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ladki ki pehli mahavari Periods kya hai
लड़कियों को जब पहला मासिक-धर्म होता है, तो वे काफी तनाव से गुज़रती हैं। उन्हें अकसर तरह-तरह की भावनाएँ आ घेरती हैं। जैसे, जवानी के साथ आनेवाले बदलावों से लड़के-लड़कियों के दिल में जो उलझन पैदा होती है, वही उलझन एक लड़की को पहले मासिक-धर्म के दौरान होती है। बहुत-सी लड़कियों को डर और चिंता सताने लगती है, क्योंकि या तो उन्हें मासिक-धर्म के बारे में गलत जानकारी होती है, या अकसर ऐसा होता है कि उन्हें ज़रा भी जानकारी नहीं होती।
0 से 15 साल की आयु की लड़की के अंडाशय हर महीने एक विकसित डिम्ब (अण्डा) उत्पन्न करना शुरू कर देते हैं। वह अण्डा अण्डवाहिका नली (फैलोपियन ट्यूव) के द्वारा नीचे जाता है जो कि अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। जब अण्डा गर्भाशय में पहुंचता है, उसका अस्तर रक्त और तरल पदार्थ से गाढ़ा हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि यदि अण्डा उर्वरित हो जाए, तो वह बढ़ सके और शिशु के जन्म के लिए उसके स्तर में विकसित हो सके। यदि उस डिम्ब का पुरूष के शुक्राणु से सम्मिलन न हो तो वह स्राव बन जाता है जो कि योनि से निष्कासित हो जाता है। इसी स्राव को मासिक धर्म, रजोधर्म या माहवारी (Menstural Cycle or MC) (Periods)कहते हैं।
ज्यादातर महिलाएं माहवारी (Menstrual cycle) की समस्याओं से परेशान रहती है लेकिन अज्ञानतावश या फिर शर्म या झिझक के कारण लगातार इस समस्या से जूझती रहती है। यहां समस्या बताने से पहले यह भी बता दें कि माहवारी है क्या. दरअसल दस से पन्द्रह साल की लड़की के अण्डाशय हर महीने एक परिपक्व अण्डा या अण्डाणु पैदा करने लगता है। वह अण्डा डिम्बवाही थैली (फेलोपियन ट्यूब) में संचरण करता है जो कि अण्डाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। जब अण्डा गर्भाशय में पहुंचता है तो रक्त एवं तरल पदाथॅ से मिलकर उसका अस्तर गाढ़ा होने लगता है। यह तभी होता है जब कि अण्डा उपजाऊ हो, वह बढ़ता है, अस्तर के अन्दर विकसित होकर बच्चा बन जाता है। गाढ़ा अस्तर उतर जाता है और वह माहवारी का रूधिर स्राव बन जाता है, जो कि योनि द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता है। जिस दौरान रूधिर स्राव होता रहता है उसे माहवारी अवधि/पीरियड कहते हैं। औरत के प्रजनन अंगों में होने वाले बदलावों के आवर्तन चक्र को माहवारी चक्र कहते हैं। यह हॉरमोन तन्त्र के नियन्त्रण में रहता है एवं प्रजनन के लिए जरूरी है। माहवारी चक्र की गिनती रूधिर स्राव के पहले दिन से की जाती है क्योंकि रजोधर्म प्रारम्भ का हॉरमोन चक्र से घनिष्ट तालमेल रहता है। माहवारी का रूधिर स्राव हर महीने में एक बार 28 से 32 दिनों के अन्तराल पर होता है। परन्तु महिलाओं को यह याद करना चाहिए कि माहवारी चक्र के किसी भी समय गर्भ होने की सम्भावना है।
लड़कियों को जब पहला मासिक-धर्म होता है, तो वे काफी तनाव से गुज़रती हैं। उन्हें अकसर तरह-तरह की भावनाएँ आ घेरती हैं। जैसे, जवानी के साथ आनेवाले बदलावों से लड़के-लड़कियों के दिल में जो उलझन पैदा होती है, वही उलझन एक लड़की को पहले मासिक-धर्म के दौरान होती है। बहुत-सी लड़कियों को डर और चिंता सताने लगती है, क्योंकि या तो उन्हें मासिक-धर्म के बारे में गलत जानकारी होती है, या अकसर ऐसा होता है कि उन्हें ज़रा भी जानकारी नहीं होती।
डरे नही ये सामान्य है -
आम तौर पर खून देखकर कौन नहीं डरता, सभी डर जाते हैं। क्योंकि लोगों का मानना है कि खून सिर्फ तभी बहता है जब एक इंसान को चोट लगती है और उसे दर्द भी होगा। इसलिए जब एक लड़की को मासिक-धर्म के बारे में सही जानकारी नहीं दी जाती या उसे तैयार नहीं किया जाता, तो वह गलत धारणाओं या मनगढ़ंत बातों को सच मान लेती है, या फिर अनजान रहती है और नतीजा, उसे कई गलतफहमियाँ हो सकती हैं। जैसे, वह सोच सकती है कि उसे कोई बीमारी है, उसे अंदर गहरी चोट पहुँची है या फिर उसे जो हो रहा है, वह बड़े शर्म की बात है।अपनी माता या शिक्षिका से पूछे -
लेकिन आपको को यह जानने की ज़रूरत है कि मासिक-धर्म में खून बहना, एक आम बात है और हर सेहतमंद लड़की इससे गुज़रती है। जिन लड़कियों का पहला मासिक-धर्म शुरू होने पर है, वे अकसर यह जानने के लिए उत्सुक होती हैं कि इस दौरान क्या होगा। शायद उन्होंने स्कूल में दूसरी लड़कियों को इस बारे में बात करते सुना होगा। उनके मन में ढेरों सवाल कुलबुलाते हैं, मगर कैसे पूछे यह उन्हें समझ में नहीं आता। हो सकता है इस विषय पर बात करने में उन्हें शर्म महसूस हो।(Periods)माहवारी क्या है और सामान्य अवधि क्या है?
