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रविवार, 20 अगस्त 2017

जब बच्चा करे बार बार उल्टी दस्त घरेलू उपचार करे -When the child repeatedly vomits, heals home remedies -

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बरसात का नमी वाला मौसम है और इस मौसम में बच्चो में उल्टी और दस्त होना बहुत ही आम है ये जानलेवा भी हो सकता है । जब भी आपके बच्चे को उल्टी या दस्त या दोनों ही शुरू हो जाएँ तो आपको फौरन कोई भी तरल पदार्थ देना शुरू कर देना चाहिए।ऐसी स्थिति में यह जरूरी होता है कि बच्चे की जान बचाने के लिएउसे अधिक से अधिक मात्रा में पीने के लिए ऐसे पदार्थ दिए जाएँ, जिनमें भरपूर मात्रा में पानी हो
जब बच्चा करे बार बार उल्टी दस्त घरेलू उपचार करे -When the child repeatedly vomits, heals home remedies -  jab bachcha kare baar baar ultee dast ghareloo upachaar kare -शिशुओं में दस्त (डायरिया) शिशु को उल्टी-दस्त होने पर यें उपाय करें बच्‍चों को डायरिया, पेट संक्रमण व दस्‍त होने पर बच्चों को पतले दस्त | घरेलू इलाज उल्टी दस्त के घरेलु उपचार बच्चे को उल्टी नवजात शिशु को उल्टी उल्टी और दस्त उल्टी दस्त के घरेलु नुस्खे बच्चों में उल्टी होना बच्चों की उल्टी का इलाज दस्त का इलाज उल्टी की दवा नवजात का दूध बाहर निकालना बच्चों को उल्टी होना बच्चों की उल्टी का इलाज नवजात शिशु के नाक से दूध उल्टी बच्चों को उल्टी दस्त बच्चे का दूध निकालना दूध पलटना शिशु का थूक निकालना

  1.  यदि आपका बच्चास्तनपानकरता है तो उसे बार-बार दूध पिलाते रहना चाहिए।
  2. ऐसे समय में पानी उबालकर छान लें व ठंडा कर लें। अब यही पानी हर पंद्रह बीस मिनट के अंतराल पर देती जाएँ।
  3. आप जो भी चीज बच्चे को पिलाएँ उसमें ध्यान रखें कि वह ताजा और शुद्ध हो। तरल पदार्थों में आप बच्चे कोदालका पानी, सूप, चावल का पानी, ताजे फलों का रस और हरे नारियल का पानी और छाछ दे सकती हैं।
  4. यदि अच्छा पका केला उपलब्ध हो तो वह मैश करके बच्चे को खिलाएँ। इन सबके बावजूद भी बच्चे को कोई राहत महसूस न हो तोतुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। किसी भी हालत में बारह घंटे से ज्यादा इंतजार न करें।
  5.  बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए 'विश्व स्वास्थ्य संगठन' ने एक जीवनरक्षक घोल तैयार किया है जिसे 'ओआरएस' कहा जाता है। बच्चे को यह घोल तुरंत देना चाहिए। इसमें मौजूद विशेष तत्वडिहायड्रेशन पर तुरंत काबू पा लेते हैं।
  6. इसी तरह के कुछ अन्य घोल हैं- 'इलेक्ट्रोबियॉन', 'पुनर्जल', 'वेलाइट', 'कोसलाइट एंड रिलाइट' और 'टीटीके', 'ओआरएस'सभी घोल किसी भी मेडिकल स्टोर्स पर आसानी से मिल जाते हैं।
  7.  घोल तैयार करने के लिए एक साफ बर्तन लें। एक लीटर पानी में पाऊच काटकर मिला लें। साफ चम्मच से पाउडर पूरा घुल जाने तक हिलाएँ। इस घोल को ढँककर रखें और बच्चे को थोड़ा-थोड़ा कर पिलाते रहें।
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उल्टी दस्त का आयुर्वेदिक कारगर घरेलू इलाज Ayurvedic effective home remedies for vomiting diarrhea

