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मुंबई का बहुचर्चित ग्रांट रोड स्काई वॉक मुंबई में गुरुवार को आम जनता के लिए शुरू कर दिया गया। इस सुविधा के साथ ही मुंबई महानगर पालिका ने शहर को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है-
यह मुंबई का सबसे महंगा स्काई वॉक है। स्काई वॉक मुंबई के नाना चौक जंक्शन पर 16 केबल के जरिए बनाया गया है। यह स्काई वॉक अंडाकार है। 585 मीटर लंबे इस स्काई वॉक को शुरू करने के पहले इसकी अनुमानित लागत 50.4 करोड़ थी, लेकिन इसे मात्र 43.12 करोड़ रुपए में बना लिया गया। गौरतलब है कि नाना जंक्शन भीड़-भाड़ वाला इलाका है। यहां पैदल चलने वाले लोगों की संख्या अधिक है। इस वजह से सड़क पर अक्सर जाम लग जाता है। दिसंबर 2008 में इस स्काई वॉक का काम शुरू हुआ था, जो हाल ही में खत्म हुआ है। एमएसआरडीसी के चीफ इंजीनियर का कहना है कि रात में स्काई वॉक खूबसूरत दिख सके, इसके लिए इसमें एलईडी लाइट लगाए गए हैं।स्काई वॉक की खासियत....
मुंबई स्काई वॉक केबल सस्पेंशन ब्रिज की तकनीक से बना है। कोलकाता के विवेकानंद ब्रिज और बांद्रा-वर्ली सी-लिंक की तर्ज पर इसे तैयार किया गया है। पूरे देश में अपनी किस्म का यह पहला स्काई-वॉक ब्रिज है। इस पर आने-जाने के लिए नौ प्रवेश द्वार हैं। इस आलीशान स्काई-वॉक को रात में चमकाने के लिए आकर्षक व रंगीन लाइट से सजाया गया है। इस स्काई वॉक को 16 तारों के सहारे बनाया गया हैस्काई वॉक के चारों ओर एलईडी लाइट्स लगाई गई है-
स्काई वॉक मोटर चालित ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसे चलती हुई सड़क कहा जा सकता है। इसमें एस्क्लेटर जैसी सीढ़ियां नहीं होती हैं, बल्कि यह सपाट होता है। इस पर एक सिरे पर खड़े हो जाने पर यह दूसरे सिरे पर पहुंचा देता है। 'स्काई वॉक फुट ओवर ब्रिज का बड़ा रूप है, जो एलीवेटेड रोड की तरह होता है। इस मार्ग का इस्तेमाल पैदल चलने वाले लोगों द्वारा किया जाता है। लंबी दूरी तय करने और जगह-जगह सड़क पार करने में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए इसका निर्माण किया गया है। इसमें कई जगह उतरने और चढ़ने की सुविधा होती है।
ऊपर से कुछ इस तरह दिखाई देता है -
इन पांच रास्तों से जुड़ा हुआ है स्काई वॉक -तारदेव, केंप कॉर्नर, लेम्गिंटन रोड, गिरगांव चौपाटी और ओपेरा हाउस। निर्माण में छह साल की देरी भी हुई है-
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