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हस्तरेखाओं से आप भूत, भविष्य और बर्तमान, सबकुछ देख सकते हैं आपके हाथ में छुपे किस्मत के इशारे भी असानी से देखे जा सकते हैं। हाथ के रेखाओं से प्यार, पैसा, किस्मत और पैसों से जुड़े हर मामलों के बारे में पता चल जाता है। आपके दैनिक जीवन से जुड़ी बातें भी हाथ की रेखाओं से पता चल जाती है। हर तरह की घटना-दुर्घटनाएं जो भूतकाल में आपके साथ हुई हैं या जो आपके साथ होनी है। हाथ की रेखाओं से ये भी पता चल जाता है कि आपकी किस्मत कब बदलेगी। हाथ की बनावट और रेखाएं आपका व्यक्तित्व और चरित्र भी बताती हैं।
जानिए हाथ की रेखाओ को -
- अगर किसी की हथेली मोटी या भारी हो तो वो जातक लालची होता है, तथा सामान्य स्तर का जीवन यापन करता है।
- संकड़ी हथेली हो तो ऐसे लोग कमजोर प्रकृति वाले, अपने स्वार्थ को सर्वाधिक महत्व देते हैं ।
- पतली तथा कमजोर हथेली वाला जातक गरीबी का जीवन जीता है।
- लंबी हथेली वाले स्पष्टवादी व्यक्ति होते हैं और हर बात मुंह पर बोलने वाले होते हैं।
-लंबी किंतु गोल हथेली वाले अवसरवादी व हंसमुख होते हैं तथा ऐसे लोगों का आर्थिक पक्ष अच्छा होता है।
- समचौरस हथेली यानी- हथेली की लंबाई और चौड़ाई बराबर हो तो वे व्यक्ति स्वस्थ, शांत और दृढ़ निश्चयी होते हैं। पुरुषार्थी अपने प्रयत्न से उन्नति करने वाले, किसी भी कार्य को पूरा किये बिना नहीं छोड़ते हैं।
अंगूठा
-अंगूठा जितना लंबा होगा, व्यक्ति उतना ही व अपने आप पर कंट्रोल करने वाला होता है तथा अंगूठा जितना छोटा होगा, व्यक्ति उतना ही शैतानी स्वभाव का होता है या स्वभाव से जिद्दी और आर्थिक स्थिति कमजोर होगी।
-अंगूठा जितना मोटा होगा वह व्यक्ति उतना ही गरीबी हालत में होगा।
- अंगूठा सीधा रहता हुआ दिखलाई दे और अंगूठे की नाखून वाली सबसे ऊपर का पोर पीछे की तरफ झुकी हुई हो तो ऐसे जातक की धन दौलत रिश्तेदारों के या सगे संबंधियों के काम आती है। ऐसा जातक स्वभाव से नम्र होता है।
- सख्त हाथ वाला जातक -राज्य करने वाला तथा अपनी छबी छोडऩे वाला होता है और ऐसे जातक का जीवन रूखा और कठोर सा होता है। ऐसे जातक अपने आप को ज्यादा महत्व देते हैं। बाधाओं के आने पर भी निराश नहीं होते, बाधाओं में भी कार्य करते रहते हैं।
जीवन रेखा के अतिरिक्त यदि कोई अन्य रेखा अपने आखिरी सिरे पर पहुंच कर दो भागों में बंटी हो तो वह अत्यंत प्रभावीतथा श्रेष्ठ फल देने वाली होती है। परंतु यदि हृदय रेखा दो भागों में बंटी हो तो व्यक्ति को हृदय रोग की संभावना रहती है।
-यदि प्रणय रेखा से कोई रेखा निकल कर ऊपर की ओर जाए तो प्रेम में सफलता और सुंदर पति अथवा पत्नी की प्राप्ति होती है। परंतु यदि नीचे की ओर रुख करे तो प्रेम में असफलता मिलती तथा पति अथवा पत्नी को अस्वस्थता का सामना करना पड़ता है।
-व्यवसाय एवं नौकरी के निर्धारण के लिए शनि, सूर्य, बुध एवं गुरु पर्वतों की स्थिति का विश्लेषण किया जाता है। बुध रेखा को व्यवसाय तथा उद्योग रेखा भी कहते हैं, जिन लोगों के हाथ में यह रेखा होती है वे यदि उद्योग या व्यवसाय से संबंधित नहीं होते, तो भी उनकी मित्रता व्यवसायियों उद्योगियों से अवश्य रहती है।
