा .
जेसे ही आप क्लिक के आप्सन पर क्लिक करेंगे .उस मोबाईल नम्बर की लोकेशन ,स्टेट के अलावा और भी कई डिटेल आपकी आखो के सामने होगी

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बुधवार, 4 अप्रैल 2018

लड़कियों के मोबाइल नंबर पाने का तरीका -The way to get girls mobile number

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लड़कियों के मोबाइल नंबर पाने का तरीका -ladkiyo ke mobail namber pane ka tarika-The way to get girls mobile number
आप किसी लड़की को पसंद करते हैं और आप उसके नंबर मांगने से डरते हैं तो इसी समस्‍या का समाधान करने के लिए कुछ आसान तरीके बता रहे हैं, जिससे लड़की अपना नंबर भी दे देगी और गुस्‍सा भी नहीं होगी।
लड़कियों के मोबाइल नंबर पाने का तरीका -ladkiyo ke mobail namber pane ka tarika -लड़कियों के मोबाइल नंबर पाने का तरीका -ladkiyo ke mobail namber pane ka tarika-The way to get girls mobile number.लड़कियों का मोबाइल नंबर  लड़कियों के मोबाइल नंबर चाहिए  लड़कियों का नंबर चाहिए बात करने के लिए  लड़कियों का मोबाइल नंबर चाहिए  धंधा करने वाली लड़कियों का नंबर चाहिए  धंधे वाली का नंबर  लड़कियों का whatsapp नंबर  हॉस्टल की लड़कियों के मोबाइल नंबर

1. नंबर क्‍यों चाहिये?--यह एक ऐसा सवाल है जिसका सामना आपको करना ही पड़ेगा। इसलिए इसके लिए आपको पहले से ही तैयार रहना होगा। क्योंकि नंबर मांगने पर दुनियां की हर लड़की यह ही बोलती है कि तुम्‍हें मेरा नंबर क्‍यों चाहिए?

2. दोस्त बनकर विश्वास जीतना--सबसे बड़ा काम किसी का विश्वास जीतना होता है। एक बार अगर आपने किसी लड़की का दिल जीत लिया तो वह आपके नंबर दे सकती है। उसे इस बात का अहसास दिलाना जरुरी है कि अगर वह आपको अपना नंबर देगी, तो आप उस नंबर का गलत उपयाग नहीं करेंगे।

3. उसे शर्मिंदा न करें--अगर लड़की फोन नंबर देने के लिए थोड़ा समय चाहती है, तो उसे शर्मिंदा न करें। उसका विश्वास जीतना ही आपका लक्ष्य होना चाहिए।

4. थर्ड पार्टी को शामिल ना करें--इस बात का ख्‍याल रखें की उसका नंबर केवल और केवल उसी से मांगेगे। किसी दूसरी या थर्ड पार्टी को शामिल करना सही नहीं होगा। ऐसा करने से आप एक लूज़र की तरह वापस लौट आएंगे। वह सोंचेगी की आपमें खुद नंबर मांगने की हिम्‍मत नहीं है, तो दोस्‍ती क्‍या खाक होगी।

5. दोस्ती के नाम नंबर ना मांगे--कभी भी उससे यह झूठ बोल कर नंबर न मांगे कि आप उससे दोस्‍ती करना चाहते हैं। इस झूठ को लड़कियां बड़ी जल्‍दी पकड लेती हैं।

6. लड़कियों के आगे पीछे ना घूमें--जो लड़के हर गली-मुहल्‍ले में लड़कियों के आगे-पीछे घूमते रहते हैं, उनसे लड़कियां दूर ही रहना पसंद करती हैं। अगर आप लड़की को पसंद करते हैं, तो इसको दिखाने की जरुरत नहीं है।


मंगलवार, 3 अप्रैल 2018

मरने के बाद रावण के शव का क्या हुआ था-What happened after the death of Ravana's body

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मरने के बाद रावण के शव का क्या हुआ था-What happened after the death of Ravana's body-  Ravan ke body shav ka kya huwa tha?

रामायण में भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध का विस्तृत वर्णन है। युद्ध में श्रीराम ने रावण का वध कर दिया था और लंका का शासन विभीषण को सौंप दिया। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि रावण के शव का क्या हुआ? उसका अंतिम संस्कार कहां किया गया?

मरने के बाद रावण के शव का क्या हुआ था-What happened after the death of Ravana's body

