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गुस्सा आना,चिंता-मुक्ति ,चिडचिडापन,(Asperity)गहरे तनाव(Strain) के उपाय और योगासन-gussa aana-chinta-mukti-chidchidapan-ghre-tanav ke upay aur yogasan-Anger, worry-discharge, irritation, deep stress measures and yoga
आजकल के जीवन में तनाव एक बहुत बड़ी समस्य हो गयी है -तकरीबन हर दूसरा व्यक्ति तनाव से पीड़ित
है -इससे आदमी अवसाद में चला जाता है और आत्महत्या जेसा कदम भी उठा लेता है -इसलिए हम आपके लिए तनाव के कुछ कारण और उस का उपचार और योगासन बता रहे है जिस से आप तनाव मुक्त हो जाये -
असामान्य रूप से घबराहट या बेचैनी महसूस करना तथा किसी प्रकार का भय प्रतीत होना |
किसी तरह की घटना घटित हो जाने पर उससे सम्बंधित विचारों का बार बार याद आना |
रात में सोते समय बुरे सपने देख लेने की वजह से जाग जाना|
अनिद्रा से परेशान रहना
दिल की धड़कन का बार बार बढ़ जाना|
असामान्य रूप से हाथ पेरो में पसीना आना
चावल, मछली, फलियाँ, और अनाज में विटामिन 'बी' होता है, जो दिमागी बीमारियों और अवसाद को दूर रखने में सहायक है। हरी पत्ते वाली सब्जियों, गेहूँ, सोयाबीन, मूँगफली, आम और केले में मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है, जो हमारे शरीर को तनाव से लड़ने में सहायता देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार तनाव की स्थिति में थोड़ा-थोड़ा करके कई बार खाना तनाव को दूर भगाने में सहायक हो सकता है। इससे उन लोगों को भी सहायता मिल सकती है, जो तनाव की स्थिति में अतिरिक्त खाने के आदी हैं। थोड़ा-थोड़ा खाने से शरीर को शक्ति मिलती रहती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार चिंता, भय और तनाव से मुक्त होने का सबसे असरदार, आसान और बेहतरीन तरीका योग है। इससे शरीर स्वस्थ होता है, बल्कि तनाव सम्बंधित हॉर्मोन्स भी नियंत्रित रहते है। उनके अनुसार, योग आहार सम्बन्धी समस्या जैसे मधुमेह, उच्चरक्तचाप, कोलेस्ट्रोल और मोटापा आदि को दूर करने में बहुत प्रभावी भूमिका निभाता है| आइये जानते है Yoga for Anxiety in Hindi –
अनुलोम विलोम प्राणायाम
इस आसान को करने से ऑक्सिजन की पर्याप्त मात्रा मस्तिष्क में पहुँचती है। जिससे मन शांत और तनाव दूर होता है। इस प्राणायाम को करने से साइनासाइटिस का कष्ट तथा मानसिक तनाव का स्तर कम होता है|
विधि
आजकल के जीवन में तनाव एक बहुत बड़ी समस्य हो गयी है -तकरीबन हर दूसरा व्यक्ति तनाव से पीड़ित
है -इससे आदमी अवसाद में चला जाता है और आत्महत्या जेसा कदम भी उठा लेता है -इसलिए हम आपके लिए तनाव के कुछ कारण और उस का उपचार और योगासन बता रहे है जिस से आप तनाव मुक्त हो जाये -
Symptoms of Anxiety: जानिए इसके लक्षण
असामान्य रूप से घबराहट या बेचैनी महसूस करना तथा किसी प्रकार का भय प्रतीत होना |
किसी तरह की घटना घटित हो जाने पर उससे सम्बंधित विचारों का बार बार याद आना |
रात में सोते समय बुरे सपने देख लेने की वजह से जाग जाना|
अनिद्रा से परेशान रहना
दिल की धड़कन का बार बार बढ़ जाना|
असामान्य रूप से हाथ पेरो में पसीना आना
तनावरोधी भोजन -