प्रशासनिक अधिकारियों का गुरु पर्वत पुष्ट एवं उभरा हुआ होता है। मंगल पर्वत पर रेखाओं का होना दौड़धूप का परिचायक होता है। जिन लोगों के मंगल पर्वत पर रेखाएं होती हैं, वे पुलिस विभाग में कार्य करते हैं या उससे संबद्ध रहते हैं।
जानिए हाथ की रेखाओ को -
- अगर किसी की हथेली मोटी या भारी हो तो वो जातक लालची होता है, तथा सामान्य स्तर का जीवन यापन करता है।
- संकड़ी हथेली हो तो ऐसे लोग कमजोर प्रकृति वाले, अपने स्वार्थ को सर्वाधिक महत्व देते हैं ।
- पतली तथा कमजोर हथेली वाला जातक गरीबी का जीवन जीता है।
- लंबी हथेली वाले स्पष्टवादी व्यक्ति होते हैं और हर बात मुंह पर बोलने वाले होते हैं।
-लंबी किंतु गोल हथेली वाले अवसरवादी व हंसमुख होते हैं तथा ऐसे लोगों का आर्थिक पक्ष अच्छा होता है।
- समचौरस हथेली यानी- हथेली की लंबाई और चौड़ाई बराबर हो तो वे व्यक्ति स्वस्थ, शांत और दृढ़ निश्चयी होते हैं। पुरुषार्थी अपने प्रयत्न से उन्नति करने वाले, किसी भी कार्य को पूरा किये बिना नहीं छोड़ते हैं।
अंगूठा
-अंगूठा जितना लंबा होगा, व्यक्ति उतना ही व अपने आप पर कंट्रोल करने वाला होता है तथा अंगूठा जितना छोटा होगा, व्यक्ति उतना ही शैतानी स्वभाव का होता है या स्वभाव से जिद्दी और आर्थिक स्थिति कमजोर होगी।
-अंगूठा जितना मोटा होगा वह व्यक्ति उतना ही गरीबी हालत में होगा।
- अंगूठा सीधा रहता हुआ दिखलाई दे और अंगूठे की नाखून वाली सबसे ऊपर का पोर पीछे की तरफ झुकी हुई हो तो ऐसे जातक की धन दौलत रिश्तेदारों के या सगे संबंधियों के काम आती है। ऐसा जातक स्वभाव से नम्र होता है।
- सख्त हाथ वाला जातक -राज्य करने वाला तथा अपनी छबी छोडऩे वाला होता है और ऐसे जातक का जीवन रूखा और कठोर सा होता है। ऐसे जातक अपने आप को ज्यादा महत्व देते हैं। बाधाओं के आने पर भी निराश नहीं होते, बाधाओं में भी कार्य करते रहते हैं।
जीवन रेखा के अतिरिक्त यदि कोई अन्य रेखा अपने आखिरी सिरे पर पहुंच कर दो भागों में बंटी हो तो वह अत्यंत प्रभावीतथा श्रेष्ठ फल देने वाली होती है। परंतु यदि हृदय रेखा दो भागों में बंटी हो तो व्यक्ति को हृदय रोग की संभावना रहती है।
-यदि प्रणय रेखा से कोई रेखा निकल कर ऊपर की ओर जाए तो प्रेम में सफलता और सुंदर पति अथवा पत्नी की प्राप्ति होती है। परंतु यदि नीचे की ओर रुख करे तो प्रेम में असफलता मिलती तथा पति अथवा पत्नी को अस्वस्थता का सामना करना पड़ता है।
-व्यवसाय एवं नौकरी के निर्धारण के लिए शनि, सूर्य, बुध एवं गुरु पर्वतों की स्थिति का विश्लेषण किया जाता है। बुध रेखा को व्यवसाय तथा उद्योग रेखा भी कहते हैं, जिन लोगों के हाथ में यह रेखा होती है वे यदि उद्योग या व्यवसाय से संबंधित नहीं होते, तो भी उनकी मित्रता व्यवसायियों उद्योगियों से अवश्य रहती है।
प्रशासनिक अधिकारियों का गुरु पर्वत पुष्ट एवं उभरा हुआ होता है। मंगल पर्वत पर रेखाओं का होना दौड़धूप का परिचायक होता है। जिन लोगों के मंगल पर्वत पर रेखाएं होती हैं, वे पुलिस विभाग में कार्य करते हैं या उससे संबद्ध रहते हैं।