ऐसे तमाम सवाल आज भी बरकरार हैं लेकिन श्रीलंका के अनेक लोगों का मानना है कि रावण का शव आज भी धरती पर मौजूद है। उसे ‘ममी’ बनाकर सुरक्षित रखा हुआ है जैसे मिस्र के पिरामिडों में प्राचीन काल के राजाओं के शव रखे जाते थे। श्रीलंका के पुरातत्व विभाग ने भी इस बात का जिक्र किया था।
यह ममी वहां के रागला जंगलों में रखी हुई बताई जाती है। माना जाता है कि जब रावण का वध कर दिया गया तो उसके सैनिकों ने उसे पुनर्जीवित करने के अनेक प्रयास किए, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली।
वे अपने प्रिय राजा का शव जलाना नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने शव को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न रसायनों का इस्तेमाल किया और उसे ममी के रूप में रख दिया।
माना जाता है कि रागला के जंगलों में रावण की ममी आज भी रखी हुई है। यह काफी घना जंगल है जहां अनेक हिंसक पशु रहते हैं। ममी के आसपास के इलाके में कई जहरीले सांप निवास करते हैं।
कुछ लोगों का यह भी मानना है कि ममी के नीचे रावण का खजाना है। हालांकि कई लोग इस बात से सहमत नहीं हैं, क्योंकि कि इतने वर्षों तक किसी खजाने की जानकारी होने के बाद वहां उसका शेष रहना संभव नहीं लगता।
रावण बहुत ताकतवर और पराक्रमी था। माना जाता है कि रावण की ममी की लंबाई करीब 18 फीट है। इसके अलावा भी श्रीलंका में रावण से जुड़े अनेक प्रमाण बताए जाते हैं। श्रीलंका के लोग अपने पूर्वजों से ये बातें सुनते आए हैं।
हो सकता है कि इनमें कई बातें विज्ञान की कसौटी पर खरी न उतरें लेकिन वहां के लोगों की अपनी मान्यताएं हैं और मान्यताएं प्रायः किसी वैज्ञानिक कसौटी की परवाह नहीं करतीं।

सोमवार, 2 अप्रैल 2018

लड़की पटाने का तरीका-लड़की केसे पटाए आसानी से -Girl-girl way of impressing how easily Ptaa

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लड़की पटाने का तरीका-लड़की केसे पटाए आसानी से -ladki ptane ka trika-ladki kese ptaye asani se-Girl-girl way of impressing how easily Ptaa
लड़की पटाने के कुछ तरीके में आप के लिए लेकर आया हु .ये जरुर काम करते है . बस थोडा सब्र से काम ले
आपको एक गर्ल फ्रेंड जरुर मिलेगी -

लड़की पटाने का तरीका-लड़की केसे पटाए आसानी से -Girl-girl way of impressing how easily Ptaa

1. लड़की को पहले देखो और वो जब आपके सामने देखे तो उसे इशारा मरो की उसके गाल पर कुछ है और जब वो गाल को साफ़ करे तो इशारे से बोलो की इस गाल पार नहीं बाजु के गाल पर है|
2. लड़कियों से उसी टॉपिक पर बात -चित करो जिस में उसे बात करने में मज़ा आये , इससे वो आपसे बहुत समय तक बात कर सकती है . और आपकी दोस्ती प्यार में भी बदल सकती है .
3. अगर लड़की को पटना है तो पहले उसके पास जाओ , उसका पिचा करो , उस को देखते रहो , कुछ दिनों बाद उसको इगनोरे करना शुरू कर दो बस वो परेशान हो जाएगी उस के बाद वो खुद आप में इंटरेस्ट लेगी|
4. लड़कियां अगर ग्रुप में हो तो आप उन्हें (जिन्हें पटना है ) ही देखते रहे , ऐसा करने से वो भी आप के तरफ आकर्षित हो जाएगी .
5. अगर आप उनका घर जानते है तो होली के दिन उसके घर उनके साथ होली खेलने जाना न भूले और उनके साथ खूब हंसी मजाक करे.
६. अगर आप पार्टी में किसी लड़की को पटाना चाहते हो तो , आप सबसे पहले उनसे जाकर मिले और अपना परिचय दे , इससे धीरे -धीरे बात चित का सिलसिला शुरू होगा और आप उसे पटा लेंगे .
७. आप की पड़ोसन अगर स्कूल /कॉलेज जाने के लिए निकल रही हो तो आप उनके संग होले और उनसे बात करते हुए आप भी जाये . ऐसा लगातार 3 और ४ दिन मत जाना , वो 5th दिन आपसे जरुर पूछेगी कल क्यों नहीं आये . और इस तरह मुलाकात से आप उसे पटा ही लेंगे .
८. लड़की पटाने के लिए कांफिडेंस बहुर ही जरुरी है इसलिए आप पहले अपने आप पे भरोसा रखिये की आप उसे पटा कर ही दुम्म लेंगे , और आप अपने कांफिडेंस के बल पर ही उसे पटा लेंगे .
९. लड़कियां पटाने के लिए अपने आप में कुछ कुँलिटी पैदा करे , जैसे सिंगिंग , डांसिंग , बॉडी बिल्डिंग , एक्टिंग . कुँलिटी होने से लड़की पटाना बहुत आसान हो जाता है .
१०. हमेशा लड़की से आखें मिला कर बात करो इससे लड़की इम्प्रेश होगी|
११. लड़की से जब भी मिले एक प्यारी से होठों पर मुस्कराहट जरुर लाये, हमेशा उसकी मदद करने के लिए तैयार रहे|
१२. लड़कियाँ शायरी बहुत पसंद करती है, इस लिए उनके खूबसूरती पर शायरी जुरूर सुनते रहिये, ऐसा करने से ओ आप की दीवानी होकर पागल हो जाएगी
१३. लड़की से हमेशा रोमांटिक मूड में बात करिए जिससे उन्हें लगे की आप उनसे बात कर के बहुत मजा पा रहे है|
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रविवार, 1 अप्रैल 2018

