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जाने कयामत,प्रलय का दिन कब आएगा -jane kyamt-prly ka din kab aayega-The doom, doomsday will come when-दुनिया का अंत कब होगा केसे होगा ये सब जानना चाहते है
कयामत के दिन का जिक्र दुनिया के लगभग हर धर्म में है ,और जब तक दुनिया रहेगी तब तक इसके बारे में
अंदाज लगया जायेगा .आपकी जानकारी के लिए हम कुछ जानकारी बता रहे है जो धर्म ग्रंथो में लिखी है -
इस्लाम-
इस्लाम में भी कयामत के दिन का जिक्र है। पवित्र कुरआन में लिखा है कि कयामत का दिन कौन सा होगा इसकी जानकारी केवल अल्लाह को है। इसमें भी जल प्रलय का ही उल्लेख है। नूह को अल्लाह का आदेश मिलता है कि जल प्रलय होने वाला है, एक नौका तैयार कर सभी जाती के दो-दो नर-मादाओं को लेकर बैठ जाओ।इंदौर के मुफ्ती जुनैद साहब का कहना है कि इस्लाम लोगों को अंधा नहीं बनाता। यह कोई नहीं जानता कि कयामत कब आएगी, कैसी होगी कयामत, कौन से हालात में आएगी और क्यों आएगी। मुफ्ती साहब ने कहा कि जब तक एकेश्वर को मानने वाले लोग इस धरती पर हैं तब-तक तो कयामत नहीं आ सकती। हदीस में जिक्र आता है कि जब कयामत आएगी तो सूर्य पूर्व की बजाय पश्चिम से निकलेगा और आधा निकलने के बाद वह पुन: पूर्व से निकलेगा। यही बात अमेरिकी साइंस मैग्जीन डी-गलैक्सी में कही गई है। इस्लाम ने लोगों को गुमराह करने का काम कभी नहीं किया। इस्लाम में साफ-सुथरी बातें हैं। लोगों को इस तरह गुमराह कर दहशत फैलाना इंसानियत के खिलाफ है जैसा कि हैराल्ड कैपिंग ने ये कह कर तहलका मचा दिया कि २१ मई को कयामत आयेगी .
पुराण-
हिंदू धर्म के लगभग सभी पुराणों में काल को चार युगों में बाँटा गया है। हिंदू मान्ताओं के अनुसार जब चार युग पूरे होते हैं तो प्रलय होती है। इस समय ब्रह्मा सो जाते हैं और जब जागते हैं तो संसार का पुन: निर्माण करते हैं और युग का आरम्भ होता है।महाभारत-
महाभारत में कलियुग के अंत में प्रलय होने का जिक्र है, लेकिन यह किसी जल प्रलय से नहीं बल्कि धरती पर लगातार बढ़ रही गर्मी से होगा। महाभारत के वनपर्व में उल्लेख मिलता है कि सूर्य का तेज इतना बढ़ जाएगा कि सातों समुद्र और नदियां सूख जाएंगी। संवर्तक नाम की अग्रि धरती को पाताल तक भस्म कर देगी। वर्षा पूरी तरह बंद हो जाएगी। सबकुछ जल जाएगा, इसके बाद फिर बारह वर्षों तक लगातार बारिश होगी। जिससे सारी धरती जलमग्र हो जाएगी।बाइबिल-
इस ग्रंथ में भी प्रलय का उल्लेख है जब ईश्वर, नोहा से कहते हैं कि महाप्रलय आने वाला है। तुम एक बड़ी नौका तैयार करो, इसमें अपने परिवार, सभी जाति के दो-दो जीवों को लेकर बैठ जाओ, सारी धरती जलमग्र होने वाली है।नास्त्रेस्देमस की भविष्यवाणी-
नास्त्रेस्देमस ने प्रलय के बारे में बहुत स्पष्ट लिखा है कि मै देख रहा हूँ,कि एक आग का गला पृथ्वी कि ओर बाद रहा है,जो धरती से मानव के काल का कारण बनेगा। एक अन्य जगह नास्त्रेस्देमस लिखते हैं, कि एक आग का गोला समुन्द्र में गिरेगा और पुरानी सभ्यता के समस्त देश तबाह हो जाएंगे।प्रलय को लेकर वैज्ञानिकों के बयान-
केवल धर्म ग्रंथों में ही नहीं, बल्कि कई देशों में वैज्ञानिकों ने भी प्रलय की अवधारणा को सही माना है। कुछ महीनों पहले अमेरिका के कुछ वैज्ञानिकों ने घोषणा कि है कि 13 अप्रैल 2036 को पृथ्वी पर प्रलय हो सकता है। खगोलविदों के अनुसार अंतरिक्ष में घूमने वाला एक ग्रह एपोफिस 37014.91 किमी/ प्रति घंटा) की रफ्तार से पृथ्वी से टकरा सकता है। इस प्रलयंकारी भिडंत में हजारों लोगों की जान भी जा सकती है। हालांकि नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि इसे लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है।आखिर कब होगा दुनिया का अंत : विज्ञान का मत है कि सूर्य के अंत के साथ सब कुछ अंत हो जाएगा। करीब साढ़े चार से पांच अरब साल पहले जब हमारा सौर मंडल बना, तभी पृथ्वी का जन्म हुआ था। इस सौर मंडल में बृहस्पति के 63 उपग्रह हैं, शनि के 56 उपग्रह हैं, युरेनस के 27, नैप्च्यून के 13, मंगल के 2 , पृथ्वी का 1 और शुक्र व बुध के कोई उपग्रह नहीं है।
जब तक सूर्य है तब तक ये सारे ग्रह-उपग्रह उसके चारों ओर घूमते रहेंगे। सूर्य के गर्भ में जो नाभिकीय विखंडन चल रहा हैं उसी से सारे ग्रह नक्षत्र ऊर्जा पाते हैं। जब तक यह नाभिकीय ईंधन है तब तक सूर्य जलता रहेगा। जब यह समाप्त हो जाएगा तो सूर्य का विस्तार होगा और वह रैड जायन्टया लाल दानव बन जाएगा। इतना विशालकाय कि वह पृथ्वी की कक्षा को घेर लेगा और ग्रह मंडल में भारी हलचल मचेगी तब पृथ्वी का अंत हो जाएगा। लेकिन सूर्य अभी पांच अरब साल तक और जलता रहेगा।
