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लड़की या स्त्री के शरीर में बहुत रहस्य छिपे होते है और स्त्री के शरीर को देखकर उस स्त्री के बारे में बहुत कुछ जाना जा सकता है आपको बता रहे है लड़की स्त्री के अंगों को देखकर जाने अच्छी है या बुरी -Girl looking at her limbs go good or bad
तिल
तिल बायां अंगमें हो तो शुभ होता है और भौहों के मध्य हो तो राज्य प्रदान करने वाला होता है ,अगर गाल पर हो तो मिठाइयां और स्वादिष्ट भोजन प्राप्त होते हैं ,जिस स्त्री के नाक पर तिल हो तो वो स्त्री राजपत्नी होती है , कान या गले पर तिल हो तो उस स्त्री की प्रथम संतान पुत्र होता है
तलुआ
जिस स्त्री का पैर का तलुआ चिकना , मुलायम, सम हों-स्त्री सुख भोगने वाली होती है , अगर स्त्री का तलुआ कटे-फटे हुए हो तो वो स्त्री दुख देने वाली होती है ,जिस स्त्री का तलुआ शंख, स्वस्तिक, चक्र, कमल, ध्वज, मत्स्य या छाते के चिह्न के समान हो तो स्त्री रानी और सुख भोगने वाली होती है। और जिस स्त्री का तलुआ सांप, चूहा व कौआ का चिह्न के समान हो तो स्त्री दुख भोगने वाली और धनहीन होती है।
नाख़ून
जिस स्त्री के नाख़ून लाल और चिकने हो तो उस स्त्री को सुख मिलता है।और अगर स्त्री के नाख़ून कटे-फटे हो तो उस स्त्री को दुख मिलता है।
अगर स्त्री का अंगूठा उन्नत, पुष्ट और गोल हो तो स्त्री बहुत सुखदायक होती है,और जिस स्त्री का अंगूठा टेढ़ा या छोटा और चिपटा हो तो स्त्री दुख देने वाली होती है
पैर की अंगुली
अगर स्त्री के पैर की अंगुली कोमल, गोल हो तो स्त्री सुख देने वाली होती है और लंबी तथा पतली हो तो स्त्री अशुभ मानी गई है। अगर स्त्री के चलने से पीछे से मार्ग में धूल उड़े तो वह स्त्री कुलों को कलंकित करने वाली होती है। और यदि किसी स्त्री की कनिष्ठा अंगुली भूमि का स्पर्श न करें तो वह एक पति को त्याग कर दूसरा विवाह करती है।
पैर
अगर स्त्री के पैर का ऊपर वाला भाग ऊंचा, पसीनारहित, पुष्ट चिकना और कोमल हो तो वह रानी होती है। अगर विपरीत हो तो दरिद्रता आती है।और लड़की के रोम सहित पैर का ऊपर का भाग मांसहीन हो तो उसे अशुभ माना गया है और पैर का पिछला भाग यानी एड़ी समान हो तो शुभ माना गया है।
कमर
लड़की की कमर चौबीस अंगुल हो और लड़की का नितंब ऊचा हो तो लड़की सौभाग्यदायक मानी गयी है।अगर कमर टेढ़ी, चपटी, लंबी व मांसरहित हो, छोटी हो और रोमयुक्त हो तो लड़की अशुभ मानी गयी है और वैधव्य देने वाला होती है।
नाभि
अगर लड़की या स्त्री की नाभि गहरी, दाहिनी तरफ घूमी हुई हो तो सब सुख देने वाली मानी गई है।और अगर लड़की या स्त्री की नाभि ऊपर को उठी हुई ग्रंथि तथा वामावर्त वाली नाभि अशुभ फल देने वाली होती है।
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अगर स्त्री का अंगूठा उन्नत, पुष्ट और गोल हो तो स्त्री बहुत सुखदायक होती है,और जिस स्त्री का अंगूठा टेढ़ा या छोटा और चिपटा हो तो स्त्री दुख देने वाली होती है
पैर की अंगुली
अगर स्त्री के पैर की अंगुली कोमल, गोल हो तो स्त्री सुख देने वाली होती है और लंबी तथा पतली हो तो स्त्री अशुभ मानी गई है। अगर स्त्री के चलने से पीछे से मार्ग में धूल उड़े तो वह स्त्री कुलों को कलंकित करने वाली होती है। और यदि किसी स्त्री की कनिष्ठा अंगुली भूमि का स्पर्श न करें तो वह एक पति को त्याग कर दूसरा विवाह करती है।
पैर
अगर स्त्री के पैर का ऊपर वाला भाग ऊंचा, पसीनारहित, पुष्ट चिकना और कोमल हो तो वह रानी होती है। अगर विपरीत हो तो दरिद्रता आती है।और लड़की के रोम सहित पैर का ऊपर का भाग मांसहीन हो तो उसे अशुभ माना गया है और पैर का पिछला भाग यानी एड़ी समान हो तो शुभ माना गया है।
कमर
लड़की की कमर चौबीस अंगुल हो और लड़की का नितंब ऊचा हो तो लड़की सौभाग्यदायक मानी गयी है।अगर कमर टेढ़ी, चपटी, लंबी व मांसरहित हो, छोटी हो और रोमयुक्त हो तो लड़की अशुभ मानी गयी है और वैधव्य देने वाला होती है।
नाभि
अगर लड़की या स्त्री की नाभि गहरी, दाहिनी तरफ घूमी हुई हो तो सब सुख देने वाली मानी गई है।और अगर लड़की या स्त्री की नाभि ऊपर को उठी हुई ग्रंथि तथा वामावर्त वाली नाभि अशुभ फल देने वाली होती है।
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