फ्री फ्री इन्टरनेट चलाये बिलकुल फ्री -Free run free internet completely free

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फ्री फ्री इन्टरनेट चलाये बिलकुल फ्री -free free internet chalaye bilkul free-Free run free internet completely free

आज फिर आप लोगों के लिए Free Internet on Airtel जो की 2G, 3G & 4G सब में काम करती है। इस से पहले भी मैंने आप लोगो को मार्च 2015 में दो ट्रिक बताई थी, जिस का लाभ कई लोगो ने उठाया और उठा भी रहे हैं, मगर वह ट्रिक भारत के सभी राज्यों में काम नहीं कर रही थी तो इस लिए आज मैं आप लोगो के लिए एक और ट्रिक लाया हूँ, उम्मीद करता हूँ की यह ट्रिक जादा से जादा   राज्यों में काम करे और eHow Hindi के उपयोगकर्ता इसका लाभ उठा सके। यह ट्रिक केवल एंड्रॉयड मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए है कुछ उपयोगकर्ता इसे Droid VPN internet trick कुछ free GPRS Droid VPN trick और कुछ VPN free internet के नाम से जानते हैं।

तो चलिए शुरू करते हैं Airtel 4G Free Internet GPRS ट्रिक।
free internet on airtel 2g, 3g & 4g
इस एयरटेल फ्री इंटरनेट ट्रिक की सुबिधाये
डाटा पैक की जरूरत नहीं
बैलेन्स की जरूरत नहीं
बिना Disconnect हुए Unlimited इंटरनेट सुबिधा
सिम कार्ड ब्लॉक होने की प्रॉब्लेम्स नहीं
इस ट्रिक्स के लिए जरूरती समान व ऐपस--
एंड्रॉयड मोबाइल फोन
एयरटेल 2G, 3G य 4G सिम
Droid VPN
 सबसे पहले आपना एयरटेल डाटा स्टार्ट करें।
उसके बाद Droid VPN ऑन करें और login हो जाएँ
फ्री फ्री इन्टरनेट चलाये बिलकुल फ्री -Free run free internet completely free
DroidVPN-login
इसके पश्चात setting बटन पर क्लिक करें
DroidVPN-Setting
 DroidVPN-Setting
 Connection Protocol ऑप्शन पर क्लिक कर TCP चुने।
DroidVPN-Connection-Protocol
DroidVPN-Connection-प्रोटोकॉल
इसके  बाद HTTP Headers ऑप्शन पर क्लिक कर यह सेटटिंग टाइप करें।

Host: one.airtel.inX-Online-Host: one.airtel.in 

DroidVPN-HTTP-Headers
okबटन को दबा कर आप की सेटटिंग save हो जाएगी।
 इसके बाद Droid VPN के Connect बटन पर क्लिक कर VPN को एक्टिव करें.
DroidVPN-Connected

 10 सेकंड में आप का एयरटेल इंटरनेट वीपीएन के  द्वारा कनैक्ट हो जाएगा, बस हो गया फ्री इंटरनेट का मजा लें।

बुधवार, 14 मार्च 2018

इच्छाधारी नागिन या नागकन्या है ये औरत -Wishful serpent or snake today is this lady

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इच्छाधारी नागिन या नागकन्या है ये औरत -.ichadhari nagin ya nagknya hai ye-Wishful serpent or snake today is this lady

आज तक आपने इच्छाधारी नागिन या नागकन्या का रूप फिल्मों में ही देखा होगा, परंतु आज हम आपको ऐसी इच्छाधारी नागिन से रूबरू कराने जा रहे हैं, जो अपने नाग पति को पाने के लिए इस मृत्युलोक में साधना कर रही है।

इच्छाधारी नागिन या नागकन्या है ये औरत -Wishful serpent or snake today is this lady


स्वयं नागकन्या होने का दावा करने वाली माया का कहना है कि वह हर 24 घंटे में हवन के दौरान नागिन का रूप धारण कर अपनी तीन बहनों से मिलने जाती है जो उसे अपने नाग पति को पाने के लिए किस तरह साधना की जाए, यह निर्देश देती हैं। माया के मुताबिक ये तीनों बहनें भी इच्छाधारी नागिनें हैं।



खुद को बचपन से शादीशुदा समझने वाली माया नाग के नाम का सिंदूर भरती है और उसे पूरा विश्वास है कि जल्द ही उसके पति के साथ उसका मिलन होगा। माया कहती है कि फिलहाल उसका पति इस मृत्युलोक में उसके परिवार के मोह में फँसा हुआ है और उससे सारी शक्तियाँ छीनी जा चुकी हैं।

अपने पूर्व जन्म की कहानी सुनाते हुए वह कहती है कि द्वापर युग के दौरान वह एक खाई में गिर गई थी तब किसी बाबा ने गोपाल नामक नाग को उसकी मदद के ‍लिए भेजा था, तभी से उन दोनों में प्रेम हो गया था। परंतु शादी न हो पाने की वजह से उसने आत्महत्या कर ली थी। ...और तब से आज तक अपने साथी को पाने के लिए भटक रही है।

