loading...
अनाकोंडा जो दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे लंबा सांप है ,अनाकोंडा वजन में भी दुनिया का सबसे भरी सांप है ,ये सांप अमेजोन की नदियों में पाया जाता है , इस सांप के बारे में अब हर कोई जनता है ,क्यों की इस के ऊपर कई फिल्मे भी बन चुकी है ,हॉलीवुड फिल्म अनाकोंडा बहुत ही प्रसिद्ध फिल्म है तो आईये जानते है अनाकोंडा के बारे में
अनाकोंडा लम्बाई और वजन
अनाकोंडा की औसत लंबाई 20 फुट होती है। पर बहुत से खोजी यात्रियों ने 150 फुट लंबे अनाकोंडा के होने की बातें कही हैं। उनके दावों में कितनी सचाई है, इसका पता लगाने के लिए अमरीका के राष्ट्रीय चिड़ियाघर ने कई साल पहले 30 फुट से ज्यादा लंबा अनाकोंडा लाने वाले को 5000 डालर का पुरस्कार घोषित किया था। इस पुरस्कार को आज तक किसी ने नहीं पाया है। इससे यह सिद्ध होता है कि इस सांप की लंबाई 20-25 फुट से अधिक नहीं होती और 100-150 फुट लंबे अनाकोंडा केवल खोजी यात्रियों के खयालों में होते हैं। इस दृष्टि से अनाकोंडा विश्व का सबसे लंबा सांप भी नहीं ठहरता क्योंकि भारतीय अजगर कभी-कभी उससे भी लंबा हो जाता है। पर अनाकोंडा निश्चय ही विश्व का सबसे भारी सांप है। उसके शरीर का घेराव आसानी से तीन फुट हो सकता है।
अनाकोंडा की पहचान
उसके हल्के हरे रंग के शरीर पर बड़े-बड़े काले धब्बे बने होते हैं। सिर पर नाक से लेकर गर्दन तक दो काली धारियां होती हैं। अनाकोंडा समस्त दक्षिण अमरीका में पाया जाता है, खासकर के अमेजन नदी के घने जंगलों में। अजगर के समान ही अनाकोंडा के शरीर के निचले भाग में गुदा-द्वार के पास पिछली टांगों के अवशेष-स्वरूप दो कांटे रहते हैं। ये मैथुन के समय मादा को उकसाने में काम आते हैं। यद्यपि अनाकोंडा भी अजगर के ही कुल का सांप है, पर मादा अनाकोंडा अजगर के समान अंडे नहीं देती बल्कि जीवित बच्चों को जन्म देती है। नवजात अनाकोंडा 2-3 फुट लंबे होते हैं। वन्य अवस्था में अनाकोंडा 40-50 साल जीवित रहते हैं।
अनाकोंडा का शिकार करने का तरीका
अनाकोंडा सामान्यतः रात को सक्रिय रहता है। शिकार फंसाने के लिए वह छिछले पानी में बिना हिले-डुले लेटा रहता है। शरीर को पानी में डूबने से रोकने के लिए वह हवा निगल लेता है। किसी प्राणी के पानी पीने आने पर वह पानी से उछल कर उसे अपने मजबूत जबड़ों में पकड़ लेता है और अपने शरीर की कुंड़लियां उसके ऊपर डालकर उसे पानी में खींच लेता है। शिकार की मृत्यु पानी में डूबने अथवा कुंड़लियों के दबाव के कारण दम घुटने से होती है। अनाकोंडा द्वारा भींचे जाने से शिकार की हर हड्डी के चूर-चूर होने की बातें केवल किस्से-कहानियों में मिलती हैं और उनमें कोई सचाई नहीं है। वह मछली, छोटे-बड़े पक्षी, हिरण, सूअर, बड़े आकार के कृंतक (चूहे के वर्ग के जीव), पानी के कच्छुए और कभी-कभी मगर का शिकार करता है।
अपने से बड़े आकर के जीवो का निगल लेता है
सभी सांपों के समान वह अपने शरीर के घेराव से कहीं बड़े शिकार को निगल सकता है। एक बार एक 25 फुट लंबे अनाकोंडा ने 6 फुट लंबा मगर निगल लिया था। इतना बड़ा शिकार खाने के बाद उसे हफ्तों तक खाने की आवश्यकता नहीं रहती। वह चुपचाप किसी सुरक्षित जगह कुंड़लियों के बीच सिर छिपाए पड़ा रहता है। कभी-कभी अनाकोंडा जमीन पर आकर भी शिकार करता है। जमीन पर वह धीमी गति से ही रेंग सकता है। उसे पानी के ऊपर निकल आई वृक्ष-शाखाओं में लेटकर धूप सेंकना भी अच्छा लगता है।
अनाकोंडा की नजर
इस सांप की दृष्टि बहुत कमजोर होती है और वह काफी पास की चीजें ही साफ-साफ देख पाता है, यद्यपि उसके शिकार के हलचलों को वह तुरंत भांप लेता है। शिकार खोजने में उसकी तीव्र घ्राण शक्ति अधिक सहायक बनती है। अधिकांश सांपों के समान उसकी नाक के पास एक अन्य अवयव भी होता है जो शिकार के शरीर से उत्पन्न गरमी को ताड़ने में सहायता करता है। इसी से अनाकोंडा रात के अंधेर में भी शिकार खोज लेता है।
