loading...
kamsin umr kam umr bali umar me sex vasna
छोटी उम्र यानी कि किशोरावस्था वह समय होता हैं जब शरीर के हार्मोन्स में सबसे अधिक बदलाव होता हैं. इसी समय वह यौन गतिविधियों में रूचि लेना शुरू कर देता हैं. इसी के चलते कई किशोर असुरक्षित यौन सम्बन्ध कर बैठते हैं. लेकिन कामुकता के चलते यह किशोर किशोरियां इसके पिछे छिपे खतरे को भूल जाते हैं
.
शोधकर्ताओं ने कहा, “यह शोध दिखाता है कि कम उम्र में यौन संबंधों से एसटीआई से दो-चार होने का जोखिम बढ़ता है।”
सियोल के योनसेई विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस शोध के लिए कोरिया के युवा जोखिम व्यवहार का एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण डाटा आजमाया। कोरियन सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन द्वारा सालाना युवा जोखिम व्यवहार का सर्वेक्षण कराया जाता है।
इनमें से करीब 7.4 फीसदी किशोरों एवं 7.5 फीसदी किशोरियों ने एसटीआई से दो-चार होने की बात कही। शोधकर्ताओं ने पाया कि लड़के व लड़कियों दोनों में पहले यौन संबंध के वक्त उम्र कम होने की वजह से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शंस बढ़ गया।
वेबसाइट ‘यूथहेल्थमैग डॉट कॉम’ की रिपोर्ट के अनुसार, 12वीं कक्षा में पहली बार यौन संबंध बनाने वाले किशोरों की तुलना में सातवीं कक्षा में पहली बार यौन संबंध बनाने वाले किशोर-किशोरियां एसटीआई से तीन गुना ज्यादा प्रभावित हुए।
शोध के नतीजे जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में प्रकाशित हुए हैं।
छोटी उम्र यानी कि किशोरावस्था वह समय होता हैं जब शरीर के हार्मोन्स में सबसे अधिक बदलाव होता हैं. इसी समय वह यौन गतिविधियों में रूचि लेना शुरू कर देता हैं. इसी के चलते कई किशोर असुरक्षित यौन सम्बन्ध कर बैठते हैं. लेकिन कामुकता के चलते यह किशोर किशोरियां इसके पिछे छिपे खतरे को भूल जाते हैं
.
असुरक्षित यौन सम्बन्ध के दौरान सबसे बड़ा खतरा-
असुरक्षित यौन सम्बन्ध के दौरान सबसे बड़ा खतरा सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शंस (एसटीआई) होने का रहता है. एसटीआई में सूजाक, सिफलिस, क्लैमाइडिया, एचआईवी या दूसरे संक्रमण वाली बीमारियां शामिल हैं. सिर्फ शारीरिक ही नहीं कई किशोर सेक्स के बाद मानसिक रूप से भी डिस्टर्ब रहते हैं. इस विषय को लेकर सियोल के योनसेई विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक रीसर्च की. रिसर्च के दौरान कम उम्र में यौन संबंध बनाने वाले 22,381 नाबालिगों से सवालात किए गए. इनमें से करीब 7.4 प्रतिसत किशोर और 7.5 फीसदी किशोरियां एसटीआई से प्रभावित पाए गए. इसमें यह भी सामने आया कि 12वीं कक्षा में पहली बार यौन संबंध बनाने वाले किशोरों की तुलना में सातवीं कक्षा में पहली बार यौन संबंध बनाने वाले किशोर-किशोरियां एसटीआई से तीन गुना ज्यादा प्रभावित हुए.गभीर बीमारी का खतरा -
कच्ची उम्र में यौन संबंध बनाने वाले किशोर-किशोरियों में सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शंस (एसटीआई) होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। एसटीआई में सूजाक (गानरी), उपदंश (सिफलिस), क्लैमाइडिया, एचआईवी जैसे संक्रमण वाली बीमारियां शामिल हैं।कम उम्र में सेक्स यौन रोग का खतरा-
एक शोध में कहा गया है कि दुनियाभर में चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक समस्याओं की चपेट में आने की वजहों में यौन संबंधों से होने वाला संक्रमण सबसे प्रमुख वजह है।शोधकर्ताओं ने कहा, “यह शोध दिखाता है कि कम उम्र में यौन संबंधों से एसटीआई से दो-चार होने का जोखिम बढ़ता है।”
सियोल के योनसेई विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस शोध के लिए कोरिया के युवा जोखिम व्यवहार का एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण डाटा आजमाया। कोरियन सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन द्वारा सालाना युवा जोखिम व्यवहार का सर्वेक्षण कराया जाता है।
सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शंस-
इस विश्लेषण में यौन संबंध स्थापित कर चुके 22,381 नाबालिगों के जवाबों को शामिल किया गया था।इनमें से करीब 7.4 फीसदी किशोरों एवं 7.5 फीसदी किशोरियों ने एसटीआई से दो-चार होने की बात कही। शोधकर्ताओं ने पाया कि लड़के व लड़कियों दोनों में पहले यौन संबंध के वक्त उम्र कम होने की वजह से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शंस बढ़ गया।
वेबसाइट ‘यूथहेल्थमैग डॉट कॉम’ की रिपोर्ट के अनुसार, 12वीं कक्षा में पहली बार यौन संबंध बनाने वाले किशोरों की तुलना में सातवीं कक्षा में पहली बार यौन संबंध बनाने वाले किशोर-किशोरियां एसटीआई से तीन गुना ज्यादा प्रभावित हुए।
शोध के नतीजे जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में प्रकाशित हुए हैं।