नागलोक और मृत्युलोक की अजीबो-गरीब कहानियाँ सुनाने वाली यह इच्छाधारी नागिन माया मध्यप्रदेश के बड़नगर स्थित एक आश्रम में निवास करती है। इन कहानियों से प्रभावित वहाँ के निवासी इनकी महामाया माँ भगवती के रूप में आराधना करते हैं।
इच्छाधारी नागिन या नागकन्या है ये औरत -Wishful serpent or snake today is this lady

लोगों द्वारा माया की पूजा करना आस्था का प्रतीक है या उसका इच्छाधारी नागिन होने के अंधविश्वास का प्रभाव है? आज के इस वैज्ञानिक युग में यह घटना कितनी प्रासंगिक है,

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गुरुवार, 1 मार्च 2018

ये है चालू स्त्रियों के लक्षण जाने -These are the symptoms of the current women

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ये है चालू स्त्रियों के लक्षण जाने -These are the symptoms of the current women
ये है चालू स्त्रियों के लक्षण जाने -These are the symptoms of the current womenये है चालू स्त्रियों के लक्षण जाने These are the symptoms of the current women,चालू लड़की ,चालू ओरत . जिस महिला की आंखें डरी हुई सी,किसी स्त्री की गर्दन छोटी हो,किसी स्त्री की हथेली किसी महिला का माथा,स्त्री के पैर ,जिन स्त्रियों में हों ऐसे लक्षण उन्हें शास्त्रों में शुभ नहीं माना गया है-स्त्री के प्रकार स्त्री को क्या चाहिए स्त्री के प्रकार स्त्री की कमजोरी चरित्रहीन स्त्री स्त्री वशीकरण त्रिया चरित्र चरित्रहीन पत्नी की पहचान नारी के प्रकार चरित्रहीन स्त्री के लक्षण  चरित्रहीन पत्नी के लक्षण  स्त्री चरित्र  भाग्यशाली स्त्री के लक्षण  स्त्री के प्रकार  चरित्रहीन महिलाओं की पहचान  चरित्रहीन लड़कियों की पहचान  चरित्रहीन पत्नी की पहचान

जिन स्त्रियों में हों ऐसे लक्षण उन्हें शास्त्रों में शुभ नहीं माना गया है-


स्त्री को हमारे ग्रंथों में लक्ष्मी कहा गया है। ज्योतिष के ग्रंथों में भी स्त्रियों के स्वभाव और उनके भविष्य से जुड़ी बातों के बारे में रोचक वर्णन मिलता है। प्रसिद्ध ग्रंथ बृहद संहिता में स्त्रियों के दो प्रकार बताए गए है शुभ लक्षणा और अशुभ लक्षणा।शुभ लक्षणा को साक्षात लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। वहीं अशुभ लक्षणा को अलक्ष्मी कहा जा सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं स्त्रियों के कुछ ऐसे ही शारीरिक लक्षणों के बारे में जिन्हें इस ग्रंथ में शुभ नही माना गया है-
कनिष्ठिका वा तदनन्तरा वा महीं न यस्या: स्पृशति स्त्रिया: स्यात्।
गताथवङ्गुष्ठमतीत्य यस्या: प्रदेशिनी सा कुलटातिपापा।।

स्त्री के पैर की सबसे छोटी या उसके बराबर वाली अंगुली भूमि पर न टिकती हो या अंगूठे के बराबर वाली अंगुली, अंगूठे से बहुत लंबी हो तो ऐसी स्त्री का चरित्र परिस्थिति के अनुसार बदल सकता है। ऐसी महिलाएं नियंत्रण मेंं न रहने वाली, पाप करने वाली और गुस्सैल स्वभाव की होती हैं। जिस स्त्री की पिण्डली का पिछला भाग मोटा हो, बहुत ऊपर की ओर चढ़ा हुआ सा हो साथ ही नसें उभरी हों तो ऐसी स्त्रियों को शुभ नहीं माना जाता है।यदि यह भाग मांसहीन, सूखा सा हो, पिण्डली पर बहुत रोम हों तो ऐसी स्त्री बहुत दु:ख पाती है। गुहा भाग के बाल वामावर्त रोमों से युक्त हो या यह भाग दबा हुआ सा हो तो अशुभ होता है। यदि पेट घड़े के समान हो तो जीवन में हमेशा दरिद्रता बनी रहती है।  पेट पतला, लंबा या गड्ढेदार हो तब भी अच्छा नही माना जाता है-

प्रविलम्बिनि देवरं ललाटे, श्वसुर हन्त्युदरे स्फिजो: पतिं च।
अतिरोमचयाान्वितोत्तरोष्ठी, न शुभा भर्तुरतीव या च दीर्घा।। 