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बारिश के मौसम में उलटी दस्त की समस्या बहुत ज्यादा होती है ,रोग प्रतिरोधक शमता कम होती उनके ये बीमारी जल्दी से होती है ,कई बार उल्टी और दस्त का कारणशरीर होने वाली गर्मी भी हो सकती है, परन्तु ये परेशानी यदि आपको ज्यादा हो रही है, तो इसके कारण आपके शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है, इसीलिए आपको इस समस्या में पानी का सेवन भरूर करना चाहिए, कई बार आपको बहुत ज्यादा कमजोरी और चक्कर भी आने लग जाते है, इसके लिए आपको अपने डॉक्टर को भी दिखाना चाहिए, ताकि यदि आपको आराम नहीं आ रहा है तो वो आपको दवाई या ड्रिप लगा सकें,इसके अलावा ये समस्या ऐसी है जिसका उपचार आपके घर में भी आसानी से मिल जाता है, तो आइये आज हम आपको उल्टी और दस्त की समस्या से बचने के लिए कुछ घरेलू उपचात बताने जा रहे है, जो आपकी इस समस्या का समाधान करके आपको फिट कर देंगे।
उल्टी दस्त का आयुर्वेदिक कारगर घरेलू इलाज Ayurvedic effective home remedies for vomiting diarrhea उल्टी दस्त से राहत के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे ,उल्टी और दस्त होने पर ये घरेलू उपाए करे ,उल्टी से राहत के घरेलू उपाए ,दस्त से राहत के घरेलू उपाए ultee dast ka aayurvedik kaaragar ghareloo ilaaj दस्त का इलाज बार बार उल्टी होना दस्त लगने के उपाय उल्टी रोकने के घरेलू उपाय उल्टी in english उल्टी और दस्त का इलाज बच्चों की उल्टी का इलाज बच्चों कोबच्चों की उल्टी का इलाज उल्टी की दवा उल्टी आना बच्चों को उल्टी बार बार उल्टी होना बच्चों में उल्टी होना उल्टी दस्त का उपचार उल्टी बीमारी उल्टी

उल्टी रोकने के घरेलू उपचार-
अदरकका इस्तेमाल करें:-यदि आपको उल्टी आ रही है, या आपको ऐसा महसूस हो रहा है तो आपकोअदरकवालीचायका सेवन करना चाहिए या फिरअदरकके एकछोटे से टुकड़े को मुँह में लेकर चूसते रहना चाहिए ऐसा करने से आपको उल्टी रोकने में मदद मिलती है।

दालचीनीका इस्तेमाल करें-
दालचीनीको पानी में अच्छे से उबाल लें, उसके बाद उसके गुनगुना रहने पर आप उसमेंशहदडाल कर इसका सेवन करें, या फिरदालचीनीकीचायबनाकर उसका सेवन करें, ऐसा करने से भी आपको उल्टी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

पुदीने की पत्तियों का इस्तेमाल करें-
पुदीने की पत्तिया आपको रिफ्रेश महसूस करवाने में बहुत मदद करती है, इसके लिए आप पुदीने की चाय, या पुदीने की पत्तियों को पीस कर उसका रस निकाल लें, और उसमें थोड़ा नमक मिलाकर उसका सेवन करें, इससे भी उल्टी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।सिरके का इस्तेमाल करें:-सिरके का इस्तेमालकाला नमकमिलाकर करने से भी आपको उल्टी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके लिए आप बराबर मात्रा में सिरका औरकाला नमकमिला लें, और उसके बाद इसे चाटते रहे ऐसा करने से आपको आराम महसूस होगा।

चावल का पानी पीने से-
कई बार उल्टी आने का कारण आपके पेट में एसिडिटी की समस्या होना भी हो सकता है, इससे राहत के लिए आप चावल को पानी में उबाल लें, उसके बाद उसमें से पानी को अलग करके उसपानी को ठंडा करके उसका सेवन करें, ऐसा करने से आपको उल्टीकी समस्या से राहत मिलती है।

निम्बूका इस्तेमाल करें:-
निम्बूके रस का इस्तेमाल करने से यदि आपके पेट में होने वाली किसी परेशानी के कारण आपको उल्टी हो रही है, तो उससे राहत पाने में मदद मिलती है, इसके लिए आपनिम्बूके टुकड़े परकाला नमकलगाकर उसे चूसते रहे ऐसा करने से आपको उल्टी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