मासिक धर्म (Periods) से सबन्धित समस्याएँ होना साधारण बात है अक्सर माहवारी की अनियमिता हो जाती है ,अर्थात कई बार रक्तस्त्राव बहुत अधिक हो जाता है और कई बार क्या होता है बिलकुल ही नहीं होता ! और कभी कभी ऐसा भी होता है की ये 2-3 दिन होना चाहिए लेकिन 1 ही दिन होता है ,और कई बार 15 दिन ही दुबारा आ जाता है ! और कई बार 2 महीने तक नहीं आता !0 से 15 साल की आयु की लड़की के अंडाशय हर महीने एक विकसित डिम्ब (अण्डा) उत्पन्न करना शुरू कर देते हैं। वह अण्डा अण्डवाहिका नली (फैलोपियन ट्यूव) के द्वारा नीचे जाता है जो कि अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। जब अण्डा गर्भाशय में पहुंचता है, उसका अस्तर रक्त और तरल पदार्थ से गाढ़ा हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि यदि अण्डा उर्वरित हो जाए, तो वह बढ़ सके और शिशु के जन्म के लिए उसके स्तर में विकसित हो सके। यदि उस डिम्ब का पुरूष के शुक्राणु से सम्मिलन न हो तो वह स्राव बन जाता है जो कि योनि से निष्कासित हो जाता है। इसी स्राव को मासिक धर्म, रजोधर्म या माहवारी (Menstural Cycle or MC) (Periods)कहते हैं।
Menstruation-महवारी केसे और क्यों होती है -(Periods)
माहवारी चक्र महीने में एक बार होता है, सामान्यतः 28 से 32 दिनों में एक बार। हालांकि अधिकतर मासिक धर्म का समय तीन से पांच दिन रहता है परन्तु दो से सात दिन तक की अवधि को सामान्य माना जाता है।ज्यादातर महिलाएं माहवारी (Menstrual cycle) की समस्याओं से परेशान रहती है लेकिन अज्ञानतावश या फिर शर्म या झिझक के कारण लगातार इस समस्या से जूझती रहती है। यहां समस्या बताने से पहले यह भी बता दें कि माहवारी है क्या. दरअसल दस से पन्द्रह साल की लड़की के अण्डाशय हर महीने एक परिपक्व अण्डा या अण्डाणु पैदा करने लगता है। वह अण्डा डिम्बवाही थैली (फेलोपियन ट्यूब) में संचरण करता है जो कि अण्डाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। जब अण्डा गर्भाशय में पहुंचता है तो रक्त एवं तरल पदाथॅ से मिलकर उसका अस्तर गाढ़ा होने लगता है। यह तभी होता है जब कि अण्डा उपजाऊ हो, वह बढ़ता है, अस्तर के अन्दर विकसित होकर बच्चा बन जाता है। गाढ़ा अस्तर उतर जाता है और वह माहवारी का रूधिर स्राव बन जाता है, जो कि योनि द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता है। जिस दौरान रूधिर स्राव होता रहता है उसे माहवारी अवधि/पीरियड कहते हैं। औरत के प्रजनन अंगों में होने वाले बदलावों के आवर्तन चक्र को माहवारी चक्र कहते हैं। यह हॉरमोन तन्त्र के नियन्त्रण में रहता है एवं प्रजनन के लिए जरूरी है। माहवारी चक्र की गिनती रूधिर स्राव के पहले दिन से की जाती है क्योंकि रजोधर्म प्रारम्भ का हॉरमोन चक्र से घनिष्ट तालमेल रहता है। माहवारी का रूधिर स्राव हर महीने में एक बार 28 से 32 दिनों के अन्तराल पर होता है। परन्तु महिलाओं को यह याद करना चाहिए कि माहवारी चक्र के किसी भी समय गर्भ होने की सम्भावना है।