किसी महिला का माथा यदि लंबा हो तो देवर के लिए, पेट लंबा हो तो ससुर के लिए, कमर के नीचे वाला हिस्सा भारी हो तो पति के लिए अनिष्टकारक होता है। मूंछों के स्थान पर बहुत रोएं हो या स्त्री का कद बहुत लंबा हो तो पति के लिए शुभ नहीं होता है। स्त्री के कान रोएंदार हों, मैले हों असमान आकार के हों तो हमेशा क्लेश रहता है। दांत, मोटे चौड़े या बहुत लंबे हों, बाहर निकले हों तो जीवन में हमेशा दुख रहता है। काले मसूड़ों वाली महिलाओं का भाग्य उनका अधिक साथ नही देता है-

क्रव्यादरूपैर्वृककाकङ्सरीसृपोलूकसमानचिन्है:।
शुष्कै: शिरालैर्विषमैश्च हस्तैर्भवन्ति नार्य सुखवित्तहीना:।।

जिन स्त्रियों में हों ऐसे लक्षण उन्हें शास्त्रों में शुभ नहीं माना गया है-
किसी स्त्री की हथेली पर मांसभक्षी पक्षी का चिन्ह हो, भेडिय़ा, कौआ, सांप, उल्लू जैसा चिन्ह हों तो वह स्त्री दुख देने वाली होती है-
हथेलियां चपटी मांसहीन हों व नसें ज्यादा उभरी हुुई हों तो उन्हें अच्छा नहीं माना जाता है। दोनों हथेलियों के आकार में अंतर हो तो ऐसी महिलाएं सुख और धन से हीन होती हैं-

नेत्रे यस्या: केकरे पिङ्गले वा सा दु:शीला श्यामलेक्षणा च।
कूपौ यस्या गण्डयोश्च स्मितेषु नि:सन्दिग्धं बंधकी तां वदन्ति।।

जिस महिला की आंखें डरी हुई सी, पीली हों वह बुरे स्वभाव वाली होती है। जबकि चंचल और स्लेटी रंग की आंखों को भी शुभ नहीं माना जाता है। हंसते समय जिस स्त्री के गालों पर गड्ढे पड़ते हों उसका चरित्र बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है-

ह्स्वयातिनि:स्वता दीर्घया कुलक्षय:।
ग्रीवया पृथूत्थया योषित: प्रचण्डता।।

किसी स्त्री की गर्दन छोटी हो तो वह जीवनभर दूसरों पर निर्भर रहती है। वह अपना कोई भी निर्णय स्वयं नहीं ले पाती। वहीं 4 अंगुल से अधिक लंबी गर्दन वाली स्त्री वंश का नाश करने वाली होती है। यदि गर्दन बहुत मोटी हो तो उसे शुभ नही माना जाती है। गर्दन चपटी हो तो ऐसी स्त्री का स्वभाव प्रचण्ड यानी गुस्सैल और जिद्दी होता है-

बुधवार, 28 फ़रवरी 2018

कुंवारी लड़की की पहचान ,कुंवारी पत्नी की पहचान .Virgin girl's identity, the identity of the virgin wife,

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कुंवारी लड़की की पहचान  ,कुंवारी  पत्नी की पहचान .Virgin girl's identity, the identity of the virgin wife,
कुंवारी लड़की की पहचान  ,कुंवारी  पत्नी की पहचान .Virgin girl's identity, the identity of the virgin wife, कुंवारी लड़की की पहचान  ,कुंवारी  पत्नी की पहचान .Virgin girl's identity, the identity of the virgin wife,कुंवारापन ,कुंवारी चूत .एक लड़की पहली बार संभोग करती है तो यह हाइमन खिंचाव से फट सकता है। इस से ड़ी पीड़ा के साथ कुछ रक्त भी निकल सकता है। हालांकि ऐसे बहुत से मामले देखने में आए हैं जिनमें कौमार्य बरकरार होने के बावजूद  हाइमन अक्षत नहीं था। कई मामलों में, पहली बार सहवास के दौरान भी रक्तस्राव बिल्कुल नहीं हुआ। वहीं कुछ मामलों में हाइमन ऑपरेशन, चोट, हस्तमैथुन, रूई के फाहे घुसने से या किसी प्रकार के अन्य दबाव  के कारण फट गया था। कैसे पता लगाया जाये की लड़की ने शादी से पहले कैसे पता करूं कि मेरी होने वाली पत्नी कुंवारी है .. पहचाने लड़की वर्जिन है या नही लड़की कुंवारी है यह कैसे जाना जा सकता है

Identification Of  Virgin Girl-एक कुँवारी लड़की की पहचान-

लड़की कुंवारी है या नहीं यह बाहर से देखकर पता नही चलता- कुंवारी की परिभाषा है ऐसी लड़की जिसका हाइमन बरकरार हो- कई लोगों के लिए कौमार्य का अर्थ है ऐसा लड़का या लड़की जिसने पहले कभी संभोग ना किया हो- योनि मुख की परतों  में योनि कोरोना/हाइमन के भीतर 1-2 सेमी की श्लेष्मा झिल्ली होती है- जब एक लड़की पहली बार संभोग करती है तो यह हाइमन खिंचाव से फट सकता है- इस से ड़ी पीड़ा के साथ कुछ रक्त भी निकल सकता है- हालांकि ऐसे बहुत से मामले देखने में आए हैं जिनमें कौमार्य बरकरार होने के बावजूद  हाइमन अक्षत नहीं था- कई मामलों में, पहली बार सहवास के दौरान भी रक्तस्राव बिल्कुल नहीं हुआ- वहीं कुछ मामलों में हाइमन ऑपरेशन, चोट, हस्तमैथुन, रूई के फाहे घुसने से या किसी प्रकार के अन्य दबाव  के कारण फट गया था-

