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विज्ञानं के शेत्र में भारत और भारतीय वैज्ञानिको ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है | और बड़ी और महान खोजे इन भारतीये वैज्ञानिको ने की है | और इन खोजो को पूरी दुनिया ने सराहा और सम्मान दिया है | इनकी खीजो ने दुनिया को आश्चर्य में डाला दिया था , तो जानिए इन वैज्ञानिको और इनकी खोजो के बारे में
सी वी रमन
इनका जन्म 1888 को मद्रास में हुआ था इन्होने प्रकाश के प्रकिणन पर उलेखनीये कार्य किया | इसके लिए इनको वर्ष 1930 में भोतिकी के नोबल पुस्कार से सम्मानित किया गया था | उनके इस खोज को ,रामन प्रभाव , के नाम से जाना जाता है |
होमी जहांगीर भाभा
इनका जन्म 1909 में मुंबई में हुआ था | ये भारतीय परमाणु उर्जा कार्यक्रम के जनक और स्वप्नद्रष्टा थे | इन्होने ही नाभिकिय उर्जा से विधुत उर्जा में उत्पन्न करने की कल्पना को साकार कर के दिखाया था | इन्होने ही भारत के प्रथम परमाणु परिक्षण का सूत्रपात किया और उसको संपन किया और देश को परमाणु संपन्न देश बनाया था |
हरगोविंद खुराना
इनका जन्म 1922 में रायपुर ( मुल्तान ) में हुआ था | इन्होने एमिनो अम्लो की संरचना तथा अनुवांशिक के संबंधो की खोज की और इसके लिए इनको नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था | इन्होने अनुवांशिकीय रोगों के कारण और निदान में अमूल्य योगदान दिया था |
एपीजे अब्दुल कलाम
इनका जन्म 1931 में रामेश्वरम में हुआ था | इन्होने रक्षा और अन्तरिक्ष अनुसन्धान के शेत्र में देश के लिए अहम् योगदान दिया और देश को मिसाइल तकनीक में अगली लाइन में खड़ा किया | बैलेस्तिक मिसाइल व प्रषेपण तकनीक के लिए भारत में मिसाइल मेन के रूप में जाने जाते है
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होमी जहांगीर भाभा
इनका जन्म 1909 में मुंबई में हुआ था | ये भारतीय परमाणु उर्जा कार्यक्रम के जनक और स्वप्नद्रष्टा थे | इन्होने ही नाभिकिय उर्जा से विधुत उर्जा में उत्पन्न करने की कल्पना को साकार कर के दिखाया था | इन्होने ही भारत के प्रथम परमाणु परिक्षण का सूत्रपात किया और उसको संपन किया और देश को परमाणु संपन्न देश बनाया था |
हरगोविंद खुराना
इनका जन्म 1922 में रायपुर ( मुल्तान ) में हुआ था | इन्होने एमिनो अम्लो की संरचना तथा अनुवांशिक के संबंधो की खोज की और इसके लिए इनको नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था | इन्होने अनुवांशिकीय रोगों के कारण और निदान में अमूल्य योगदान दिया था |
एपीजे अब्दुल कलाम
इनका जन्म 1931 में रामेश्वरम में हुआ था | इन्होने रक्षा और अन्तरिक्ष अनुसन्धान के शेत्र में देश के लिए अहम् योगदान दिया और देश को मिसाइल तकनीक में अगली लाइन में खड़ा किया | बैलेस्तिक मिसाइल व प्रषेपण तकनीक के लिए भारत में मिसाइल मेन के रूप में जाने जाते है
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