लहसुनका इस्तेमाल करें-
यदि आपको ऐसा लग रहा हो की आपको उल्टी आने वाली है, या उल्टियां बार बार हो रही हो, तो इस समस्या से राहत पाने केलिए आपलहसुनकी दो कलियों कोचबा कर उसका सेवन करें, इसके कारण आपको इस परेशानी से राहत मिलने में मदद मिलती है।

प्याज़के रस का सेवन करें-
प्याज के रस का सेवन करने से भी आपको उल्टी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके लिए आप प्याज को घिस कर उसका रस निकाल लें, और उसमेंकाला नमकमिलाकर एक एक घंटे के अंतराल में पीते रहे ऐसा करने से आपको उल्टी की समस्या से रहता पाने में मदद मिलती है।

इलायची का इस्तेमाल करें-
इलायची का सेवन करने से भी आपको उल्टी की समस्या से राहत मिलती है, और साथ ही यदि आप उल्टी आने जैसी संभावना को महसूस कर रही हो, तो आप उसीसमय इलायची का सेवन कर लें, इससे उल्टी की समस्या से राहत मिलने के साथ एसिडिटी की समस्या यदि होगी तो उससे भी राहत मिलने में मदद मिलती है।

बर्फ का इस्तेमाल करें-
उल्टी आने पर या आपको ऐसा अनुभव हो रहा हो की आपको उल्टी आने वाली है तो इस समस्या से राहत पाने के लिए आप बर्फ के टुकड़े को चूसते रहे ऐसा करने से आपको उल्टी को रोकने में मदद मिलती है।
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रविवार, 23 अप्रैल 2017

पथरी को दूर करने का आसान और रामबाण तरीका -Easy and sophisticated way to remove calculus -

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किडनी यानि गुर्दे में पथरी की समस्या तेजी से बड रही है |इसकी वजह लोगो का बिगड़ता खान पान और स्वस्थ के प्रति लापरवाही बरतना है | पथरी की मुख्य वजह पानी की कमी और खनिजो का बिगड़ा अनुपात होता है |अगर आप भी पानी की बजाय कोलड्रिंक कॉफ़ी चाय आदि का जमकर सेवन कर रहे है ,तो आप इसकी चपेट में आसानी से आ सकते है | तो इसके इलाज के लिए आपको आयुर्वेदिक और कारगर इलाज हम बताने जा रहे है जो पथरी की बीमारी में कारगर और रामबाण साबित होता है तो जानते है की पथरी को दूर करने का आसान और रामबाण तरीका -
परहेज -
पालक , टमाटर सी -फ़ूड , नमक से दूर रहे इनसे परहेज करे -

 पथरी को दूर करने का आसान और रामबाण तरीका -Easy and sophisticated way to remove calculus -


नीबू -
नीबू में उपस्थित साईंट्रेट ऑक्सोलेट को रोकता है जिससे पथरी नही बनती है |नीबू के रस में जेतून का तेल मिलकर सेवन करना लाभदायक होता है 

गिलोय-
गिलोय को गुड़ूची के नाम से भी जाना जाता है। वनों में पायी जाने वाली इस बेल को पथरी और पथरी से जुड़े अन्य विकारों के इलाज के लिए जबरदस्त माना गया है। पेशाब करते समय यदि जलन महसूस हो तो गिलोय के तने का चूर्ण 10 ग्राम आंवला के फ लों का चूर्ण 10 ग्राम सोंठ चूर्ण 5 ग्राम गोखरु के बीजों का चूर्ण 3 ग्राम और अश्वगंधा की जड़ों का चूर्ण 5 ग्राम लिया जाए और इसे 100 उस पानी में उबाला जाए, प्राप्त काढ़े को रोगी को दिन में एक बार प्रतिदिन एक माह तक दिया जाना चाहिए।

पुनर्नवा-
खरपतवार समझे जाने वाला यह पौधा किडनी में पथरी के लिए एक महत्वपूर्ण पौधा है। पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार पथरी की वजह से कमर और पेट में दर्द होने पर पुनर्नवा,कचूर और अदरक की समान मात्रा लेकर रोगी को खिलाना चाहिए, दर्द में तुरंत आराम मिलता है।