वर्जिनिटी शब्द पर अकसर डिबेट चलती रहती है। अधिकतर लोगों का मानना होता है कि जो लड़की वर्जिन है उसी से शादी करनी चाहिए। लेकिन इन लोगों को यह नहीं पता होता कि वर्जिनिटी होती क्या है। आईये आज हम आपको बताते हैं कि वर्जिनिटी क्या होती है-

पुराने दौर से ही महिलाओं की वर्जिनिटी (कौमार्य) को बेशकीमती माना जाता रहा है। हम दुनिया भर के अब तक के इतिहास पर नजर डालें, तो पता चलेगा कि वर्जिनिटी को मूल्यों और संस्कारों से जोड़कर देखा जाता रहा है- खास तौर पर महिलाओं की वर्जिनिटी पर ज्यादा जोर दिया जाता है-लेकिन अब यह मान्यता टूट रही है। शादी से पहले सेक्स अब कोई वर्जित विषय नहीं रहा- पुरानी पीढ़ी की मान्यताओं और शिकायतों से परे शादी से पहले सेक्स आज की जरूरत बन चुका है। फिर भी कुछ लोग वर्जिनिटी को बड़ा इश्यू मानते हैं-

वर्जिनिटी को इश्यू बनाते हैं मर्द-

जो कपल्स रिलेशनशिप में रह रहे हैं, वे सेक्स को लेकर फ्री माइंडेड हैं। वे पाबंदी और नैतिकता के बंधनों से आजाद हैं। वे मनमर्जी से सेक्स करते हैं। उनके लिए यह जरूरी नहीं है कि रिलेशनशिप शादी में तब्दील हो जाए। मगर जब भी शादी और खासकर अरेंज मैरेज की बात आती images (2)है, तो उनकी भौहें चढ़ जाती हैं। खासकर महिलाओं के यह बात काफी मुश्किलें पैदा कर देती है, क्योंकि पुरुष महिलाओं की वर्जिनिटी को काफी बड़ा इश्यू मानते हैं-

गाइनकॉलजिस्ट महेंद्र वत्स के मुताबिक हमारे समाज में इस तरह की मानसिकता वाले लोगों की तादाद बड़ी संख्या में है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ये सारी बातें हमारी संस्कृति और परंपरा में मजबूती से बनी हुई हैं। डॉक्टर वत्स के मुताबिक, ‘एक आम सवाल से मुझे हमेशा दो-चार होना पड़ता है। मैं कैसे पता करूं कि मेरी गर्लफ्रेंड या होने वाली पत्नी वर्जिन है? इसका साफ जवाब है कि इसे जानने का कोई रास्ता नहीं है-

डॉ. राजन भोसले के मुताबिक वैसे तो वर्जिनिटी कोई बड़ा इश्यू नहीं है, मगर मर्दों की पुरानी शिकायत है कि पहली रात में उनकी पत्नी को ब्लीड नहीं हुआ। यह पूरी तरह से बेवकूफाना सोच है कि ब्लीड नहीं हुआ तो वह वर्जिन नहीं है। ऐसा सभी के साथ जरूरी नहीं है। इसका मतलब यह नहीं कि वर्जिन नहीं है इसलिए ऐसा हुआ-


क्या नकली हाइमन लगवाई जा सकती है-

कोई लड़की वर्जिन है या नहीं, इसका पता दो ही तरीकों से चल सकता है- या तो वह प्रेगनेंट हो चुकी हो या फिर वह खुद स्वीकार कर ले- एक सेफ हाइमन कभी भी वर्जिनिटी का सबूत नहीं हो सकती, क्योंकि आजकल तो एक छोटा सा ऑपरेशन करवाकर भी आर्टिफिशल हाइमन लगाई सकती है। कई सारे डॉक्टरों के पास ऐसे केस आ रहे हैं। अब मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि एक प्लास्टिक सर्जन आसानी से हाइमन की तरह के टिश्यूज़ बना सकते हैं। इस प्रक्रिया को हाइमनोप्लास्टी कहते हैं-
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बुधवार, 24 जनवरी 2018

हमारे ब्रह्मांण्ड कि एसी रोचक जानकारी जो आप नही जानते You do not know what the interesting details of our universe