कुछ भोजन ऐसे हैं, जो हमारे शरीर को तनाव से लड़ने की शक्ति देते हैं। संतरे, दूध व सूखे मेवे में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है, जो हमारे दिमाग को शक्ति प्रदान करती है। आलू में विटामिन 'बी' समूह के विटामिन काफी मात्रा में होते हैं, जो हमें चिंता और खराब मूड का मुकाबला करने में सहायता देते हैं।चावल, मछली, फलियाँ, और अनाज में विटामिन 'बी' होता है, जो दिमागी बीमारियों और अवसाद को दूर रखने में सहायक है। हरी पत्ते वाली सब्जियों, गेहूँ, सोयाबीन, मूँगफली, आम और केले में मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है, जो हमारे शरीर को तनाव से लड़ने में सहायता देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार तनाव की स्थिति में थोड़ा-थोड़ा करके कई बार खाना तनाव को दूर भगाने में सहायक हो सकता है। इससे उन लोगों को भी सहायता मिल सकती है, जो तनाव की स्थिति में अतिरिक्त खाने के आदी हैं। थोड़ा-थोड़ा खाने से शरीर को शक्ति मिलती रहती है।
Pranayama for Anxiety in Hindi: जानिए योगासन विधि और उनके लाभ
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार चिंता, भय और तनाव से मुक्त होने का सबसे असरदार, आसान और बेहतरीन तरीका योग है। इससे शरीर स्वस्थ होता है, बल्कि तनाव सम्बंधित हॉर्मोन्स भी नियंत्रित रहते है। उनके अनुसार, योग आहार सम्बन्धी समस्या जैसे मधुमेह, उच्चरक्तचाप, कोलेस्ट्रोल और मोटापा आदि को दूर करने में बहुत प्रभावी भूमिका निभाता है| आइये जानते है Yoga for Anxiety in Hindi –
अनुलोम विलोम प्राणायाम
इस आसान को करने से ऑक्सिजन की पर्याप्त मात्रा मस्तिष्क में पहुँचती है। जिससे मन शांत और तनाव दूर होता है। इस प्राणायाम को करने से साइनासाइटिस का कष्ट तथा मानसिक तनाव का स्तर कम होता है|
विधि
सबसे पहले सुखासन या पद्मासन की अवस्था में बैठ जाये ओर आँखों को बंद कर लें |
अब पाने दायें हाथ अंगूठे से दायी हाथ की नाक छिद्र को बंद करें फिर साँस को बायें छिद्र से अंदर लें |
अब बायें छिद्र को अंगूठे के पास वाली दो उंगलियो से बंद कर लें और दायें छिद्र से अंगूठा हटाकर साँस को छोड़े |
अब इस प्रक्रिया को बायें छिद्र के साथ दोहराये|
यह प्रक्रिया कम से कम 10 बार दोनों छिद्रो से प्रतिदिन 7-10 बार करें|
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कपाल भाती प्राणायाम
यह आसान करने से शरीर दुरुस्त, मन प्रसन्न और स्मरण शक्ति में बढ़ोतरी होती है। इसके नियमित अभ्यास से आँखों के रोगो से मुक्ति मिलती है और आँखों की रौशनी बढ़ती है। यह शरीर को चर्बी, कब्ज आदि समास्यो से भी राहत दिलाता है| यह आसन खड़े होकर या बैठकर भी किया जा सकता है। इस आसन में साँस लेने और छोड़ने की गति जितनी तेज होती है यह उतना ही लाभप्रद होता है|
विधि
सुखासन, पद्मासन या सिद्धासन की अवस्था में बैठ जाएं और साँस को बाहर छोडने की क्रिया प्रारम्भ करें|
साँस को अंदर खींचते समय पेट को अंदर की ओर धक्का देना है|
यह प्रक्रिया करते समय ध्यान रहे की आपको साँस लेना नही है, क्योंकि इस क्रिया में साँस अपने आप ही अंदर चली जाती है|
ऐसा करने के बाद साँस को सामान्य कर लें अर्थात गहरी साँस ले और साँस बाहर निकालकर शरीर को ढीला छोड़ दें|
यह प्रक्रिया 3 से 5 बार दोहराये|