बड़ा नींबू या कागज़ी नींबू-
इसका एक गिलास रस तैयार कर सुबह सुबह खाली पेट पी लिया जाए, पांच मिमी के आकार तक की पथरी घुलकर निकल आने का दावा ग्रामीण अंचलों के जानकार करते हैं।

आंवला-
पेशाब करते समय जलन या कम पेशाब होने की शिकायत हो तो आंवले से बेहतर उपचार कोई और नहीं। आंवले के फ लों का रस, शक्कर और घी का मिश्रण अतिकारगर होता है। हर्बल जानकार भुमका आंवले के रस के साथ, इलायची के दानों को मिलाते है और हल्का गर्म करके पीने की सलाह देते हैं, इनके अनुसार उल्टियां, चक्कर या पेट दर्द जैसी समस्याओं में यह राहत देता ही है। दारू, हल्दी और आंवले के फलों का चूर्ण समान मात्रा में लेने से पेशाब संबंधित समस्याओं में गजब का फायदा होता है।

अश्वगंधा-
अश्वगंधा की जड़ों का गुनगुना रस पीने से पथरी का दर्द कम होता है। अश्वगंधा की जड़ों का रस और आंवला के फ लों का रस समान मात्रा में आधा आधा कप लिया जाए तो मूत्राशय और मूत्र मार्ग में पेशाब करते समय जलन की शिकायत खत्म हो जाती है और माना जाता है कि यह पथरी को गलाकर पेशाब मार्ग से बाहर भी निकाल फेंकता है। अच्छे परिणामों के लिए इस नुस्खे का इस्तेमाल कम से कम दो माह तक किया जाना चाहिए।

सौंफ-
सौंफ की चाय को पथरी के इलाज के लिए एक कारगर उपाय माना जाता है। सौंफ की चाय बनाने के लिए आधा चम्मच सौंफ के बीजों को कुचल लिया जाए और दो कप पानी में पांच मिनट तक उबाला जाए, जब यह गुनगुना हो जाए तो इसे पी लिया जाना चाहिए। ऐसा प्रत्येक दिन दो से तीन बार किया जाए तो पेट दर्द और किडनी के दर्द में राहत मिलती है। सौंफ की जड़ों का रस 25 मिली दिन में दो बार लेने से पेशाब से जुड़ी समस्याओं में तेजी से राहत मिलती है।
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कैंसर के इलाज में कारगर है म्यूजिक थेरेपी Music therapy is effective in the treatment of cancer

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संगीत का सीधा संबंध मन से है | ये मन पर कितना असर डालता है ये शोध का विषय है | इस बारे में लगातार शोध हो रहे है | इसी कड़ी में अमेरिका के शोधकर्ताओं ने संगीत का इस्तेमाल केंसर जेसी बीमारी के उपचार में एक साधन के तोर पर किया है | काफी हद तक इस में सफलता भी मिली है |
कैंसर के इलाज में कारगर है म्यूजिक थेरेपी Music therapy is effective in the treatment of cancer


अमेरिका से प्रकाशित केंसर जनरल के अनुसार किशोर और युवा आयु के लोगो को म्यूजिक थेरेपी दी जाये तो वे केंसर के इलाज का बहेतर सामना कर सकते है | अमेरिका में शोधकर्ताओ ने 11 से 24 साल के केंसर के मरीजो पर म्यूजिक थेरेपी का प्रयोग किया है |ये सभी स्टेम सेल्स प्रत्येपर्ण जेसी केंसर के स्टेज से गुजर रहे थे | तीन हफ्तों की म्यूजिक थेरेपी के बाद सभी ने इलाज के दोरान बेहतर महसूस किया जब की दुसरे समूह के मरीज जिन्हें म्यूजिक थेरेपी नही दी गयी इलाज के दोरान असहज लग रहे थे | ब्रिटेन के केंसर रिचर्स संस्थान के अनुसार संगीत रोगियों की थकान को दूर करने के साथ ये रोग के कुछ लक्षणों को कम करने और इलाज के दोरान होने वाले saideइफेक्ट को हल्का करने में मदद करता है