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ब्रह्मांण्ड एक ऐसी जगह है जहां सब कुछ है. ब्रह्माण्ड इतना विशाल है कि आप इसके आकार का अनुमान नही लगा सकते. मान लीजिए कि आप ने अनुमान लगा भी लिया कि ब्रह्माण्ड इतना बड़ा है. पर आप के अनुसार जहां ब्रह्माण्ड का अंत होता है उसके आगे भी कोई पदार्थ तो जरूर होगा ही. इसी तरह अगर हम सोचते जाए कि ब्रह्माण्ड इतना बड़ा है तो यह उससे ज्यादा फैलता जाएगा. 1929 ईसवी में हब्बल नामक वैज्ञानिक ने देखा कि आकाशगंगाएँ एक दूसरे से दूर जा रही हैं. तो कई वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि शायद ब्रह्माण्ड शुरू में एक बिंदु के जितना होगा और अचानक हुए एक विस्फोट के द्वारा बने कण, प्रतिकण बने जिन से कई आकाशी पिंडो का निर्माण हुआ. और यह तब से निरंतर फैलते ही जा रहै हैं. इस विस्फोट के समय का अनुमान आज से 15 अरब (15×109) साल पहले का लगाया गया है और इसे महाविस्फोट का सिद्धांत कहा जाता है. आइए इस रहस्मई ब्रह्माण्ड के बारे में रोचत तथ्य जानते हैं-

 हमारे ब्रह्मांण्ड कि एसी रोचक जानकारी जो आप नही जानते  You do not know what the interesting details of our universe हमारे ब्रह्मांण्ड कि एसी रोचक जानकारी जो आप नही जानते  You do not know what the interesting details of our universe,अन्तरिक्ष की जानकारी , ब्रह्मांण्ड का अध्ययन करने वाले विज्ञान को खगोलविज्ञान या अंग्रेजी में astronomy कहा जाता है. खगोल विज्ञान, विज्ञान की एक बहुत ही रोचक और रहस्मई शाखा है. खगोल विज्ञान में बहुत ही दूर स्थित आकाशी पिंडो का अध्ययन किया जाता है जिसे एक शाधारण मनुष्य सरलता से समझ नही सकता. खगोल विज्ञान से जुड़े कई सिद्धात बहुत प्रतलित है. जैसे के विशेष तथा साधारण सापेतक्षतावाद. 2. आप का T.V. या कोई और आवाज़ पैदा करने वाला रिकार्डर जा music set जब ठीक से नही चल रहा होता तब यह जो बेकार सी आवाज पैदा करता है यह Big Bang(महाविस्फोट) के तुरंत बाद बनने वाली रेडिऐशन का नतीजा है जो आज 15 अरब साल बाद भी है. अंतरिक्ष के अनसुलझे रहस्य  अंतरिक्ष यान का रहस्य  भारत के अनसुलझे रहस्य  अंतरिक्ष के बारे में जानकारी  विज्ञान के रहस्य  अंतरिक्ष क्या है  अंतरिक्ष की खोज  अंतरिक्ष में मानव