शेषनाग दुनिया का सबसे लम्बा सांप लम्बाई 100 फिट -Sheshnaag world's longest snake 100 feet in
जानिए दुनिया के नये सात अजूबों के बारे में-Learn about the New Seven Wonders of the World
संसार के 10 अजीब रहस्य जो किसी के बाप को भी समझ नही आये-10 of the world did not understand
अनाकोंडा लम्बाई और वजन
अनाकोंडा की औसत लंबाई 20 फुट होती है। पर बहुत से खोजी यात्रियों ने 150 फुट लंबे अनाकोंडा के होने की बातें कही हैं। उनके दावों में कितनी सचाई है, इसका पता लगाने के लिए अमरीका के राष्ट्रीय चिड़ियाघर ने कई साल पहले 30 फुट से ज्यादा लंबा अनाकोंडा लाने वाले को 5000 डालर का पुरस्कार घोषित किया था। इस पुरस्कार को आज तक किसी ने नहीं पाया है। इससे यह सिद्ध होता है कि इस सांप की लंबाई 20-25 फुट से अधिक नहीं होती और 100-150 फुट लंबे अनाकोंडा केवल खोजी यात्रियों के खयालों में होते हैं। इस दृष्टि से अनाकोंडा विश्व का सबसे लंबा सांप भी नहीं ठहरता क्योंकि भारतीय अजगर कभी-कभी उससे भी लंबा हो जाता है। पर अनाकोंडा निश्चय ही विश्व का सबसे भारी सांप है। उसके शरीर का घेराव आसानी से तीन फुट हो सकता है।
अनाकोंडा की पहचान
उसके हल्के हरे रंग के शरीर पर बड़े-बड़े काले धब्बे बने होते हैं। सिर पर नाक से लेकर गर्दन तक दो काली धारियां होती हैं। अनाकोंडा समस्त दक्षिण अमरीका में पाया जाता है, खासकर के अमेजन नदी के घने जंगलों में। अजगर के समान ही अनाकोंडा के शरीर के निचले भाग में गुदा-द्वार के पास पिछली टांगों के अवशेष-स्वरूप दो कांटे रहते हैं। ये मैथुन के समय मादा को उकसाने में काम आते हैं। यद्यपि अनाकोंडा भी अजगर के ही कुल का सांप है, पर मादा अनाकोंडा अजगर के समान अंडे नहीं देती बल्कि जीवित बच्चों को जन्म देती है। नवजात अनाकोंडा 2-3 फुट लंबे होते हैं। वन्य अवस्था में अनाकोंडा 40-50 साल जीवित रहते हैं।
अनाकोंडा का शिकार करने का तरीका
अनाकोंडा सामान्यतः रात को सक्रिय रहता है। शिकार फंसाने के लिए वह छिछले पानी में बिना हिले-डुले लेटा रहता है। शरीर को पानी में डूबने से रोकने के लिए वह हवा निगल लेता है। किसी प्राणी के पानी पीने आने पर वह पानी से उछल कर उसे अपने मजबूत जबड़ों में पकड़ लेता है और अपने शरीर की कुंड़लियां उसके ऊपर डालकर उसे पानी में खींच लेता है। शिकार की मृत्यु पानी में डूबने अथवा कुंड़लियों के दबाव के कारण दम घुटने से होती है। अनाकोंडा द्वारा भींचे जाने से शिकार की हर हड्डी के चूर-चूर होने की बातें केवल किस्से-कहानियों में मिलती हैं और उनमें कोई सचाई नहीं है। वह मछली, छोटे-बड़े पक्षी, हिरण, सूअर, बड़े आकार के कृंतक (चूहे के वर्ग के जीव), पानी के कच्छुए और कभी-कभी मगर का शिकार करता है।
अपने से बड़े आकर के जीवो का निगल लेता है
सभी सांपों के समान वह अपने शरीर के घेराव से कहीं बड़े शिकार को निगल सकता है। एक बार एक 25 फुट लंबे अनाकोंडा ने 6 फुट लंबा मगर निगल लिया था। इतना बड़ा शिकार खाने के बाद उसे हफ्तों तक खाने की आवश्यकता नहीं रहती। वह चुपचाप किसी सुरक्षित जगह कुंड़लियों के बीच सिर छिपाए पड़ा रहता है। कभी-कभी अनाकोंडा जमीन पर आकर भी शिकार करता है। जमीन पर वह धीमी गति से ही रेंग सकता है। उसे पानी के ऊपर निकल आई वृक्ष-शाखाओं में लेटकर धूप सेंकना भी अच्छा लगता है।
अनाकोंडा की नजर
इस सांप की दृष्टि बहुत कमजोर होती है और वह काफी पास की चीजें ही साफ-साफ देख पाता है, यद्यपि उसके शिकार के हलचलों को वह तुरंत भांप लेता है। शिकार खोजने में उसकी तीव्र घ्राण शक्ति अधिक सहायक बनती है। अधिकांश सांपों के समान उसकी नाक के पास एक अन्य अवयव भी होता है जो शिकार के शरीर से उत्पन्न गरमी को ताड़ने में सहायता करता है। इसी से अनाकोंडा रात के अंधेर में भी शिकार खोज लेता है।
ये भी देखे -