कुछ सामने आया इस शोध में

कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार म्यूजिक थैरेपी से कैंसर पीडि़तों का तनाव कम हो सकता है। यह प्रयोग 11-24 सा
ल के बीमारी से पीडि़त किशोरों व युवाओं पर किया गया। इसमें इन्हें गीत लिखकर और संगीत देकर एक म्यूजिक वीडियो बनाने के लिए कहा गया।
साथ ही इस शोध के दौरान उनका परिवार और दोस्तों से संबंध भी बेहतर हुआ और शारीरिक विकास सामान्य हुआ।
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रविवार, 4 दिसंबर 2016

सर्दियों में खाए पिंड खजूर हर बीमारी की चमत्कारी दवा -Palm eat every illness in the winter of conglomerate wonder drug -

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ठण्ड में आमतौर पर पिंडखजूर का सेवन किया जाता है ,लोग इसे दूध में डालकर भी पीते है ,इसे ठण्ड का मेवा भी कहा जाता है ,लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए की इसके दूध का सेवन खाने के साथ नही किया जाना चाहिए ,
सर्दियों में खाए पिंड खजूर हर बीमारी की चमत्कारी दवा -Palm eat every illness in the winter of conglomerate wonder drug -

क्या है इसमें -
केल्शियम ,आयरन ,विटामिन ए ,बी ,सी , से भरपूर पिंड खजूर में प्रोटीन कब्र्स और शर्करा भी पाए जाते है ,पूरी तरह से पके खजूर में 85% तक शर्करा होती है , यदि कोई 100 ग्राम खजूर का सेवन करता है तो उसे 280 केलौरी मिलती है ,
क्या लाभ मिलेगा -

  • यदि किसी को कब्ज की शिकायत है तो पिंड खजूर का गर्म पानी या दूध किसी के साथ भी सेवन करने से लाभ होगा , पुरुषो के लिए दूध बलवर्धक माना जाता है 
  • खजूर में विटामिन ए और एंटी आक्सीडेंट तत्व पाए जाते है जो की रतोंधी की बीमारी में लाभ करेगा 
  • खजूर की गुटली का सुरमा आखो में डालने से आखो के रोग दूर होते है 
  • इसको खाने से खून में हिमोग्लोबिन बड़ता है ,रोजाना खजूर खाने से केल्शियम की कमी दूर हो जाती है 
  • दातं का दर्द और उसकी सडन को खजूर दूर करता है इसमें फ्लेरिन नमक मिनरल होता है जो की दातो की समस्या को दूर करता है 
  • वजन कम करने के लिए आपको संतुलित मात्र में खजूर का सेवन करना चाहिए ,खजूर में निकोटिन होता जो शरीर की पाचन किर्या और आंतो की समस्या का इलाज करता है 
  • खजूर शरीर के अच्छे बेक्टीरिया को बड़ाता है और खराब बेक्टीरिया को मरता है 
  • इसमें कोलेस्ट्रोल और ट्रांस्फेत नही होता है इसमें सभी प्रकार के न्यूट्रयंस पाए जाते है ,साथ ही ये केलोरी को कम करने में भी मदद करता है कमजोर बच्चो को खजूर और शहद मिलकर खिलाना फायदेमंद होता है 
  • खजूर खाने से मासिक धर्म ठीक आता है और कमर दर्द में भी लाभ होता है 
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बुधवार, 19 अक्टूबर 2016

बच्चे को बिस्तर पर पेशाब करने से रोकने के लिए -To prevent the child from urinating on the bed -

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बच्चो की बेड bed पर पेशाब करना एक आम समस्या है , बच्चे कुछ बड़े होने पे बिस्तर पर पेशाब करने लग जाते है ,जिससे उनकी माता को बहुत समस्या का सामना करना पड़ता है ,खासकर जब तब हम बाहर रिश्तेदार के शादी पार्टी में जाते है और रात को रुकना पड़ता है ,इस को रोका जा सकता है मामूली घरेलू उपाय कर के ,जाने वो घरेलू उपाय कोण से है 
बच्चे को बिस्तर पर पेशाब करने से रोकने के लिए -To prevent the child from urinating on the bed -