1. ब्रह्मांण्ड का अध्ययन करने वाले विज्ञान को खगोलविज्ञान या अंग्रेजी में astronomy कहा जाता है. खगोल विज्ञान, विज्ञान की एक बहुत ही रोचक और रहस्मई शाखा है. खगोल विज्ञान में बहुत ही दूर स्थित आकाशी पिंडो का अध्ययन किया जाता है जिसे एक शाधारण मनुष्य सरलता से समझ नही सकता. खगोल विज्ञान से जुड़े कई सिद्धात बहुत प्रतलित है. जैसे के विशेष तथा साधारण सापेतक्षतावाद.
2. आप का T.V. या कोई और आवाज़ पैदा करने वाला रिकार्डर जा music set जब ठीक से नही चल रहा होता तब यह जो बेकार सी आवाज पैदा करता है यह Big Bang(महाविस्फोट) के तुरंत बाद बनने वाली रेडिऐशन का नतीजा है जो आज 15 अरब साल बाद भी है.
3. खगोलविज्ञान के अनुसार हम कहते है कि हर भौतिक वस्तु इस ब्रह्मांण्ड में मौजुद है. इसमें ही खरबों तारे, सौर मंण्डल और आकाशगंगाएं है. पर यह सिर्फ सारी वस्तुओं का 25 प्रतीशत ही है. अभी भी कई ऐसी और चीजों के बारें में पता लगाया जाना बाकी है.
4. अगर नासा एक पंक्षी को अंतरिक्ष में भेजे तो वह उड़ नही पाएगा और जल्दी ही मर जाएगा. क्योंकि वहां पर उड़ने के लिए बल ही नही है.
5. क्या आप को पता है श्याम पदार्थ(dark matter) ब्रह्माण्ड में पाया जाने वाला ऐसा पदार्थ है जो दिखता नही पर इसके गुरूत्व का प्रभाव जरूर पाया गया है. तभी इसे श्याम पदार्थ का नाम दिया गया है क्योंकि यह है तो दिखता नही.
6. अगर आप 1 मिनट में 100 तारे गिने तो आप 2000 साल में एक पुरी आकाशगंगा गिन देगें.
7. महाविस्फोट के बाद ब्रह्माण्ड विस्तारित होकर अपने वर्तमान स्वरूप में आया . पर आधुनिक विज्ञान के अनुसार भौतिक पदार्थ प्रकाश की गति से फैल नही सकता. पर महाविस्फोट सिद्धांत में तो यह पक्का है कि ब्रह्माण्ड 15 खरब साल में 93 खरब प्रकाश वर्ष तक फैल चुका है.(1प्रकाश वर्ष( light year)=प्रकाश के द्वारा एक साल में तय की गई दूरी). पर इस उलझण को आइंस्टाइन का साधारण सापेक्षतावाद का सिद्धात समझाता है. इसके अनुसार दो आकाशगंगाएँ एक-दुसरे से जितनी दूर है उतने ही अनुपात से यह और दूर होती जाती है. यह तथ्य थोड़ा समझने में कठिन लगेगा मगर जब इसे ध्यान से पढ़ेगें तो कुछ-कुछ समझ आ जाएगा.
8. हमारी आकाशगंगा का नाम मंदाकिनी(Milky way) है, हमारा सौर मंण्डल इसी आकाशगंगा में है. आकाशगंगा का ग्रीक भाषा में अर्थ है- 'दूध'. अगर आप एक खगोलीए दूरबीन लेकर आकाशगंगओं को देखे तो ऐसा लगेगा जैसे दूध की धारा बह रही हो.
9. द लार्ज मेगालीनिक कलाउड आकाशगंगा सभी आकाशगंगाओं से सबसे ज्यादा चमकदार है. यह केवल दक्षिणी गोलाअर्थ में ही दिखेगी. यह धरती से 1.7 लाख प्रकाश वर्ष दूर है और इसका व्यास 39,000 प्रकाश वर्ष है.
10. Abell 2029 ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी आकाशगंगा है. इसका व्यास 56,00,000 प्रकाश वर्ष है और यह हमारी आकीशगंगा से 80 गुना ज्यादा बड़ी है यह धरती से 107 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है.
11. धनु बौनी आकाशगंगा की खोज 1994 मे हुई थी और यह सभी आकाशगंगायों से धरती के सबसे करीब है यह धरती से 70,000 प्रकाश वर्ष दूर है.
12. ऐड्रोमेडा आकाशगंगा नंगी आखों से देखी जाने वाली सबसे दूर स्थित आकाशगंगा है यह पृथ्वी से 2309000 प्रकाश वर्ष दूर है. इसमें लगभग 300 खरब (30×1011) तारे है और इसका व्यास 1,80,000 प्रकाश वर्ष है.
13. ज्यादातर आकाशगंगाओं की शकल अंडाकार है पर कुछ अपनी शकल बदलती रहती है. हमारी आकाशगंगा मंदाकिनी अंडाकार है.
14. Abell 135 IR 1916 आकाशगंगा हमारे ब्रह्माण्ड की सबसे दूर स्थित आकाशगंगा है यह धरती से आश्चार्यजनक 13.2 खरब प्रकाश वर्ष दूर है. 2004 में युरोपीय दक्षिणी वेधशाला के खगोलविदों ने इस आकाशगंगा की खोज की घोषणा की .
15. ब्रह्माण्ड कैंलेडर
महाविस्फोट के बाद कई खगोलीय और धरती की घटनाएँ घटित हुई जिसमें डायनासोरों का जन्म और खातमा शामिल है. यह सारी चीजे बहुत ही ज्यादा समय में घटित हुई जिसे कि एक साधारण मनुष्य नही समझ सकता. इस समस्या से पार पाने के लिए अमरीकी गणितज्ञ और खगोलबिद कार्ल सागन ने 'ब्रह्माण्ड कैंलेडर' का सुझाव दिया. इस कैंलेडर में महाविस्फोट से लेकर अब तक के मानव इतिहास को एक साल में दर्शाया गया है. आइए इस कैंलैडर की घटनाएँ जानते है.
1 जनवरी 12:00 am------महाविस्फोट- ब्रह्माण्ड की उत्पती.
15 मार्च-----------------पहले सितारो और आकाशगंगाऔ की उत्पती.
1 मई-------------------हमारी आकाशगंगा मंदाकिनी की उत्पती.
8 सितंबर---------------हमारे सुर्य की उत्पती.
9 सितंबर--------------हमारे सुर्य मंण्डल की उत्पती.
12 सितंबर-------------पृथ्वी की उत्पती.
13 सितंबर-------------चाँद की उत्पती
20 सितंबर-------------धरती के वायुमंडल की उत्पती.
1 अक्तुबर-------------धरती पे सबसे पहले एक कोशिका जीवो की उत्पती.
7 अक्तुबर-------------सबसे पहले के जाने जाने वाले फासिल(पथराट).
18 दिसंबर------------अनेक cells वाले जीवों की उत्पती.
19 दिसंबर------------पहली मछली.
21 दिसंबर------------पहले स्थली पौदे और कीड़े
23 दिसंबर-----------पहले सरीसृप (रेंगने वाले)
24 दिसंबर-----------पहले डायनासोर
26 दिसंबर------------पहले स्तनपाई
27 दिसंबर-----------पहले पक्षी
28 दिसंबर----------पहले फूल वाले पौधे.
29 दिसंबर----------डायनासोरो का खातमा.
31 दिसंबर के रात के 11:55 बजे-----मनुष्यों के कुल इतिहास से अब तक.
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