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मिस्र के पिरामिड एक ऐसी ही पहेली हैं. पिरामिडों पर बरसों से रिसर्च चल रही है लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया. अब तो वैज्ञानिक भी मानते हैं कि ये सारे पिरामिड परग्रहियों की मदद के बिना बनना संभव नहीं है. क्या वाकई पिरामिड परग्रहियों ने बनवाए, ये पिरामिड इतनी बेजोड़ इंजीनियरिंग से बनाये गये है की ये विस्वास ही नही होता की इन विशाल इमारतो को आज से 5000 हजार साल पहले बिना किसी उपकरण और सहायता से उन गवार आदिवासी लोगो ने बनाया है आईये गोर करते है कुछ बातो पर
तीनो पिरामिडो का एंगल -
ऊपर तो तस्वीर दी गयी है उसमे साफ नजर आ रहा है की इनको एक विशेष एंगल में बनाया गया है, और ये एंगल अन्तरिक्ष से भी दिखाई देता है ,हो सकता है की जिन एलियन परग्रही ने इसका निर्माण किया है , वो अन्तरिक्ष में मोजूद अपने साथियों को धरती पर अपनी स्थिति बताना चाहते हो की हम कहा है ,
एक तारामंडल की तरह आकर -
और उसी तस्वीर में और इस तारामंडल की तस्वीर में आप तीन तारो को देख रहे है, वो उन तीन पिरामिडो की तरह से लगते है उनकी जगह भी वो ही दो पिरामिड एक सीध में और एक थोडा सा साइड में ठीक इन तिन तारो की तरह ,,शायद ये नक्शा हो उन एलियनो का जिन्होंने इन पिरामिडो को बनाया और वो इसी तारामंडल में से आये हो
क्या एलियन ही मिस्र वासियों के देवता थे -
जेसा की ऊपर दिए गये चित्र में नजर आरहा ही की वो लोग जिस देवता की पूजा कर रहे है वो एलियन उड़न तस्तरी या अन्तरिक्ष यान है जो आग की लपते निकल रहा है और तेज चमक रहा है ,
उनके यान के चित्र -
चित्र को ध्यान से देखने पर हमे एक हेलीकॉप्टर एक लड़ाकू विमान और वायुयान और मिसायल नज़र आरही है ,,जाहिर सी बात है की 5000 साल पहले ये चीजे मिस्र वासियों ने देखी होगी ,इसलिए उन्होंने ये भित्ति चित्र बनाया होगा ,एसे चित्र कल्पना से तो नही बनाया जा सकता
और भी बहुत बाते है जो इस और इशारा करती है की इन विशाल आक्रतियो का निर्माण एक बहुत ही उन्नत सभ्यता ने किया है ,उन परग्रही यात्रियों में इन का इस्तेमाल अपने बेस की तरह किया होगा और फिर वो चले गये तब बहुत बाद में मिस्र के राजाओ ने इन पिरामिडो को अपमे पूर्वजो को दफ़नाने में किया होगा -सत्य कुछ भी हो सकता है बस जरूरत है अपने दिमाग को खुला रखकर देखने की --
तीनो पिरामिडो का एंगल -
ऊपर तो तस्वीर दी गयी है उसमे साफ नजर आ रहा है की इनको एक विशेष एंगल में बनाया गया है, और ये एंगल अन्तरिक्ष से भी दिखाई देता है ,हो सकता है की जिन एलियन परग्रही ने इसका निर्माण किया है , वो अन्तरिक्ष में मोजूद अपने साथियों को धरती पर अपनी स्थिति बताना चाहते हो की हम कहा है ,
एक तारामंडल की तरह आकर -
और उसी तस्वीर में और इस तारामंडल की तस्वीर में आप तीन तारो को देख रहे है, वो उन तीन पिरामिडो की तरह से लगते है उनकी जगह भी वो ही दो पिरामिड एक सीध में और एक थोडा सा साइड में ठीक इन तिन तारो की तरह ,,शायद ये नक्शा हो उन एलियनो का जिन्होंने इन पिरामिडो को बनाया और वो इसी तारामंडल में से आये हो
क्या एलियन ही मिस्र वासियों के देवता थे -
जेसा की ऊपर दिए गये चित्र में नजर आरहा ही की वो लोग जिस देवता की पूजा कर रहे है वो एलियन उड़न तस्तरी या अन्तरिक्ष यान है जो आग की लपते निकल रहा है और तेज चमक रहा है ,
उनके यान के चित्र -
चित्र को ध्यान से देखने पर हमे एक हेलीकॉप्टर एक लड़ाकू विमान और वायुयान और मिसायल नज़र आरही है ,,जाहिर सी बात है की 5000 साल पहले ये चीजे मिस्र वासियों ने देखी होगी ,इसलिए उन्होंने ये भित्ति चित्र बनाया होगा ,एसे चित्र कल्पना से तो नही बनाया जा सकता
और भी बहुत बाते है जो इस और इशारा करती है की इन विशाल आक्रतियो का निर्माण एक बहुत ही उन्नत सभ्यता ने किया है ,उन परग्रही यात्रियों में इन का इस्तेमाल अपने बेस की तरह किया होगा और फिर वो चले गये तब बहुत बाद में मिस्र के राजाओ ने इन पिरामिडो को अपमे पूर्वजो को दफ़नाने में किया होगा -सत्य कुछ भी हो सकता है बस जरूरत है अपने दिमाग को खुला रखकर देखने की --