सोते समय शुशु करने के कारण -Causes of Child Bed Wetting -
 पेट में कीड़े - Stomach Worms
 स्नायु विकृति -Muscle Strain
 पेशाब की नली में रोग - Disease in Urine Tube
ठन्डे पदार्थों का अधिक सेवन - Consumption of Cold Products
 हार्मोन में गड़बड़ी - Imbalance of Harmon
 ब्लैडर का कमजोर होना - Weak Bladder
डर / तनाव - Fear or Tension
 नींद में भी शुशु करने के सपने देखना - Dreams of Toilet
 अधिक पानी पीकर सोने के कारण -Drinking of Water Before Going to Bed

बच्चे को बेड पर पेशाब करने से रोकने के लिए ये आदत अपनानी चाहिए -
1-बच्चे को सुलाने से पहले उन्हें शुशकार पेशाब करा दें.  2--सोने से पहले बच्चे को अधिक पानी ना पिलायें.
 3--अगर आप रात को बीच में उठते हो तो बच्चे को भी धीरे से उठायें और उसे पेशाब करा दें.
 4-बच्चे को सुलाने से लगभग 1 घंटा पहले खाना खिलाएं.
 5-अगर बच्चा बिस्तर गिला कर देता है तो उसे डांटकर और अधिक ना डरायें.
 6-जिस कमरे में आपका बच्चा सोता है आप उस कमरे में हल्की रोशनी वाला बल्ब जरुर जलायें.

अपनायें ये घरेलू आयुर्वेदिक चिकित्सा -Use These Home and Aayurvedic Remedies -

  तिल के लडडू और दूध -Til ke Laddoo and Milk -
 बच्चे की बिस्तर गिला करने की आदत को रोकने के लिए आप तिल व गुड के लड्डुओं को बना लें. इन लड्डुओं को रोजाना सुबह बच्चे को दूध के साथ दें. ध्यान रहें कि दूध में आप चीनी की जगह शहद मिलाएं और बच्चे को कहें कि वो लडडू को चबा चबा कर खाएं. 40 दिन तक आप इस उपाय को नियमित रूप से अपनाएँ, नतीजा आपके सामने होगा.
  मुनक्का -Raisins -
आप 2 मुनक्का / सुखी किशमिश लें और उसके बीज को निकाल लें. अब आप इसमें 2 काली मिर्च डालकर पीस लें और रात को बाचे को सोने से पहले खिला दें. बच्चे को तुरंत आराम मिलेगा. 
 अजवायन -Parsley -
अजवायन का आयुर्वेद में एक अहम स्थान है क्योकि ये हर घरेलू नुस्खे में इस्तेमाल की जा सकती है. बच्चे की बेड में पेशाब करने की आदत को छुडवाने के लिए आप अजवायन के 1 ग्राम चूर्ण को लें और उसे बच्चे को सोने से पहले नियमित रूप से दें. आप चाहे तो बच्चे को पानी और अजवायन का काढ़ा बनाकर भी पिला सकते हो. 
  जायफल -Nutmeg -
 5 ग्राम की जायफल को पानी में घीस लें और 1 कप गुनगुने दूध में मिला लें. इस दूध को बच्चे को सुबह शाम रोजाना पिने के लिए दें. जल्द ही उसे इस रोग से आराम मिल जायेगा.
अखरोट और किशमिश- Walnut and Raisins -
अगर बच्चा रोजाना 2 अखरोट या फिर 20 किशमिश खाता है तो इससे भी बच्चा रात में बिस्तर गिला करना बंद कर देता है.
 गुलर, अर्जुन और पीपल की छाल -Sycamore, Arjun and Pipal -
: आप गुलर, अर्जुन और पीपल की 50 – 50 ग्राम छाल लें और उसमें इतनी ही मात्रा में सौंठ और राई मिला लें. इसके बाद आप इसमें 100 ग्राम काले तिल और मिला लें और उन्हें अच्छी तरह पीस लें. प्राप्त चूर्ण में आप 50 ग्राम शिलाजीत मिलाएं और इसकी गोलियाँ बना लें. इन गोलियों को आप बच्चे को दवाई के रूप में रोजाना खिलाएं. इससे ना सिर्फ बच्चे को बिस्तर में पेशाब करने की आदत से छुटकारा मिलता है बल्कि बच्चे का शरीर और दिमाग दोनों ही हष्ट पुष्ट और स्वस्थ हो जाते है.


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